कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कर्नाटक के बेंगलुरु की महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से ज्यादा वोट गलत तरीके से हटाए गए हैं। राहुल गांधी का दावा है कि यह काम जानबूझकर किया गया है और यह लोकतंत्र के खिलाफ है।
क्या है पूरा मामला- राहुल गांधी का कहना है कि लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान बेंगलुरु मध्य लोकसभा सीट के तहत आने वाले महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में लगभग 1,00,250 वोट “चुराए” गए। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो जारी किया है जिसमें उन्होंने पांच तरीकों से वोटों की गड़बड़ी दिखाने का दावा किया। राहुल गांधी का कहना है कि सिर्फ महादेवपुरा ही नहीं, बल्कि देशभर की 100 से ज्यादा सीटों पर वोटर लिस्ट में इसी तरह की गड़बड़ी हुई है।
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया- राहुल गांधी के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने इसे गंभीरता से लिया है। आयोग ने राहुल गांधी को एक एफिडेविट भेजा है और कहा है कि अगर उन्हें अपने आरोपों पर भरोसा है तो वह इस पर दस्तखत करें। यानी उन्हें यह लिखकर देना होगा कि जो आरोप उन्होंने लगाए हैं, वे सही हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि अगर राहुल गांधी ने एफिडेविट पर साइन किया और आरोप गलत साबित हुए, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन अगर वह साइन नहीं करते, तो इसका मतलब है कि उन्हें अपने ही आरोपों पर भरोसा नहीं है। आयोग ने दो टूक शब्दों में कहा है कि या तो राहुल गांधी कागज पर साइन करें या फिर देश से माफी मांगें क्योंकि उनके बयानों से लोगों का चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा कमजोर हो रहा है।
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राहुल गांधी का जवाब- हालांकि, राहुल गांधी ने अभी तक एफिडेविट पर दस्तखत नहीं किए हैं और न ही कांग्रेस पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक जवाब आया है। इसके उलट, राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर फिर से हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि जब सत्ता बदलेगी तो इसका हिसाब जरूर लिया जाएगा। बेंगलुरु में कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर एक रैली की, जिसमें राहुल गांधी भी पहुंचे। वहां उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग गरीबों के वोटों को हटाने के लिए बीजेपी से मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में मतदाता सूची को लेकर जो विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चल रहा है, वह भी वोटों की हेराफेरी का एक तरीका है। राहुल गांधी का कहना है कि कांग्रेस पार्टी की जांच में यह सामने आया है कि महादेवपुरा में बड़े पैमाने पर हेराफेरी हुई है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक क्षेत्र की बात नहीं है बल्कि पूरे देश में ऐसी गड़बड़ी फैली हुई है। उनका दावा है कि चुनाव आयोग और बीजेपी ने मिलकर एक योजना के तहत गरीब और विपक्षी वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटवाए हैं।
















