श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवाद विरोधी अभियान आज 14वें दिन भी जारी है। सुरक्षा बलों ने अकाल के घने जंगलों और प्राकृतिक गुफाओं में छिपे आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए अपना अभियान तेज कर दिया है।
सुरक्षा बलों के एक अधिकारी के अनुसार, आतंकवादी अत्यधिक प्रशिक्षित हैं और वे ड्रोन से बचने के लिए जंगल का फायदा उठा रहे हैं। फिलहाल, सुरक्षा बल गुफाओं जैसी जगहों में छिपे आतंकवादियों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
अब तक के अपडेट
बलिदान और घायल: 1 अगस्त को कुलगाम के अकाल वन क्षेत्र में शुरू हुई इस मुठभेड़ में सेना के दो जवान बलिदान हुए हैं और नौ अन्य घायल हो गए हैं।
आतंकवादी मारे गए: इस अभियान में दो आतंकवादी मारे गए हैं, लेकिन अभी तक उनकी पहचान या उनके समूह का पता नहीं चल पाया है।
निगरानी: जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख नलिन प्रभात और सेना के उत्तरी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा इस अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
ड्रोन और हेलिकॉप्टर: सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों का पता लगाने के लिए ड्रोन और हेलिकॉप्टर का भी इस्तेमाल किया है।
पिछले कुछ सालों में कश्मीर घाटी में यह सबसे लंबा आतंकवाद विरोधी अभियान है।

















