बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गंभीर आरोप लगाया है। बीजेपी का दावा है कि तेजस्वी के पास दो वोटर कार्ड हो सकते हैं। इस मुद्दे को लेकर बीजेपी ने चुनाव आयोग से जांच की मांग की है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब तेजस्वी ने दावा किया था कि उनका नाम बिहार की मतदाता सूची से हटा दिया गया है, जिसे चुनाव आयोग ने गलत बताया था।
क्या है पूरा मामला?
2 अगस्त 2025 को तेजस्वी यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि उनका नाम बिहार की ड्राफ्ट मतदाता सूची से गायब है। उन्होंने अपनी वोटर आईडी का EPIC नंबर डालकर ऑनलाइन पोर्टल पर चेक किया, लेकिन स्क्रीन पर “कोई रिकॉर्ड नहीं मिला” का मैसेज आया। तेजस्वी ने इसे चुनाव आयोग की गलती बताते हुए सवाल उठाया कि अगर उनका नाम सूची में नहीं है, तो वे चुनाव कैसे लड़ेंगे? उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में करीब 65 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जिसमें हर विधानसभा क्षेत्र से 20-30 हजार नाम शामिल हैं। तेजस्वी ने इसे पारदर्शिता की कमी और संभावित साजिश का हिस्सा बताया।
चुनाव आयोग का जवाब
तेजस्वी के इस दावे के तुरंत बाद चुनाव आयोग ने सफाई दी। आयोग ने कहा कि तेजस्वी का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में मौजूद है और इसे क्रमांक 416, बूथ नंबर 204 (वेटरनरी कॉलेज, पटना) पर दर्ज किया गया है। आयोग ने तेजस्वी के दावे को “तथ्यात्मक रूप से गलत” और “शरारतपूर्ण” करार दिया। पटना जिला प्रशासन ने भी सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि की। इसके अलावा, आयोग ने कहा कि अगर तेजस्वी के पास दो वोटर कार्ड पाए गए, तो उनके खिलाफ FIR दर्ज की जा सकती है।
बीजेपी ने साधा निशाना
चुनाव आयोग की सफाई के बाद बीजेपी ने तेजस्वी पर हमला बोला। बीजेपी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी के पास दो वोटर कार्ड होने की आशंका है, जिसकी जांच होनी चाहिए। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने भी X पर स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “तेजस्वी का दावा गलत है। उनका नाम सूची में है। गलत जानकारी फैलाने की कोशिश को बेनकाब करना जरूरी है।” बीजेपी ने इसे “राजनीतिक धोखाधड़ी” करार दिया।
RJD का पलटवार
RJD के प्रवक्ता चित्रंजन गगन ने दावा किया कि तेजस्वी का मूल EPIC नंबर ‘RAB2916120’ था, जिसे बाद में चुनाव आयोग ने बदलकर ‘RAB0456228’ कर दिया। उन्होंने इसे आयोग की गलती और बीजेपी के दबाव में काम करने का सबूत बताया। गगन ने कहा, “अगर दो बार के डिप्टी सीएम का नाम गलत हो सकता है, तो आम आदमी का क्या होगा?” RJD ने इसे मतदाता सूची में हेरफेर का हिस्सा बताया और आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
राजनीतिक माहौल गर्म
गौरतलब है कि आरजेडी और मुख्य रूप से तेजस्वी यादव मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर आयोग का विरोध करते रहे हैं। उनका कहना है कि इसके जरिए गरीब और हाशिए पर रहने वाले वोटरों के नाम हटाने की साजिश रची जा रही है।
















