आज 15 अगस्त 2025 को हमारा देश बड़े गर्व और खुशी के साथ 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर तिरंगा फहराए और देश को संबोधित किए। हर वर्ष की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री मोदी का पहनावा लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। उन्होंने इस बार केसरिया साफा पहना, जो साहस और देशभक्ति का प्रतीक है। साथ में सफेद कुर्ता-पायजामा और नारंगी नेहरू जैकेट पहनी। उनका यह पारंपरिक पहनावा भारतीय संस्कृति की झलक भी देता है।
पीएम मोदी का पहनावा और उसका संदेश- प्रधानमंत्री मोदी के पहनावे में एक गहरा संदेश छुपा होता है। इस बार जो केसरिया रंग का साफा उन्होंने पहना, वह देश के वीर जवानों और शहीदों को सम्मान देने का प्रतीक भी माना जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि यह पहनावा हाल ही में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से भी जुड़ा हुआ है, जिसमें भारत ने आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।
ऑपरेशन सिंदूर- अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद की गई भारत की सफल सेना कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत अब आतंकवाद और आतंकियों के मददगार देशों को अलग-अलग करके नहीं देखेगा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा-अब भारत किसी भी देश की परमाणु हमले की धमकी से डरता नहीं है। अगर कोई दुश्मन भारत के खिलाफ कोई साजिश करेगा, तो हमारी सेना उसे मुंहतोड़ जवाब देगी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह साफ कर दिया है कि अब भारत का रुख बदल गया है। यह हमारा नया तरीका है।” इस बयान से यह साफ हो गया कि भारत अब आतंक के खिलाफ पहले से कहीं ज्यादा मजबूत, साहसी और स्पष्ट नीति अपना रहा है।
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हर साल खास होता है प्रधानमंत्री का साफा- प्रधानमंत्री मोदी हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर एक विशेष पारंपरिक साफा या पगड़ी पहनते हैं, जो लोगों के बीच आकर्षण और चर्चा का विषय बन जाता है। उनके द्वारा पहना गया साफा हर साल भारत की विविधता, परंपरा और एकता का प्रतीक होता है। हर बार प्रधानमंत्री मोदी का यह पारंपरिक अंदाज देश के लोगों को भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रप्रेम की याद दिलाता है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कुछ अन्य प्रमुख बातें भी कहीं- भारत अब सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की धमकी या दबाव को स्वीकार नहीं करेगा। सेना को अब पूरी छूट है कि वह दुश्मनों को अपनी शर्तों पर जवाब दे। आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए भारत अब कड़े कदम उठाएगा।

















