उधम सिंह नगर: बाजपुर पुलिस ने दोराहा चौक से एक बेहद शातिर को गिरफ्तार किया है जो भूत-प्रेत भगाने और इलाज के नाम पर भोले-भाले लोगों को ठगता था और युवतियों से छेड़छाड़ व शोषण करता था। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि यह मामला बाजपुर के चौकी दोराहा क्षेत्र का है, जहां एक महिला की दो बेटियां काफी समय से बीमार थीं। कई डॉक्टरों से इलाज कराने के बावजूद जब उनके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ तो पूरा परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से टूट गया। इसका फायदा उठाकर एक परिचित ने उन्हें कनौरा गांव में रहने वाले महमूद नाम के व्यक्ति के बारे में बताया, जो खुद को सिद्ध और चमत्कारी बाबा बताता था। एसएसपी ने बताया कि पुलिस की गहन जांच में आरोपी महमूद की धोखाधड़ी की कई परतें सामने आई हैं। वह लोगों को फंसाने के लिए एक सुनियोजित रणनीति का इस्तेमाल करता था।
हिंदू नाम से जालसाजी
महमूद अपने नाम का इस्तेमाल नहीं करता था। वह अपना परिचय हिंदू नाम से देते थे ताकि लोग उन पर आसानी से भरोसा कर सकें। वह जानता था कि भारत में धार्मिक आस्था का महत्व कितना अधिक है, इसलिए वह इसी विश्वास का फायदा उठाता था।
भावनात्मक कमजोरी का शिकार
वह विशेष रूप से उन परिवारों को निशाना बनाता था जो किसी बीमारी, गरीबी या पारिवारिक समस्या से जूझ रहे होते थे। ऐसे लोग निराशा में होते हैं और किसी भी तरह की मदद के लिए तैयार होते हैं। महमूद उनकी इस भावनात्मक कमजोरी का फायदा उठाता था।
सम्मोहन का मनोवैज्ञानिक खेल
जांच से पता चला है कि महमूद न केवल ओझा होने का नाटक करता था, बल्कि वह सम्मोहन शक्तियों का भी इस्तेमाल करता था।वह पीड़ितों पर मनोवैज्ञानिक दबाव डालता था, जिसके कारण वे उसके प्रभाव में आ जाते थे और उसकी हर आज्ञा का पालन करने लगते थे। इस तकनीक के माध्यम से वह उन्हें पूरी तरह से अपने नियंत्रण में ले लेता था।
लगातार ठिकाने बदलना
महमूद एक जगह पर ज्यादा दिन नहीं ठहरता था। वह अलग-अलग इलाकों और जिलों में घूम-घूमकर नए शिकार की तलाश करता था। इस तरह वह पुलिस की नजरों से बचता था और अपने नेटवर्क को भी फैलाता रहता था।
इलाज के बहाने यौन शोषण
जब पीड़िताओं को महमूद के पास ले जाया गया, तो उसने उन्हें अलग-अलग कमरों में बुलाया। उसने यह दावा किया कि वह उनकी बीमारी को छूकर ठीक कर देगा। इसी बहाने उसने दोनों बहनों के साथ अभद्र हरकतें कीं। दोनों लड़कियों ने घबराकर अपनी मां को पूरी घटना बताई, जिसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचित किया।
अंतरराज्यीय नेटवर्क
एसएसपी ने बताया कि पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, इस का नेटवर्क केवल उत्तराखंड तक ही सीमित नहीं था, बल्कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे पीलीभीत, बरेली और मुरादाबाद में भी फैला हुआ था। पुलिस अब इन जगहों पर भी जांच कर रही है ताकि उसके अन्य पीड़ितों का पता लगाया जा सके। एसएसपी मिश्रा ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर, बाजपुर पुलिस ने आरोपी महमूद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और पॉक्सो एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।

















