नई दिल्ली (हि.स.) । राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान बुधवार को सदन के नेता जेपी नड्डा ने तत्कालीन कांग्रेस-नीत संप्रग सरकार को आईना दिखाते हुए आतंकवाद से निपटने में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया। नड्डा ने संप्रग सरकार के दस साल और मोदी सरकार में आतंकवाद से निपटने के उठाए गए कदमों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2005 के दिल्ली सीरियल बम धमाकों, 2006 के वाराणसी बम धमके और 2006 के मुंबई लोकल ट्रेनों में हुए बम धमाकों के बावजूद तत्कालीन संप्रग सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
जौनपुर ब्लास्ट का उदाहरण
नेता सदन नड्डा ने कहा कि जौनपुर में श्रमजीवी एक्सप्रेस में हरकत-उल-जिहाद ने बम ब्लास्ट किया था। 14 लोग मारे गए और 62 घायल हुए, लेकिन उस वक्त कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हमसे पूछा जा रहा है कि पहलगाम का क्या हुआ। वो पहले खुद के गिरेबान में झांक कर देखें।
पहलगाम घटना और मोदी सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया
सदन में पहलगाम घटना की निंदा करते हुए नड्डा ने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्योंकि यही नेतृत्व है जो सेना को आदेश देता है। वहीं प्रधानमंत्री मोदी पहलगाम की घटना की खबर मिलते ही सऊदी अरब की अपनी यात्रा को बीच में छोड़ कर स्वदेश लौटे। घटना की जानकारी मिलते ही शाम पांच बजे अमित शाह घटनास्थल पर पहुंच चुके थे। ऑपरेशन सिंदूर चला कर पाकिस्तान स्थित आतंकवादी ठिकानों को मिटा दिया।
संप्रग बनाम मोदी सरकार की तुलना
नेता सदन ने कहा कि मोदी सरकार समय पर एक्शन लेती है। पहलगाम की घटना को अकेले नहीं देखना, संपूर्णता में देखने की जरूरत है। उन्होंने 2004-2014 और 2014-2025 की सरकारों की तुलना करते हुए कहा कि पहले आतंकवादी हमलों पर कार्रवाई नहीं होती थी, राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी। हमले होते रहे, सरकार मिठाई खिलाती रही। लेकिन मोदी सरकार ने दुनिया को संदेश दिया कि आतंकवाद और बातचीत दोनों एक साथ नहीं चलेगी।
आतंकवादी घटनाओं में आई कमी
नेता सदन ने बताया कि कांग्रेस के समय 7217 आतंकवादी घटनाएं हुई थीं जबकि पिछले दस साल में यह घटकर 2015 रह गईं। 2004 से 2014 के बीच 1770 नागरिकों की मौत हुई थी जबकि मौजूदा सरकार में यह घटकर 357 रह गई। कांग्रेस शासन में 1060 सैनिकों की मौत हुई जबकि एनडीए सरकार में यह संख्या 542 रही। वहीं आतंकवादियों की मौत का प्रतिशत 123 हो गया है।
उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक
नेता सदन ने कहा कि 1947 के बाद यह पहली बार था जब भारतीय प्रधानमंत्री ने खुलकर कहा कि (उरी) हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा… और तीन दिनों के भीतर सर्जिकल स्ट्राइक की गईं और आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया गया। यह बदलता भारत है। प्रधानमंत्री देश के साथ दुनिया को संदेश देते हैं।
कश्मीर में बदलाव और ऑपरेशन महादेव
उन्होंने कहा कि कश्मीर में पहले 2654 पत्थर फेंकने की घटनाएं हुआ करती थीं, साल में 132 दिन तक शहर बंद रहता था। लेकिन अब स्थानीय आंतकवाद खत्म हो गया है। सात दिन के अंदर आतंकवादी का खातमा हो जाता है। पहलगाम घटना के अंजाम देने वाले ऑपरेशन महादेव के तहत मारे गए हैं।
विपक्ष को साथ आने की अपील
नेता सदन ने विपक्ष का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गम टीम इंडिया के रूप में 32 देशों में डेलिगेशन ले कर गए और देश की बात रखी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी पहलगाम आतंकवादी घटना की निंदा की। देश का सवाल है विपक्ष को भी साथ देना चाहिए।

















