सोमवार को श्रीनगर के बाहरी इलाके में स्थित दाचीगाम जंगल क्षेत्र में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में भारतीय सेना की पैरा कमांडो टीम ने पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा संगठन के तीन आतंकवादियों को मार गिराया।
इन मारे गए आतंकियों में सुलेमान उर्फ आसिफ भी शामिल था, जिसे 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। उस हमले में 26 बेगुनाह लोगों की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में डर फैल गया। बाकी दो आतंकवादियों की पहचान यासिर और अबू हमजा के रूप में हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, ये तीनों आतंकवादी विदेशी थे और पाकिस्तान में चल रहे लश्कर-ए-तैयबा नाम के संगठन से जुड़े थे।
ऑपरेशन महादेव- सेना की इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन महादेव’ नाम दिया गया। यह ऑपरेशन पहले से तैयार एक योजना के तहत किया गया था, जिसमें सेना ने आतंकियों के छिपे होने की पक्की सूचना के आधार पर कार्रवाई की। आतंकवादी दाचीगाम जंगल के अंदर एक गुप्त ठिकाने में छिपे हुए थे, लेकिन सेना ने पूरे इलाके को घेर कर आतंकियों को ढूंढ निकाला और उन्हें मार गिराया।
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चीनी मोबाइल बना अहम सुराग- इस ऑपरेशन की सफलता के पीछे एक अहम भूमिका एक चीनी सैटेलाइट मोबाइल फोन और एक खास रेडियो कम्युनिकेशन डिवाइस की रही। 11 जुलाई को बैसरन इलाके में एक खास चीनी मोबाइल मिला, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। जांच में पता चला कि यह मोबाइल आम नेटवर्क पर नहीं चलता, बल्कि रेडियो तरंगों से सीधे कंट्रोल सेंटर से जुड़ता है, जिससे इसे पकड़ना मुश्किल होता है। लेकिन एजेंसियों ने इसकी रेडियो तरंगों को पकड़ लिया और डेटा डिकोड करके आतंकियों की गतिविधियों और उनके ठिकानों का पता लगा लिया। यह उपकरण सीधे एक विशेष नियंत्रण केंद्र से जुड़ा होता है, जिससे इसकी निगरानी और भी अधिक कठिन हो जाती है।

















