भारत के रक्षा उत्पादन ने रचा इतिहास: 1.5 लाख करोड़ का नया रिकॉर्ड
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भारत के रक्षा उत्पादन ने रचा इतिहास: 1.5 लाख करोड़ का नया रिकॉर्ड

भारत ने 2024-25 में रक्षा उत्पादन में 1.5 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया। 18% की वृद्धि और 23,622 करोड़ के निर्यात के साथ आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो रहा है।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Aug 10, 2025, 09:24 am IST
inभारत, रक्षा
Indian Defence production is on new high

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (फोटो साभार: न्यूज द ट्रुथ)

रक्षा के क्षेत्र में भारत दिन दोगुनी और रात चौगुनी प्रगति कर रहा है। अब भारत ने दुनिया को दिखा दिया है कि वह हथियारों के आयातक की पहचान को पीछे छोड़कर निर्यातक बन गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में देश का रक्षा उत्पादन 1.5 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। ये खबर न सिर्फ हमारी रक्षा ताकत को और मजबूत करती है, बल्कि ये भी दिखाती है कि भारत ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को तेजी से सच कर रहा है।

18% की धमाकेदार बढ़ोतरी

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, राजनाथ सिंह ने बताया कि इस साल रक्षा उत्पादन में पिछले साल के मुकाबले 18% की शानदार बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल यानी 2023-24 में ये आंकड़ा 1.27 लाख करोड़ रुपये था, और अगर पांच साल पीछे जाएं तो 2019-20 में ये सिर्फ 79,071 करोड़ रुपये था। यानी पांच साल में 90% की जबरदस्त छलांग! ये कमाल रक्षा मंत्रालय, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (DPSUs), दूसरी सरकारी कंपनियों और निजी उद्योगों की मेहनत का नतीजा है।

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान पर जनरल द्विवेदी का तंज: मुनीर को फील्ड मार्शल बनाया, तो क्या जीत गए?

निजी कंपनियों ने भी दिखाया दम

इस रिकॉर्ड-तोड़ उत्पादन में सरकारी कंपनियों का हिस्सा 77% रहा, जबकि निजी कंपनियों ने 23% का योगदान दिया। पिछले साल निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 21% थी, जो इस साल बढ़कर 23% हो गई। ये दिखाता है कि निजी कंपनियां भी अब रक्षा क्षेत्र में कदम बढ़ा रही हैं। निजी क्षेत्र में 28% और सरकारी क्षेत्र में 16% की बढ़ोतरी हुई है, जो सरकार की बेहतर नीतियों और बिजनेस के लिए आसानी का नतीजा है।

रक्षा निर्यात में भी भारत का जलवा

रक्षा उत्पादन के साथ-साथ भारत का रक्षा निर्यात भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है। 2024-25 में निर्यात 23,622 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल के 21,083 करोड़ रुपये से 12.04% ज्यादा है। भारत अब करीब 80 देशों को हथियार, गोला-बारूद और रक्षा उपकरण भेज रहा है। पिनाका, ब्रह्मोस और आकाश जैसे हमारे स्वदेशी सिस्टम्स की दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य-पूर्व और अफ्रीका में खूब डिमांड है।

आत्मनिर्भर भारत का सपना हो रहा साकार

ये उपलब्धि ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ का कमाल है। पिछले दस सालों में आयात को कम करने और अपने देश में रक्षा उत्पादन को बढ़ाने के लिए कई बड़े बदलाव किए गए। नीतियों में सुधार और नई तकनीकों ने भारत को दुनिया के रक्षा बाजार में एक ताकतवर नाम बनाया है। राजनाथ सिंह ने इसे भारत के रक्षा उद्योग की मजबूती का साफ सबूत बताया।

रक्षा मंत्रालय ने 2025 को ‘सुधारों का साल’ घोषित किया है। उत्पादन को और बढ़ाने के लिए सरकार सभी से सुझाव ले रही है। साथ ही, 2028-29 तक रक्षा निर्यात को 50,000 करोड़ रुपये तक ले जाने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है।

Topics: Defence Exports‘आत्मनिर्भर भारत’1.5 लाख करोड़‘मेक इन इंडिया’2024-25ब्रह्मोसDefence productionBrahMos1.5 lakh croreSelf-reliant IndiaPinakaMake in IndiaAkashरक्षा निर्यातरक्षा उत्पादनआकाशस्वदेशी हथियारपिनाकाindigenous weapons
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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