नाम आपकी पहचान है। नाम, एक सभ्यता और एक संस्कृति है। नाम में ही अपने और अपने पूर्वजों को खोजने की शक्ति निहित है। नाम सिर्फ शब्द नहीं, परम्परा और इतिहास का प्रतीक है। विज्ञान के क्षेत्र में भी नामकरण संवेदनशील होता है, इसलिए एक नाम उस खोज अथवा आविष्कार की पहचान और महत्व को दर्शाता है।
पहचान के अनुरूप बदले जा रहे नाम
पिछले वर्षों में देश भर में स्थान की जरूरत एवं पहचान के अनुरूप नाम रखने का सिलसिला चल रहा है। मध्य प्रदेश में भी कई जगह के नाम बदले जा रहे हैं। जिसमें कि एक बार फिर राज्य के एक और गांव का नाम बदल गया है। खरगोन जिले के अंतर्गत स्थित ग्राम मोहम्मदपुर का नाम अब बजरंगपुर हो गया। मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से अवर सचिव राजेश कुमार कौल ने इसका नाम बदलने से संबंधित आदेश जारी किया है। इसकी अधिसूचना भी प्रकाशित हो गई है।
ग्रामवासियों की आस्था के चलते लिया निर्णय
दरअसल, यह ऐतिहासिक एवं भावनात्मक निर्णय ग्रामवासियों की सामूहिक भावना के अनुरूप लिया गया है। खरगोन जिले के गोगावा क्षेत्र के ग्राम मोहम्मदपुर का नाम पहले रतनपुर था। यहां प्राचीन स्वयंभू प्रकट हुए हनुमान की मूर्ति है। इस संबंध में सांसद गजेंद्र सिंह पटेल का कहना है कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि हमारी सनातन आस्था, सांस्कृतिक मूल्यों और जनभावनाओं के सम्मान की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। वर्षों से ग्रामवासी इस नाम परिवर्तन की मांग कर रहे थे, जो अब जाकर साकार हुई है।
बजरंगबली की श्रद्धा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण
उन्होंने कहा, ग्रामवासियों की बाबा बजरंगबली के प्रति अटूट श्रद्धा और क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सशक्त करने के उद्देश्य से यह नामकरण परिवर्तन किया गया है। यह निर्णय सांस्कृतिक पुनर्जागरण और परंपराओं के संरक्षण की दिशा में एक प्रेरक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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सांसद पटेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से समस्त ग्रामवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा एवं पुनर्स्थापना ही हमारा संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के खरगोन दौरे पर मैंने इसका नाम बजरंगपुर करने की मांग उठाई थी। इसके पूर्व 2022 में ग्राम पंचायत से प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजा गया था और इन सब प्रयासों का नतीजा नाम परिवर्तन में हुआ है। उन्होंने बताया कि इस दौरान खरगोन के विभिन्न चौराहों के नाम क्रांतिवीरों के नाम पर रखे जाने की भी घोषणा की गई थी।
खरगोन जिले के ग्राम मोहम्मदपुर का परिवर्तित नाम बजरंगपुर किया गया : यह निर्णय हमारी सनातन आस्था और सांस्कृतिक गौरव की पुनर्स्थापना का प्रतीक है !!#ApnaKhargoneBarwani#GajendraSinghPatel pic.twitter.com/jfm7rZcftl
— Gajendra Singh Patel (@gajendra4bjp) July 25, 2025
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और ग्रामवासियों की मांग
दूसरी ओर इस परिवर्तन को लेकर स्थानीय निवासी नरेंद्र सिंह चौहान कहते हैं कि उनके पूर्वज ठाकुर रतन सिंह ने 1445 में इस गांव को बसाया था, उन्होंने एक किंवदंती के बारे में बताया कि औरंगजेब के शासनकाल में उनके सेनापति ने यहां एक मंदिर को तोड़ने का प्रयास किया था। तभी यहां का नाम भी मोहम्मदपुर कर दिया गया था। लेकिन हम ग्रामवासी लम्बे समय से प्रशासन से मांग कर रहे थे, इसका पुराना नाम कागजों में रखा जाए या स्वयंभू बजरंगबली प्रकट होने से ग्राम का नाम बजरंगबली के नाम पर हो। जिसे की आखिर शासन ने सुना और अब जाकर वर्षों बाद गांव का नाम बदला जा सका है।
मध्य प्रदेश में अन्य नाम परिवर्तन
ज्ञात हो कि इससे पूर्व प्रदेश में अब तक अनेक स्थानों के नाम बदले जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यह पहले ही कह चुके हैं कि स्थानीय मांग के आधार पर यह निर्णय लिया जा रहा है। इसी सिलसिले में साल 2025 के प्रारंभ में उन्होंने अपने गृहक्षेत्र उज्जैन जिले के बड़नगर में गजनीखेड़ी पंचायत का नाम अब चामुंडा माता गांव, जहांगीरपुर को जगदीशपुर और मौलाना गांव का नाम विक्रम नगर किए जाने की घोषणा की थी।
शाजापुर जिले के गांवों के नाम भी बदले गए
इसी तरह से उन्होंने प्रदेश के शाजापुर जिले में भी इस साल के आरंभ में 11 मुस्लिम पहचान के नामों को बदलने की घोषणा की, जिसकी मांग यहां के स्थानीय निवासियों द्वारा लम्बे समय से की जा रही थी। जिसमें कि ग्राम मोहम्मदपुर मछनाई मोहनपुर बन गया। ढाबला हुसैनपुर का नाम बदलकर ढाबला राम रखा गया। मोहम्मदपुर पवड़िया का नाम बदलकर रामपुर पवड़िया कर दिया गया।
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खजूरी अलहदाद खजूरी राम बन गये। हाजीपुर का नाम बदलकर हीरापुर कर दिया गया। निपानिया हिसामुद्दीन निपानिया देव बन गये। रीचडी मुरादाबाद का नाम बदलकर रीचडी कर दिया गया। खलीलपुर रामपुर बन गया। घट्टी मुख्तियारपुर का नाम बदलकर घट्टी कर दिया गया। उंचोद का नाम बदलकर उंचवद कर दिया गया। शेखपुर बोंगी अवधपुरी बन गया।
पूर्व के प्रमुख नाम परिवर्तन
इससे ओर पूर्व के समय में जाएं तो प्रदेश में होशंगाबाद जिला मुख्यालय अब नर्मदापुरम के नाम से जाना जाता है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषिमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर के नसरुल्लागंज तहसील अब भैरूंदा के नाम से पहचानी जाती है। भोपाल स्थित इस्लाम नगर का नया नाम जगदीशपुर हो गया है। इतना ही नहीं 2021 से मध्य प्रदेश का हबीबगंज रेलवे स्टेशन अतीत हो गया, उसकी नई पहचान आज रानी कमलापति रेलवे स्टेशन है।

















