नई दिल्ली: पाकिस्तान की सियासत में बड़ी हलचल होने वाली है। पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक इमरान खान और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के बीच बड़ी डील हो सकती है। पाक में ये अटकलें तेज हो गई हैं। दरअसल, इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट से आठ मामलों में जमानत मिल गई है। ऐसे में वह जल्द ही जेल से बाहर आ सकते हैं।
लगातार कमजोर हो रहे हैं पीएम शहबाज
दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की स्थिति ठीक नहीं है। देश में उनकी स्थिति कमजोर होती दिख रही है। ऐसे में इमरान और मुनीर के समझौते को और ज्यादा बल मिल रहा है। शहबाज शरीफ की कुर्सी चार साल में दो बार अस्थिर हो चुकी है। 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शहबाज शरीफ ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तारीफों के पुल बांधे थे। ये पुल इसलिए बांधे जा रहे थे ताकि पीएम की कुर्सी पर कोई खतरा न हो।

इमरान खान के साथ सुलह को तैयार फौज?
पाकिस्तान में सियासत सेना चलाती है। यह बात किसी से छिपी नहीं है। सेना जब चाहे तख्ता पलट कर देती है। किसको तख्त पर बैठाना है और किसको जेल की सलाखों के पीछे धकेलना है, यह सेना ही तय करती है। दरअसल,आसिम मुनीर इमरान खान से समझौते की बात कर चुके हैं। ‘द जंग’ अखबार में छपे एक लेख में यह बात कही गई है। यह लेख वरिष्ठ पत्रकार सुहैल वराइच ने लिखा है। जिसमें दावा किया गया है कि फौज इमरान खान के साथ सुलह को तैयार है। ऐसा तब हो सकता है जब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान 9 मई 2023 की हिंसा के लिए माफी मांगें। इन अटकलों से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की कुर्सी खतरे में पड़ गई।
हालांकि वहां की फौज ऐसी अटकलों को खारीज कर चुकी है। लेकिन सवाल उठ रहा है कि अगर यह खबर झूठी थी तो फौज ने फौरन खंडन क्यों नहीं किया? पत्रकार अम्मार मसूद ही यह सवाल उठा रहे हैं कि अगर यह खबर झूठी थी तो फौज ने तीन दिन तक खंडन क्यों नहीं किया? पाकिस्तान में इमरान खान और फौज के बीच गुप्त बातचीत की चर्चा भी जोरों पर है। वहीं, आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ के बीच सियासी खींचतान भी जारी है।

















