भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हमारे सम्मान, एकता और स्वतंत्रता का प्रतीक है। इसे प्रदर्शित करना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है, लेकिन इसके साथ कुछ नियम और मर्यादाएं भी जुड़ी हुई हैं। इन नियमों का उल्लंघन देश के प्रतीकों का अनादर माना जाता है। अक्सर देखा गया है कि लोग अपनी देशभक्ति दिखाने के लिए कार या बाइक पर झंडा लगा लेते हैं लेकिन क्या यह सही है? आइए जानें कि भारत के ‘फ्लैग कोड’ के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज को कार पर कैसे प्रदर्शित किया जा सकता है।
क्या कहता है फ्लैग कोड- भारत में राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग को ‘भारतीय झंडा संहिता (Flag Code of India), 2002’ द्वारा नियंत्रित किया जाता है। यह संहिता बताती है कि झंडे को कब, कहां और कैसे फहराया या प्रदर्शित किया जा सकता है। फ्लैग कोड के अनुसार, आम नागरिक अपनी निजी संपत्ति जैसे घर या वाहन पर तिरंगा फहरा सकते हैं, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। कार में झंडा लगाने के कुछ नियम हैं, जैसे- तिरंगा कार के अंदर ही लगाना चाहिए, जैसे कि डैशबोर्ड पर या विंडस्क्रीन के अंदर किसी सुरक्षित स्थान पर। कार के बाहर, जैसे बोनट, छत, या दरवाजों पर झंडा लगाना फ्लैग कोड का उल्लंघन माना जाता है। झंडे की स्थिति सम्मानजनक होनी चाहिए।
कौन लगा सकता है कार के बाहर झंडा- फ्लैग कोड के तहत केवल कुछ विशेष पदों पर बैठे लोग, जैसे कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मंत्री आदि, को ही सरकारी वाहनों पर झंडा लगाने की अनुमति है। अगर कोई व्यक्ति फ्लैग कोड का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ इन्सल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसमें जेल और जुर्माने दोनों का प्रावधान है।














