मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमाद्रि आइस रिंक सिल्वर जुबली स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रायपुर में आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी-2025 के समापन समारोह में भाग लिया। मुख्यमंत्री धामी ने थाईलैंड को एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश भर से आए खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि यह बड़े गर्व की बात है कि देवभूमि उत्तराखंड को भारत में पहली बार आयोजित हो रही इस अंतरराष्ट्रीय शीतकालीन खेल प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एशिया के 11 देशों के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने 9 विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया और अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारत के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया है और 4 स्वर्ण पदक सहित कई पदक जीते हैं। पूरा विश्वास है कि यह प्रतियोगिता भारत में शीतकालीन खेलों के एक नए युग की शुरुआत करेगी और हमारे खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने कार्यकाल की शुरुआत से ही ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में भारत खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। उनके मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष हमारे राज्य में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन ने उत्तराखण्ड को ‘‘देवभूमि’’ के साथ-साथ ‘‘खेलभूमि’’ के रूप में स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। इन खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 7वां स्थान हासिल कर नया इतिहास रचा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में 517 करोड़ रूपये की लागत से अत्याधुनिक स्टेडियम बनाकर तथा लगभग 100 करोड़ रूपये की लागत से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरण लाकर विश्वस्तरीय खेल अवस्थापना विकसित की गई है।इसी का परिणाम है कि आज उत्तराखण्ड न केवल राष्ट्रीय बल्कि अन्तर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए भी महत्वपूर्ण स्थान बनता जा रहा है। इसके साथ ही, आज ये विश्वस्तरीय स्टेडियम और खेल सुविधाएं राज्य के खिलाड़ियों के प्रशिक्षण का मजबूत आधार बन गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने देवभूमि उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से ही वर्षों से बंद पड़ी इस हिमाद्रि आइस रिंक का जीर्णोद्धार कर इसे पुनः खिलाड़ियों के लिए समर्पित किया है। यह देश की एकमात्र ओलिंपिक स्टैण्डर्ड आइस रिंक है, जिसमें खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु अत्याधुनिक व्यवस्थाएँ की गई हैं।आज 14 वर्षों के बाद पुनः इस रिंक पर अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन होना उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश के लिए गौरव की बात है।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने हेतु राज्य में स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान भी लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। हम राज्य में प्रथम खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास तथा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हमारी सरकार ने नई खेल नीति लागू की है। इस नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही, हमारी सरकार ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम कर रही है। हम ‘उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार’ और ‘हिमालय खेल रत्न पुरस्कार’ प्रदान कर खिलाड़ियों की योग्यता को भी सम्मानित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, हमने राज्य की राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू कर दिया है, जिससे हमारे खिलाड़ियों के परिश्रम और उत्कृष्टता को उचित अवसर और सम्मान मिल सके।
इस अवसर पर विशेष सचिव अमित सिन्हा, आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष अमिताभ शर्मा व अन्य पदाधिकारी, एशियन स्केटिंग यूनियन, उत्तराखंड आइस स्केटिंग एसोसिएशन के पदाधिकारी,आयोजक और खेल विभाग के अधिकारी, खिलाड़ी व प्रशिक्षक सहित बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

















