धर्मस्थल सामूहिक दफन मामला : साइट 13 सबसे अहम, सबसे ज्यादा शव दफनाने का दावा, जीपीआर सर्वे करेगी एसआईटी
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धर्मस्थल सामूहिक दफन मामला : साइट 13 सबसे अहम, सबसे ज्यादा शव दफनाने का दावा, जीपीआर सर्वे करेगी एसआईटी

धर्मस्थल सामूहिक दफन मामले में साइट नंबर 13 को सबसे अहम बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने यहां सबसे अधि​​क लाशों को दफनाने का दावा किया है। अब तक 12 साइट की खुदाई क्रमवार की गई है।

Written byसुनीता मिश्रासुनीता मिश्रा
Aug 7, 2025, 05:31 pm IST
inकर्नाटक

कर्नाटक के धर्मस्थल सामूहिक दफन मामले में शिकायतकर्ता-गवाह द्वारा चिन्हित अंतिम साइट संख्या 13 पर मानव अवशेषों की खोज के लिए विशेष जांच दल (SIT) गुरुवार (7 अगस्त) को ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) और अन्य तकनीक का इस्तेमाल कर सर्वे करेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिजली की लाइनों और घटनास्थल की मुख्य सड़क के पास होने के कारण उत्खनन प्रक्रिया शुरू करने से पहले विशेषज्ञों की राय ली गई है। एसआईटी से जुड़े एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “बेंगलुरु से जीपीआर आज या कल आने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और बारिश की संभावना है। जीपीआर का इस्तेमाल करते हुए हम अभी केवल साइट 13 पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।” इस मामले के जांच अधिकारी डीजीपी प्रणब मोहंती, डीआईजी एम एन अनुचेथ और एसपी जितेंद्र कुमार दायमा के नेतृत्व में एसआईटी टीम आज घटनास्थल का दौरा करेगी और एक्सपर्ट सर्वे करेगी। अधिकारियों ने बताया कि उत्खनन में सहायता के लिए जीपीआर या पर्वतीय रडार प्रणालियों का उपयोग किया जाएगा। हालांकि गीली मिट्टी और बारिश के कारण सटीक जानकारी मिलने में दिक्कत आ सकती है।

साइट 11 से करीब 100 हड्डियां, एक खोपड़ी मिली

गवाह-शिकायतकर्ता द्वारा चिन्हित की गई 13 साइट में से 12 की खुदाई का काम पूरा हो चुका है। 11 साइट के पास स्थित एक नई जगह जिसे साइट नंबर 14 के रूप में चिह्नित किया गया है, उसकी भी बुधवार (6 अगस्त) को खुदाई की गई, लेकिन वहां से कोई इंसानी अवशेष नहीं मिले। एसआईटी को सोमवार (4 अगस्त) को धर्मस्थल में नेत्रवती नदी के पास वन क्षेत्र में चल रहे उत्खनन अभियान के छठे दिन इंसानी अवशेष मिले थे। साइट 11 से लगभग 100 मीटर दूर मिले मानव अवशेषों में लगभग 100 हड्डियां और एक खोपड़ी शामिल थी, जबकि साइट 12 से कुछ नहीं मिला है। साइट नंबर 13 को सबसे अहम बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार वहीं पर उसने सबसे ज्यादा लाशें दफनाई गई हैं। पूर्व सफाई कर्मचारी ने धर्मस्थल और उसके आसपास 6 से 7 किलोमीटर के दायरे में करीब 50 जगहों की पहचान की है, जहां लाशें दफन हैं। इनमें से 6 से 7 जगहों पर सामूहिक दफन हुआ है। फिलहाल पहले सिर्फ 13 जगहों की खुदाई हो रही है। शेष खुदाई अगले चरण में होगी।

29 जुलाई से खुदाई का कार्य शुरू

बता दें कि पूर्व सफाईकर्मी ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराते हुए दावा किया कि साल 1995 से 2014 तक उसे महिलाओं और नाबालिगों के शवों को दफनाने के लिए मजबूर किया गया था। उसकी शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर, उसके द्वारा चिन्हित स्थलों पर 29 जुलाई से खुदाई का कार्य शुरू किया गया। शिकायतकर्ता ने पहले धर्मस्थल स्नान घाट के पास और जंगल के अंदर 13 संभावित दफन स्थलों की पहचान की थी।

Topics: कर्नाटकएसआईटीkarnatakaजीपीआर सर्वेDharmasthala Mass Burial CaseGPRधर्मशाला सामूहिक दफन मामला
सुनीता मिश्रा
सुनीता मिश्रा
हरियाणा की कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री। इग्नू दिल्ली से राजनीतिक विज्ञान में मास्टर डिग्री। पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव। [Read more]
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