उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद में अल फारुक इंटर कॉलेज का प्रबंधक शब्बीर अहमद नौकरी का प्रलोभन देकर कन्वर्जन करा रहा था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कॉलेज प्रबंधक शब्बीर अहमद को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। सिद्धार्थनगर में कुछ दिन पहले इटवा थाना क्षेत्र के शाहपुर निवासी अखंड प्रताप सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
अखंड प्रताप ने तहरीर में कहा कि क्लर्क की नौकरी देने के लिए 100 रुपये के स्टाम्प पर उनसे एग्रीमेंट कराया गया था। ऐसा कुछ और लोगों के साथ भी किया गया है। जिन लोगों को शब्बीर अहमद नौकरी देता है, उनसे सादे स्टाम्प पर हस्ताक्षर करा लेता है। शब्बीर अहमद सादे स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करा करके उसको छांगुर के पास भेजता था। इंटर कॉलेज के प्रबंधक शब्बीर का कनेक्शन छांगुर से जुड़ा हुआ है।
शब्बीर, छांगुर के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर कन्वर्जन का नेटवर्क चला रहा था। जिसको किसी हिन्दू को अल फारूक इंटर कॉलेज में नौकरी दी जाती थी। उसके ऊपर कन्वर्जन का दबाव बनाया जाता था। अखंड प्रताप सिंह का यह भी कहना है कि वर्ष 2020 में जब वह अल फारूक इंटर कॉलेज में क्लर्क की नौकरी के लिए गये तो नौकरी ज्वाइन करने के कुछ दिन बाद कॉलेज प्रबंधक मौलाना शब्बीर अहमद ने उनसे सादे स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करवाया था। शब्बीर ने उन पर कन्वर्जन के लिए दबाव बनाया था, लेकिन अखंड ने मना कर दिया था।
अरब का कनेक्शन
मौलाना शब्बीर ने अरब के किसी व्यक्ति से फोन पर भी बात कराई और कन्वर्जन के बदले में रुपये का प्रलोभन भी दिया था। अखंड प्रताप सिंह का यह भी आरोप है कि स्कूल के रिकार्ड में उनका नाम बदलकर “इमरान खान” कर दिया गया है। आरोप है कि अल फारुक इंटर कॉलेज का ट्रस्टी मैनेजर शब्बीर अहमद ने 16 हिंदुओं को अपने इंटर कॉलेज में और अपने एनजीओ में नौकरी दी और फिर उनका कन्वर्जन करवा दिया। यह भी जानकारी में आया है कि कन्वर्जन कर चुके 4 हिन्दुओं ने घर वापसी भी कर ली है।

















