अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया भर में कथित शांति स्थापित करने के मिशन पर हैं। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को 24 घंटे में खत्म करने का दंभ भरते थे, लेकिन वो ऐसा तो नहीं कर पाए। हो ये रहा है कि जिस यूक्रेन को वो अब तक हथियार देते आए हैं, वो तक उनकी बात नहीं सुन रहा है। इस बीच ट्रंप ने 25 अगस्त 2025 को व्हाइट हाउस में दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के साथ मुलाकात की। साथ ही उन्होंने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन से भी मिलने की इच्छा जताई। अब ट्रंप कोरियाई प्रायद्वीप में शांति स्थापना की बात कर रहे हैं।
ट्रंप और ली की मुलाकात का माहौल
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में हुई इस मुलाकात में माहौल शुरू में थोड़ा तनावपूर्ण था। ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया पर दक्षिण कोरिया की सरकार के खिलाफ कुछ अस्पष्ट टिप्पणियां की थीं, जिसमें उन्होंने वहां “शुद्धिकरण या क्रांति” जैसे शब्दों का जिक्र किया। ये टिप्पणियां दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल के दिसंबर में मार्शल लॉ लागू करने की कोशिश से जुड़ी थीं, जिसके बाद उनकी सत्ता से बर्खास्तगी हुई। हालांकि, बाद में ट्रंप ने इन टिप्पणियों को “गलतफहमी” बताकर माहौल को हल्का करने की कोशिश की। ली ने भी इस मौके पर टकराव से बचते हुए ट्रंप की तारीफ की और उनके पहले कार्यकाल की कूटनीति को सराहा।
उत्तर कोरिया के साथ शांति की उम्मीद
ली ने ट्रंप से कोरियाई प्रायद्वीप में शांति स्थापित करने में मदद मांगी, जो दुनिया का एकमात्र विभाजित देश है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि ट्रंप उत्तर कोरिया में “ट्रंप वर्ल्ड” जैसा रियल-एस्टेट प्रोजेक्ट शुरू कर सकते हैं और वहां गोल्फ खेलने का मौका मिल सकता है। ली ने कहा, “आपके पहले कार्यकाल में कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति स्थिर थी, लेकिन उत्तर कोरिया ने अपनी परमाणु मिसाइल क्षमता को और बढ़ाया।” ट्रंप ने जवाब में कहा कि वह किम जोंग-उन से इस साल मुलाकात करना चाहते हैं और उनके साथ “बहुत अच्छे रिश्ते” हैं। ट्रंप ने 2018-2019 में किम के साथ तीन बार मुलाकात की थी, हालांकि तब परमाणु निरस्त्रीकरण पर कोई ठोस समझौता नहीं हो सका।
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व्यापार और सुरक्षा पर बातचीत
इस मुलाकात में व्यापार और सुरक्षा के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जुलाई में अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच एक व्यापार समझौता हुआ था, जिसमें दक्षिण कोरिया के निर्यात पर 25% की बजाय 15% टैरिफ लगाने की बात हुई। इसके बदले दक्षिण कोरिया ने अमेरिका में 350 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया है, जिसमें जहाज निर्माण क्षेत्र में 150 मिलियन डॉलर शामिल हैं। ट्रंप ने दक्षिण कोरिया में तैनात 28,500 अमेरिकी सैनिकों के खर्च पर भी बात की, लेकिन सैनिकों की संख्या कम करने के सवाल को टाल दिया। दूसरी ओर, उत्तर कोरिया ने हाल ही में नई हवाई रक्षा मिसाइलों का परीक्षण किया, जिसे लेकर किम जोंग-उन ने अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यासों की निंदा की।
उत्तर कोरिया का रुख
उत्तर कोरिया की ओर से किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने हाल ही में कहा कि उनका देश अब परमाणु हथियारों वाले राष्ट्र के रूप में मान्यता चाहता है। उन्होंने ट्रंप के साथ व्यक्तिगत रिश्तों को “बुरा नहीं” बताया, लेकिन परमाणु निरस्त्रीकरण की बातचीत को “मजाक” करार दिया। उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के साथ संबंध सुधारने से भी इनकार किया है, जिससे ली की शांति की कोशिशों को झटका लगा है।

















