धर्मस्थल सामूहिक दफन मामला : साइट 13 सबसे अहम, सबसे ज्यादा शव दफनाने का दावा, जीपीआर सर्वे करेगी एसआईटी
June 15, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत कर्नाटक

धर्मस्थल सामूहिक दफन मामला : साइट 13 सबसे अहम, सबसे ज्यादा शव दफनाने का दावा, जीपीआर सर्वे करेगी एसआईटी

धर्मस्थल सामूहिक दफन मामले में साइट नंबर 13 को सबसे अहम बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने यहां सबसे अधि​​क लाशों को दफनाने का दावा किया है। अब तक 12 साइट की खुदाई क्रमवार की गई है।

Written byसुनीता मिश्रासुनीता मिश्रा
Aug 7, 2025, 05:31 pm IST
in कर्नाटक

कर्नाटक के धर्मस्थल सामूहिक दफन मामले में शिकायतकर्ता-गवाह द्वारा चिन्हित अंतिम साइट संख्या 13 पर मानव अवशेषों की खोज के लिए विशेष जांच दल (SIT) गुरुवार (7 अगस्त) को ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) और अन्य तकनीक का इस्तेमाल कर सर्वे करेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिजली की लाइनों और घटनास्थल की मुख्य सड़क के पास होने के कारण उत्खनन प्रक्रिया शुरू करने से पहले विशेषज्ञों की राय ली गई है। एसआईटी से जुड़े एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “बेंगलुरु से जीपीआर आज या कल आने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और बारिश की संभावना है। जीपीआर का इस्तेमाल करते हुए हम अभी केवल साइट 13 पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।” इस मामले के जांच अधिकारी डीजीपी प्रणब मोहंती, डीआईजी एम एन अनुचेथ और एसपी जितेंद्र कुमार दायमा के नेतृत्व में एसआईटी टीम आज घटनास्थल का दौरा करेगी और एक्सपर्ट सर्वे करेगी। अधिकारियों ने बताया कि उत्खनन में सहायता के लिए जीपीआर या पर्वतीय रडार प्रणालियों का उपयोग किया जाएगा। हालांकि गीली मिट्टी और बारिश के कारण सटीक जानकारी मिलने में दिक्कत आ सकती है।

साइट 11 से करीब 100 हड्डियां, एक खोपड़ी मिली

गवाह-शिकायतकर्ता द्वारा चिन्हित की गई 13 साइट में से 12 की खुदाई का काम पूरा हो चुका है। 11 साइट के पास स्थित एक नई जगह जिसे साइट नंबर 14 के रूप में चिह्नित किया गया है, उसकी भी बुधवार (6 अगस्त) को खुदाई की गई, लेकिन वहां से कोई इंसानी अवशेष नहीं मिले। एसआईटी को सोमवार (4 अगस्त) को धर्मस्थल में नेत्रवती नदी के पास वन क्षेत्र में चल रहे उत्खनन अभियान के छठे दिन इंसानी अवशेष मिले थे। साइट 11 से लगभग 100 मीटर दूर मिले मानव अवशेषों में लगभग 100 हड्डियां और एक खोपड़ी शामिल थी, जबकि साइट 12 से कुछ नहीं मिला है। साइट नंबर 13 को सबसे अहम बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार वहीं पर उसने सबसे ज्यादा लाशें दफनाई गई हैं। पूर्व सफाई कर्मचारी ने धर्मस्थल और उसके आसपास 6 से 7 किलोमीटर के दायरे में करीब 50 जगहों की पहचान की है, जहां लाशें दफन हैं। इनमें से 6 से 7 जगहों पर सामूहिक दफन हुआ है। फिलहाल पहले सिर्फ 13 जगहों की खुदाई हो रही है। शेष खुदाई अगले चरण में होगी।

29 जुलाई से खुदाई का कार्य शुरू

बता दें कि पूर्व सफाईकर्मी ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराते हुए दावा किया कि साल 1995 से 2014 तक उसे महिलाओं और नाबालिगों के शवों को दफनाने के लिए मजबूर किया गया था। उसकी शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर, उसके द्वारा चिन्हित स्थलों पर 29 जुलाई से खुदाई का कार्य शुरू किया गया। शिकायतकर्ता ने पहले धर्मस्थल स्नान घाट के पास और जंगल के अंदर 13 संभावित दफन स्थलों की पहचान की थी।

Topics: एसआईटीkarnatakaजीपीआर सर्वेDharmasthala Mass Burial CaseGPRधर्मशाला सामूहिक दफन मामलाकर्नाटक
सुनीता मिश्रा
सुनीता मिश्रा
हरियाणा की कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री। इग्नू दिल्ली से राजनीतिक विज्ञान में मास्टर डिग्री। पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव। [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

एआई निर्मित चित्र

मत्तूर : कर्नाटक का ‘संस्कृत गांव’

Congress Karnataka Gandhi Family

गांधी परिवार की मनमानी: पंजाब के बाद कर्नाटक में कांग्रेस की बड़ी भूल

हिजाब में छात्राएं (प्रतीकात्मक चित्र)

कर्नाटक: कांग्रेस सरकार ने स्कूलों, शिक्षण संस्थानों में हिजाब पहनने की दी अनुमति, भगवा शॉल पर रोक

प्रतीकात्मक चित्र

बेंगलुरु में CET परीक्षा के दौरान 5 ब्राह्मण छात्रों के जनेऊ उतरवाए, भाजपा ने कांग्रेस को हिंदू विरोधी बताया

कर्नाटक बोर्ड के 93 फीसदी छात्रों ने हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में चुना

कर्नाटक में होंगे 3000+ हिंदू सम्मेलन : क्षेत्र कार्यवाह ने दी RSS शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों की बड़ी जानकारी

Load More

ताज़ा समाचार

Varanasi buldozer action

वाराणसी: दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण में 5 अवैध मकानों पर चला बुलडोजर, 180 से ज्यादा निर्माणों पर कार्रवाई जारी

प्रतीकात्मक चित्र

हौसले की उड़ान को हथियारों के पंख

Punjab drugs

पंजाब में नशे का आतंक, घरों पर ‘एह मकान विकाऊ है’ के पोस्टर लगे

प्रतीकात्मक तस्वीर

बदल गया भारतीय सेना का लुक! खत्म हुआ औपनिवेशिक दौर का ड्रेस कोड, जानिए क्या-क्या बदला?

उन्नाव साधु हत्याकांड: मुख्य आरोपी इसराइल पुलिस मुठभेड़ में मारा गया

IIT Bhuvaneshwar AI Model

Explainer: बादल फटने से होने वाली तबाही से बचाएगा नया AI मॉडल, जानिए कैसे करता है काम?

Pakistan propaganda fake news

पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा अकाउंट्स भारतीय सेना के अधिकारी के नाम पर फैलाया झूठ: PIB Fact Check ने खोली पोल

फराज, नईम और शाकिर

फराज, नईम और शाकिर: तीन दिन में तीन गिरफ्तारियां, एटीएस ने ऐसे खोली संदिग्ध नेटवर्क की परतें

Rahul Gandhi traitor remarks FIR

राहुल और कांग्रेस पार्टी को भाजपा से सीखना चाहिए गठबंधन धर्म निभाना

Breaking News

15 जून की बड़ी खबरें: पढ़िए एक ही पेज पर सभी ब्रेकिंग और अहम अपडेट्स, अभी जानें क्या हो रहा है देश और दुनिया में

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies