देहरादून । मतांतरण से जुड़े एक बड़े मामले को उजागर करते हुए देहरादून एसएसपी अजेय सिंह ने बताया कि रानीपोखरी निवासी एक व्यक्ति ने थाना रानीपोखरी पर 18/07/2025 को एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें वादी की पुत्री उम्र 21 वर्ष, जो पिछले कुछ समय से अजीब व्यवहार कर रही है, के संदर्भ में संदेह व्यक्त किया गया। जब उससे पूछताछ की गई तो पता चला कि कुछ मुस्लिम लड़के व मुस्लिम लड़की जबरदस्ती उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर मुसलमान बनाने का प्रयास कर रहे हैं तथा कन्वर्जन के लिए पैसे व अन्य तरह के प्रलोभन दे रहे हैं, जिससे उसकी बेटी अजीब व्यवहार कर रही है।
अभियुक्तों की पहचान और प्राथमिकी दर्ज
वादी ने बताया कि अब्दुर रहमान निवासी सहसपुर देहरादून, अबु तालिब मुज़फ्फरनगर, अयान दिल्ली, अमन दिल्ली, तथा मुस्लिम महिला श्वेता निवासी गोवा उसकी बेटी को कन्वर्जन हेतु प्रेरित कर रहे हैं तथा उसका ब्रेनवॉश कर रहे हैं। उसे शक है कि इसमें अन्य मुस्लिम पुरुष व महिलाएं भी शामिल हो सकते हैं। इस पर थाना रानीपोखरी में मु0अ0सं0-58/2025 धारा 3/5 उत्तराखण्ड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।
जांच में सामने आया अंतरराष्ट्रीय लिंक
देहरादून एसएसपी के अनुसार प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक देहात ऋषिकेश के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई तथा जांच प्रारंभ की गई। पीड़िता की काउंसलिंग के दौरान यह तथ्य सामने आए कि यह मामला केवल अंतरराज्यीय नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर का है और इसका संबंध उत्तर प्रदेश के आगरा जनपद में प्रचलित कन्वर्जन के मामलों से भी है।
🔴 ऑपरेशन कालनेमि 🔴
देहरादून पुलिस की सख़्त कार्रवाई जारी!
धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत एक और केस दर्ज, गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन (पाकिस्तान, दुबई) उजागर।
🔹परिवार से अलग युवतियों को भावनात्मक रूप से फँसाकर कराया जा रहा था धर्मांतरण
🔹 SSP देहरादून की वीडियो बाइट- pic.twitter.com/FCvBvp6N1b— Uttarakhand Police (@uttarakhandcops) July 26, 2025
आगरा पुलिस से साझा की गई जानकारी
इसके पश्चात आगरा पुलिस से संपर्क कर पीड़िता द्वारा दी गई जानकारी साझा की गई। देहरादून एसएसपी ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय गैंग से जुड़े अभियुक्तों की संलिप्तता देहरादून में चल रही विवेचना में भी पाई गई।
नाबालिग उम्र में दोस्ती, फिर हुआ ब्रेनवॉश
विवेचना के दौरान पता चला कि जब पीड़िता उर्फ मरियम नाबालिग थी, तो फेसबुक के जरिए उसकी दोस्ती अबु तालिब पुत्र फारूखी निवासी किदवई नगर, खालापार, मुज़फ्फरनगर उत्तर प्रदेश से हुई। उसने उसे इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित किया और व्हाट्सएप पर कलमा भेजकर पढ़वाया तथा उसका नाम मरियम रख दिया। फिर उसे अयान नामक व्यक्ति से मिलवाया और उसके साथ निकाह के लिए षड्यंत्र रचा गया।
आर्थिक मदद की आड़ में मजहबी चालबाजियां
अबु तालिब ने उसे आयशा उर्फ कृष्णा (गोवा), अब्दुर रहमान उर्फ रूपेन्द्र प्रताप सिंह (सहसपुर), अब्दुल रहमान उर्फ महेन्द्र पाल सिंह (दिल्ली) से संपर्क करवाया, जिनके माध्यम से आर्थिक सहायता व संसाधन उपलब्ध कराए गए।
आयशा ने अबु तालिब को पैसे देकर पीड़िता को ऑनलाइन कपड़े व एक फोन-सिम भिजवाया। अयान ने वीडियो भेजकर उसे बताया कि सिम से ओटीपी लेकर व्हाट्सएप बिजनेस डाउनलोड करे और फोन की बैटरी निकालकर पानी से भरी बाल्टी में डुबोकर दो दिन बाद फेंक दे।
निकाह की तैयारी और असफल प्रयास
रानीपोखरी से पीड़िता को निकालने के लिए कैब भेजी गई, लेकिन उसने अंत समय पर बाहर निकलने से मना कर दिया। योजना के अनुसार उसे दिल्ली में सेफ हाउस में रखा जाना था और फिर निकाह कराया जाना था।
एक और पीड़िता और धन का लेन-देन
अब्दुल रहमान ने एक अन्य पीड़िता उर्फ सुमैया को भी प्रेरित किया और उसके खाते में ₹25,000 भेजे, जो काम न होने पर वापस ले लिए गए।
प्रेमनगर की सुमैया और दूसरा केस
पूछताछ में यह भी सामने आया कि देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र की एक अन्य लड़की उर्फ सुमैया इस गिरोह से जुड़ी है, जो बरेली से पढ़ाई करने आई थी। उसके भाई ने प्रेमनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई जिसमें कन्वर्जन व ब्रेनवॉश का आरोप लगाया गया। इस पर थाना प्रेमनगर पर मु0अ0सं0 126/25 धारा 3/5 उत्तराखण्ड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।
सुमैया की प्रोफाइल और मानसिक रूपांतरण
सुमैया बीएससी (गणित), एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेटधारी, फाइन आर्ट्स में मास्टर्स डिग्री प्राप्त युवती है। पारिवारिक विवादों के चलते उसकी दोस्ती बरेली की एक मुस्लिम युवती से हुई, जिसने इस्लाम धर्म की अच्छाइयां बताईं, साहित्य दिया और कश्मीर की एक युवती से संपर्क कराया जिसने उसे ZOOM APP के माध्यम से कुरान की तालीम दी।
रमज़ान में कश्मीर यात्रा और ऑनलाइन नेटवर्किंग
रमज़ान के दौरान सुमैया को कश्मीर बुलाया गया और इस्लाम के प्रति प्रभावित किया गया। सोशल मीडिया के जरिए उसकी पहचान पाकिस्तानी और अन्य मुस्लिम देशों के लोगों से हुई, जिन्होंने उसे “Reverted Muslim” के रूप में प्रेरित किया और Revert to Islam नामक कई ग्रुपों से जोड़ा।
पाकिस्तानी मौलवी से संपर्क और लेन-देन
एक पाकिस्तानी ऐप लूडो स्टार पर खेलते समय उसकी दोस्ती पाकिस्तानी मौलवी तनवीर अहमद से हुई, जिसने उसे मुफ्त में कुरान पढ़ाने का प्रस्ताव दिया।
सुमैया द्वारा तनवीर को पैसे देने के लिए उसके पाकिस्तानी दोस्त तहसीन की सलाह पर पैसे सुलेमान (देहरादून निवासी, वर्तमान में दुबई में) के खाते में डाले गए।
मुख्य अभियुक्तों की सूची
एसएसपी ने बताया कि मुख्य अभियुक्तों में –
- अब्दुल रहमान उर्फ महेन्द्र पाल सिंह (दिल्ली)
- अब्दुल रहीम
- अब्दुल्ला
- अब्दुर रहमान उर्फ रूपेन्द्र सिंह (सहसपुर)
- आयशा उर्फ कृष्णा (गोवा)
- सुलेमान (देहरादून निवासी, वर्तमान में दुबई में)
इन सभी पर कन्वर्जन हेतु प्रेरणा, आर्थिक सहायता, ब्रेनवॉश, साहित्य वितरण, आधार कार्ड परिवर्तन, अन्य को कन्वर्जन हेतु उकसाना आदि आरोप हैं।
दोनों मामले एक ही गिरोह के तार
देहरादून पुलिस की टीम ने यह भी पाया कि ये दोनों मामले एक ही गिरोह से जुड़े हैं। आगरा पुलिस ने इस गिरोह से संबंधित कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है।
आगे की कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अब तक की विवेचना के आधार पर आगरा पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों (1) अबु तालिब, (2) अब्दुल रहमान, (3) अब्दुल रहीम, (4) अब्दुल्ला, (5) अब्दुर रहमान, (6) आयशा उर्फ कृष्णा को न्यायालय से वारंट बी प्राप्त कर देहरादून लाया जाएगा और उनके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
शेष अभियुक्त अयान व सुलेमान की गिरफ्तारी हेतु टीम बनाकर कार्यवाही की जा रही है।












