पाकिस्तान और उसके आतंकवाद ने पुलवामा में 22 निर्दोष यात्रियों की हत्या की। वहीं भारतीय सेना को पूरे पाकिस्तान को सबक सिखाने में 22 मिनट भी नहीं लगे। उन्होंने पाकिस्तान के आतंकी कैंप को तहस-नहस कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पुलवामा में दुस्साहस करने वालों को कीमत चुकाने की बात कही थी।
यह भी पढ़ें – लखनऊ : 500 से ज्यादा छात्रों वाले विद्यालयों को ‘आदर्श स्कूल’ का दर्जा देगी योगी सरकार, जानिए क्या होगा लाभ..?
भारतीय सेना के साहस और पराक्रम को देखकर पाकिस्तान अमेरिका की शरण में पहुंचा। भारत एक मोर्चे पर कई देशों से लड़ रहा था। इसके बावजूद भारतीय सेना के सामने पाकिस्तान की एक नहीं चली। फिर अंत में पाकिस्तान को समर्पण के लिए मजबूर होना पड़ा। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कारगिल शहीद स्मृति वाटिका में आयोजित कारगिल विजय शहीद दिवस-25 कार्यक्रम में कही।
परिवारवाद और जातिवाद ने देश को कमजोर किया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग सत्ता में आने के बाद परिवारवाद के सहारे जातिवाद से सामाजिक ताने-बाने को छिन्न भिन्न करने का काम करते हैं। जब भी हम ऐसी प्रवृत्ति के लोगों के चंगुल में फंसते हैं, हमे बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है। हमारे पास योद्धाओं, वैभव और बुद्धि की कमी नहीं है, लेकिन उस दौरान कुछ लोगों ने अपने हित के लिए देश को बांटने का काम किया, जिससे देश गुलाम हुआ। आज भी कुछ राजनीतिक दल बांटने का काम कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें – ब्रेनवॉश, लालच और कन्वर्जन : देहरादून में अंतर्राष्ट्रीय मजहबी नेटवर्क का खुलासा, पाकिस्तान-दुबई से निकला कनेक्शन
उस दौरान भी विभाजन हमारी कमजोरी था। फिर से हमें विभाजन से बचने की आवश्यकता है। हमें एक भारत श्रेष्ठ भारत को समर्थ और सशक्त बनाने के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। सीएम ने कहा कि कारगिल विजय दिवस का संदेश भी यही है। उन्होंने कहा कि जिन वीर सैनिकों ने अपना बलिदान दिया है, उनकी प्रेरणा यही है कि हम एक भारत श्रेष्ठ भारत के माध्यम से ही एक सशक्त और समर्थ भारत की परिकल्पना को साकार करें।
कारगिल विजय : भारत की वीरता का प्रतीक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन भारत के महान वीर सपूतों को याद करने का दिन है। इस दिन भारत ने ऑपरेशन विजय को पूर्ण करते हुए पाकिस्तान को धूल चटा दिया था। हम भारत के उन वीर सपूतों को नमन करते हैं। ये दिन भारत की सेना के शौर्य का भी प्रतीक है। कारगिल युद्ध पाकिस्तान ने भारत पर थोपा था जिसका मुंहतोड़ जवाब हमारे वीर जवानों ने दिया। हम सब जानते हैं कारगिल का युद्ध पाकिस्तान के द्वारा थोपा गया युद्ध था। पहाड़ियों पर घुसपैठ की सूचना मिली। सेना ने सरकार को जानकारी दी।
यह भी पढ़ें – उत्तर प्रदेश में जबरन कन्वर्जन पर सख्त योगी सरकार, दोषियों पर होगी कठोर कार्यवाही
आज के ही दिन कारगिल विजय की घोषणा प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी। उस समय पाकिस्तान के राष्ट्रपति अमेरिका गए, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी ने दबाव में नहीं आए। उन्होंने कहा कि अमेरिका हो या दुनिया की कोई भी ताकत भारत किसी के सामने नहीं झुकेगा और अंत में पाकिस्तान को आत्मसमर्पण करना पड़ा और घुसपैठियों को भागना पड़ा। कारगिल एक चुनौतीपूर्ण जगह थी जहां का तापमान माइनस 50 डिग्री होता है। इस बेहद चुनौतीपूर्ण हालात में भी हमारे जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान के कायरों को धूल चटा दी। हमारे सैनिकों ने कारगिल पर विजय प्राप्त की।
शहीद सैनिकों के परिजनों के लिए सरकार की योजनाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारा जवान किसी भी युद्ध या सीमा की सुरक्षा करते हुए शहीद होता है, तो राज्य सरकार की ओर उसके परिवार को आज 50 लाख रुपए की सहायता दी जा रही है। साथ ही उस परिवार के एक सदस्य की नौकरी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा 2017 से हमारी सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया कि शहीद होने वाले जवान की स्मृति को आगे बढ़ाने के लिए जिस गांव, नगर, कस्बे का वह जवान होगा, वहां पर एक भव्य स्मारक, इंस्टीट्यूट या किसी मार्ग का नामकरण उस जवान के नाम पर करेंगे।
















