गत 23 जुलाई को देहरादून में ‘फिलॉस्फी एंड एक्शन ऑफ आर.एस.एस. फॉर द हिंद स्वराज’ पुस्तक के पुनर्प्रकाशित संस्करण का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसके मुख्य अतिथि थे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक को संघ के 25 वर्ष पूरे होने पर प्रकाशित किया गया था।
उस समय लेखक पादरी एंथोनी ने संघ को भविष्य के भारत के राष्ट्रवादी संगठन के रूप में काम करने वाला, देश की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने वाला और समाज सेवा करने वाला बताया था, जबकि उस समय संघ के आनुषांगिक संगठनों में से केवल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का गठन हो पाया था। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को समझने के लिए लिखी गई थी।
पुस्तक की प्रस्तावना कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जमनालाल मेहता ने लिखी थी। कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 1951 में कैथोलिक पादरी फादर एंथोनी द्वारा लिखी गई इस पुस्तक में न केवल संघ की विचारधारा, संगठनात्मक संरचना और कार्यपद्धति का गहन अध्ययन प्रस्तुत किया गया है, बल्कि ‘हिंद स्वराज’ की मूल आत्मा को भी समेकित रूप से समझाया गया है।
नए संस्करण की प्रस्तावना लिखने वाले प्रज्ञा प्रवाह के संयोजक श्री जे. नन्द कुमार ने कहा कि पुस्तक के लेखक ने अपने लेखों के माध्यम से 75 वर्ष पहले ही भारत को संघ के हाथों में सुरक्षित बताया था। इस अवसर पर प्रभात प्रकाशन के निदेशक प्रभात कुमार के अलावा अनेक वरिष्ठ जन उपस्थित थे।

















