अखिल भारतीय नाथ समाज ने उत्तराखंड की धामी सरकार से मांग की है कि राज्य में “गोरखधंधा” शब्द पर प्रतिबंध लगाया जाए। इस आशय का एक पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया गया है। उल्लेखनीय है कि नाथ संप्रदाय के अनुरोध पर भारत सरकार ने 19 नवंबर 2018 को गोरखधंधा शब्द के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था।
भारत सरकार के इस फैसले के बाद हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में गोरखधंधा शब्द के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी कर दिया गया है।अखिल भारतीय नाथ समाज के प्रमुख योगी राधे श्यामनाथ ने बताया कि इस आशय का एक पत्र उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी भेजा गया है।
उल्लेखनीय है कि “गोरखधंधा” शब्द की उत्पत्ति गुरु गोरखनाथ से जुड़ी है, जो एक प्रसिद्ध योगी थे। कहा जाता है कि उनके द्वारा खोजी गई योग पद्धतियाँ इतनी जटिल थीं कि लोग भ्रमित हो जाते थे। इसलिए, इस शब्द का प्रयोग पहले “समझने में कठिन” या “जटिल” के अर्थ में किया जाता था। लेकिन समय के साथ इसका प्रयोग नकारात्मक अर्थों में होने लगा और यह धोखाधड़ी, छल और अनैतिक कार्यों का पर्याय बन गया। जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार भी अन्य राज्यों की तरह इस शब्द के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है।

















