केंद्र सरकार ने ऋषिकेश में एचटी/एलटी लाइनों को भूमिगत करने और स्काडा ऑटोमेशन के लिए आरडीएसएस योजना के तहत यूपीसीएल को 547.73 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार व्यक्त किया।
आगमी कुंभ 2027 की दृष्टि से ऋषिकेश हरिद्वार कॉरिडोर का काम अब तेज होने लगा है। केंद्र सरकार द्वारा यूपीसीएल, उत्तराखण्ड द्वारा ऋषिकेश के गंगा कॉरिडोर में एच.टी./एल.टी. लाइनों के भूमिगतकरण एवं एससीएडीए ऑटोमेशन हेतु कुल परियोजना लागत ₹547.73 करोड़ (समानांतर जीबीएस ₹493.05 करोड़ सहित) तथा पी.एम.ए. शुल्क @ 1.5% परियोजना लागत (₹8.22 करोड़, जिसमें जीबीएस ₹7.39 करोड़) के साथ योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है| कुछ समय पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शहरी विकास, ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर कुंभ योजनाओं के लिए केंद्र से सहायता मांगी थी।
हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत ऋषिकेश के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एचटी/एलटी विद्युत लाइनें भूमिगत बिछाई जाएंगी तथा स्काडा ऑटोमेशन प्रणाली भी लागू की जाएगी, जिससे विद्युत आपूर्ति में पारदर्शिता, निगरानी एवं त्वरित सुधार सुनिश्चित होगा।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश के गंगा कॉरिडोर क्षेत्र में बिजली लाइनों को भूमिगत करने और स्वचालित करने के लिए पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएफसी) द्वारा 547.73 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
ऋषिकेश जैसे आध्यात्मिक, पर्यटन एवं कुंभ क्षेत्र के लिए यह परियोजना न केवल विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी, बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण, सुरक्षा एवं पर्यावरण संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उत्तराखंड सरकार इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी, ताकि राज्य की जनता को गुणवत्तापूर्ण, निरंतर और सुरक्षित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

















