धामी सरकार के फर्जी राशन कार्डों की जांच के अभियान में हरिद्वार जिला प्रशासन ने पिछले कुछ हफ्तों में 5895 फर्जी राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं। डीएम हरिद्वार के अनुसार यह अभियान अभी भी जारी है। डीएम मयूर दीक्षित ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार हरिद्वार जिले में राशन कार्डों की जांच का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि राशन विक्रेताओं से सरकारी राशन लेकर बाजार में बेचा जा रहा है।
इस मुद्दे को लेकर पूरे जिले में राशन कार्ड सत्यापन अभियान शुरू कर दिया गया है।अब तक 5895 फर्जी राशन कार्डों की जानकारी सामने आने पर उन्हें रद्द कर दिया गया है। डीएम दीक्षित ने बताया कि सत्यापन अभियान जारी है। उन्होंने बताया कि कई राशन कार्डों में आधार कार्ड दर्ज नहीं पाए गए, जिसके संबंध में नोटिस जारी किए गए लेकिन लोगों ने दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। कई राशन कार्डों में दर्ज यूनिटों को लेकर भी अनियमितताएं पाई गई हैं।
जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग द्वारा सफेद, पीले और गुलाबी राशन कार्ड रद्द कर दिए गए हैं। इन फर्जी राशन कार्डों के माध्यम से भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा आवंटित सस्ता व निःशुल्क गेहूं, चावल, दाल आदि राशन उठाया जा रहा था। उधर, उपायुक्त/जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी तेजबल सिंह ने बताया कि फिलहाल 20 हजार राशन कार्डों की जाँच के लिए पहचान की गई है, जिनका सत्यापन कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि इनमें से अधिकांश कार्ड संदिग्ध हैं और नोटिस अवधि समाप्त होते ही इन्हें रद्द कर दिया जाएगा। यह भी बात सामने आई है कि राशन के अलावा आयुष्मान कार्ड की पांच लाख रुपये की मुफ्त चिकित्सा सुविधा के लालच में बाहरी राज्यों के लोग उत्तराखंड में राशन कार्ड बनवा रहे हैं।

















