देहरादून: जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने की घटना के चलते मलबा आने से कुछ क्षेत्रों में नुकसान की खबरें आ रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं। यहां जानमाल का नुकसान हुआ है।
प्रभावित क्षेत्रों में sdrf ,NH, PWD, PMGSY की अलग अलग टीम रास्ता खोलने के लिए जुटी हुई हैं। प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित कर राहत एवं बचाव दल भेजे जा रहे हैं। जिला स्तर से विभिन्न अधिकारियों को संबंधित राजस्व निरीक्षक एवं अन्य कार्मिकों के साथ प्रभावित ग्रामों में तत्काल कार्यवाही के लिए भेज दिया गया है। रुद्रप्रयाग में जिले में स्यूर में एक मकान क्षतिग्रस्त होने एवं वाहन (बोलेरो) बहने की खबर है ,बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी गांव के दोनों ओर गदेरे में पानी और मलबा आने के बाद रास्ते बंद है। किमाणा में खेती की भूमि एवं सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर गिर रहे हैं अरखुण्ड में मछली तालाब एवं मुर्गी फार्म बहने जाने की सूचना।

छेनागाड़ (बाजार क्षेत्र)
बाजार में मलबा भरने एवं वाहनों के नदी की तरफ बह गए हैं। छेनागाड़ डुगर गांव में कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है। जबकि जौला बड़ेथ में कुछ लोगों के गुमशुदा होने की सूचना है। जिला प्रशासन प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता एवं सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। राहत व बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीमें सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं।
पौड़ी गढ़वाल में भारी वर्षा
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल ज़िले के श्रीनगर में अलकनंदा नदी इसके चेतावनी स्तर 535 मीटर से 0.20 मीटर ऊपर और इसके ख़तरे के स्तर 536 मीटर से 0.80 मीटर नीचे है। यहां धारी देवी मंदिर परिसर से लोगों को दूर भेजा गया है। विगत रात्रि प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में हुई अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थितियों की समीक्षा करने तथा हालात का जायजा लेने के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने आपदा कंट्रोल रूम में बैठक कर हालात का जायजा लिया और जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए है। अलखनंदा का पानी सड़कों पर आ गया है। पुलिस फायर ब्रिगेड के जवानों ने मुनादी कर लोगों को सचेत किया है।

चमोली डीएम संदीप तिवारी ने बताया कि सुबह से जिले में भारी बारिश है और भूस्खलन की घटनाएं हो रही है। बंद रास्ते खोले जाने में मौसम बाधक हो रहा है। अलखनंदा उफान पर है। देवप्रयाग में अलखनंदा और भागीरथी के संगम स्थल पर गंगा रौद्र रूप धारण कर आगे बह रही है। ऋषिकेश हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। यहां से यूपी को बाढ़ की चेतावनी भी जारी कर दी गई है। उधर टौंस जमुना का जल स्तर भी बढ़ गया है। जिसके बाद हिमाचल के पौंटा साहिब और हरियाणा के शहरों के साथ साथ दिल्ली को भी संभावित बाढ़ के खतरों के लिए सचेत किया गया है। हथिनीकुंड से यमुना जी का जल दिल्ली की तरफ बाढ़ के रूप में बह रहा है।
पिथौरागढ़ के मापांग में भी भूस्खलन
पिथौरागढ़ सीमांत क्षेत्र मापांग में हुए भूस्खलन के मलबे में 5 सौ से अधिक भेड़ों के दबने की भी खबर है। भारत नेपाल के बीच बहने वाली काली गंगा शारदा का जलस्तर भी रौद्र रूप ले चुका है , जिसके बाद पीलीभीत लखीमपुर खीरी और शाहजहांपुर के इलाकों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने की आपात बैठक
अपने आवास पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहाड़ों पर हो रही बारिश के बाद उत्पन्न स्थिति पर बैठक कर। प्रभावित जिलों के डीएम से फीड बैक लिया है। जानकारी के मुताबिक, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल पौड़ी,पिथौरागढ़,चंपावत जिले में आपदा से पैदा हुए हालात का सामना करने के लिए एसडीआरएफ एनडीआरएफ के अलावा आसपास के सेना, अर्ध सैनिक संगठनों को भी मदद के लिए बुलाए जाने के लिए कहा गया है।
सीएम धामी ने आपदा के दौरान गंभीर रूप से घायल लोगों को और गर्भवती महिलाओं को एम्स अथवा श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में भेजे जाने की व्यवस्था करने को कहा है। सीएम धामी ने बीआरओ के महानिदेशक से भी दूरभाष पर बात करके सीमांत सड़कों को जल्द से जल्द खोले जाने की आवश्यकता जताई है।

















