महाराष्ट्र चुनावों से जुड़े विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर नागपुर पुलिस ने विकासशील समाज अध्ययन केंद्र (CSDS) के अधिकारी संजय कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह एफआईआर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 175, 353(1)(बी), 212, और 340(1)(2) के तहत दर्ज की गई है।
क्या था मामला?
जानकारी के लिए बता दें कि 17 अगस्त को संजय कुमार ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक पोस्ट साझा किया था, जिसमें उन्होंने नासिक पश्चिम और हिंगना निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि का दावा किया। कुमार के अनुसार,नासिक पश्चिम में मतदाताओं की संख्या 328,053 से बढ़कर 483,459 हो गई, जो 47.38% की वृद्धि थी, वहीं हिंगना में यह आंकड़ा 314,605 से बढ़कर 450,414 हो गया, जो 43.08% की बढ़ोतरी थी। कुमार ने इसे चुनावी प्रक्रिया में संभावित गड़बड़ी का संकेत मानते हुए चिंता जताई थी।
संजय कुमार के पोस्ट के वायरल होने के बाद, इस पर विवाद ने तूल पकड़ लिया। कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि मतदाता सूची में जानबूझकर गड़बड़ी की गई है।
संजय कुमार ने मांगी थी माफी
विवाद बढ़ने के बाद 19 अगस्त को संजय कुमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर माफी मांगते हुए लिखा कि मैं महाराष्ट्र चुनावों के संदर्भ में किए गए अपने ट्वीट के लिए माफी मांगता हुं। 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के आंकड़ों की तुलना करते समय एक गलती हुई थी। हमारी डेटा टीम ने आंकड़ों को गलत पढ़ा था। मैंने अब उस ट्वीट को हटा लिया है और मेरा किसी भी प्रकार की गलत सूचना फैलाने का कोई इरादा नहीं था।
पुलिस कर रही आगे की कार्रवाई
माफी के बावजूद नागपुर पुलिस ने संजय कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है,जिसमें उनके ऊपर झूठी सूचना फैलाने और चुनाव संबंधी उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है

















