स्पेन की सांस्कृतिक जंग: जुमिला में इस्लामिक त्योहारों पर पाबंदी
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स्पेन की सांस्कृतिक जंग: जुमिला में इस्लामिक त्योहारों पर पाबंदी

स्पेन के मर्सिया क्षेत्र के जुमिला में स्थानीय परिषद ने ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा जैसे मुस्लिम त्योहारों को सार्वजनिक स्थानों पर मनाने पर प्रतिबंध लगाया। प्रवासी विरोध, इस्लामोफोबिया के आरोप और सांस्कृतिक पहचान की बहस तेज।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा
Aug 8, 2025, 01:23 pm IST
inविश्व, विश्लेषण
Spain Islamic Festival

स्पेन में प्रदर्शन

यूरोप में इन दिनों प्रवासी विरोधी लहर चल रही है और कुछ देशों में मुस्लिमों को लेकर और भी अधिक विरोध हो रहे हैं। अब स्पेन से समाचार आया है कि वहाँ के मर्सिया क्षेत्र के शहर जुमिला में स्थानीय परिषद ने यह निर्णय लिया है। परिषद द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा जैसे मुस्लिम त्योहारों को सिविक सेंटर्स और स्पोर्ट्स हॉल जैसी सार्वजनिक जगहों में मनाए जाने पर प्रतिबंध लगाया जाए।

स्पेन में अप्रवासियों के कारण बढ़ी हिंसा

स्पेन में पिछले कई महीनों से अप्रावासियों द्वारा लड़कियों को छेड़े जाने की या फिर अन्य प्रकार की हिंसा की घटनाएं हो रही थीं और स्पेन में राष्ट्रवादी दल यह नारा भी अब देने लगे हैं कि स्पेन ईसाइयों के लिए है। स्पेन ईसाइयों की भूमि है और किसी की नहीं। स्पेन एक समय में मुस्लिमों के अधीन रह चुका है, मगर शीघ्र ही स्पेन ने मुस्लिमों के शासन को उतार फेंका था। जुमिला भी एक समय में मुस्लिमों ने जीता था, मगर जल्दी ही जुमिला ने भी अपनी इस गुलामी से आजादी पा ली थी। और अब जुमिला में सार्वजनिक तौर पर इस्लामिक त्योहार नहीं मनाए जाएंगे ऐसा प्रस्ताव पास हुआ है। इसे लेकर वामपंथी और इस्लामिस्ट लोग नाराज है और इस्लामोफोबिया की बातें कर रहे हैं। समाजवादी “शताब्दियों की मुस्लिम विरासत” का राग गा रहे हैं। यूरोप के इस्लामीकरण पर बिना परवाह किये लिखने वाली एमी मेक ने लिखा कि “इस्लामिक कानून के अंतर्गत उनका जिस जगह पर एक बार अधिकार हो गया, वह उन्हीं का हो जाता है और यही कारण है कि वे लोग गुस्से में है।“

उन्होंने लिखा कि वामपंथी इस प्रतिबंध को पलटने की योजना बना रहे हैं। मगर अभी स्पेन ने संदेश भेज दिया है कि हम आपके विस्तारवादी एजेंडा में फँसने वाले नहीं हैं।“ एक वीडियो टोमी रॉबिंसन ने भी पोस्ट किया था, जिसमें कथित रूप से एक अश्वेत पुरुष एक श्वेत स्पेनी महिला को मार रहा है और उसे लूट रहा है। स्पेन की ही एक लड़की अदा लुच ने 6 अगस्त को एक्स पर एक पोस्ट लिखा कि वामपंथी आप्रवासियों के मानवाधिकार की बातें करते हैं। उसने फिर आगे लिखा कि जब हम आप्रवासियों की बातें करते हैं तो मानवाधिकार बहुत ही महत्वपूर्ण है। स्पेन में पैदा हुई एक स्पेनिश महिला होने के नाते यह मेरा भी अधिकार है कि मैं अपने बच्चों को ईसाई मूल्यों के अनुसार बड़ा करूँ, जो कि मेरा अधिकार है क्योंकि स्पेन ईसाई देश है।“

विदेशी आक्रमण के खिलाफ है बोलने का अधिकार

उन्होंने आगे लिखा कि “स्पेन में जन्मी एक स्पेनिश महिला होने के नाते, क्या मुझे यह मानवाधिकार है कि मुझे अपने परिवार के जीवन की चिंता न करनी पड़े, जब वे उन देशों से आए प्रवासियों के बीच रहते और चलते हैं जहाँ बर्बर व्यवहार को सामान्य माना जाता है? स्पेन में जन्मी एक स्पेनिश महिला होने के नाते, क्या मुझे अपनी ज़मीन पर विदेशी आक्रमण के खिलाफ बोलने का मानवाधिकार है, जब मेरे सामने न ही जेल का डर हो और न ही अपने खारिज किये जाने का? उन मनुष्यों के मानवाधिकार कहाँ हैं जिनका वास्तव में उस ज़मीन पर दावा है जिस पर हम रह रहे हैं और पीढ़ियों से रह रहे हैं?”

ऐसे प्रश्न वहाँ पर आम लोग आज से नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर काफी समय से पूछ रहे हैं। और स्पेन में जिस प्रकार गाजा के समर्थन में प्रदर्शन हुए थे, वे भी हैरान करने वाले थे।

आप्रवासी मुस्लिम दिखा रहे ताकत

वहीं स्पेन में जुमिला के इस निर्णय को सांस्कृतिक रूप कायम रखने के रूप में देखने की बात की जा रही है। लोगों का कहना है कि मुस्लिम समुदाय अपने त्योहार मनाने को अपनी ताकत दिखाने के अवसर के रूप में प्रयोग करता है। वह यह दिखाता है कि उसकी संख्या अब इतनी हो गई है तो वह सड़क पर नमाज पढ़ सकते हैं और भी अन्य विशेषाधिकार पा सकते हैं और कुछ लोगों का कहना है कि फिर वे उसे स्थान के मूल लोगों को उनके ही पर्व और त्योहार नहीं मनाने देते हैं।

कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जुमिला में सही कदम उठाया गया है। कई क्षेत्रों में मुस्लिम बहुसंख्यक हैं और स्पेन के कई कस्बे अरबी बोलते हैं स्पेनिश नहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विविधता नहीं है, बल्कि यह “विस्थापन” है।

स्पेन में कई स्थानों पर स्थानीय लोग यह कहते हैं कि “हमारे त्योहार चले गए हैं। हमें सड़कों पर स्पेनिश सुनाई ही नहीं देती है।“

यह प्रस्ताव जुमिला में पीपल्स पार्टी द्वारा लाया और इसे राष्ट्रवादी वोक्स पार्टी की अनुपस्थिति के चलते पारित कर दिया गया, जबकि वामदलों ने इसका विरोध किया था। वोक्स पार्टी ने फिर एक्स पर खुशी मनाते हुए लिखा था कि हमारी सहायता से यह प्रस्ताव पारित हो गया।

वहीं कुछ लोगों ने सार्वजनिक स्थलों पर मुस्लिम समुदाय के इकट्ठा होने की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि स्पेनिश इस प्रकार के दृश्यों से थक चुके हैं।

 

Topics: स्पेनMuslim festivalराष्ट्रवादीanti-migrantNationalistChristian valuesCultural Identityसांस्कृतिक पहचानविस्थापनइस्लामोफोबियाजुमिलावामपंथीमुस्लिम त्योहारspainप्रवासी विरोधislamophobiaईसाई मूल्यLeftistJumilla
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