नागपुर में 17-20 जुलाई तक राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय कार्यकारिणी एवं प्रतिनिधिमंडल की अर्धवार्षिक बैठक आयोजित हुई। इसमें 38 प्रांतों से 411 प्रतिनिधि उपस्थित रहीं। बैठक के समापन सत्र में प्रमुख संचालिका शांताक्का ने कहा कि संपूर्ण विश्व के हित की चिंता करते हुए सभी के सुख की कामना करना ही मूलभूत हिंदू विचार है।
भारत का श्रेष्ठ इतिहास और परंपरा इसी बात की द्योतक है। अगले वर्ष 2026 में राष्ट्र सेविका समिति की स्थापना के 90 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। इस उपलक्ष्य में प्रतिनिधि सभा में कार्यवृद्धि की योजना बनायी गयी, साथ ही यह निश्चित किया गया कि इस वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित सभी कार्यक्रमों में राष्ट्र सेविका समिति की सेविकाएं पूर्ण उत्साह के साथ सम्मिलित होंगी। समिति के विभिन्न कार्य विभागों द्वारा संघ शताब्दी के अवसर पर आगामी एक वर्ष तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रतिनिधि सभा में ‘युवा वर्ग में बढ़ती नशे की लत : एक गंभीर संकट’ विषय पर प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को सफलतापूर्वक संचालित करने पर भारतीय सेना और सरकार को अभिनंदन पत्र दिया गया। प्रतिनिधि सभा में घोष पर आधारित पुस्तिका ‘स्वर निनाद’ और ‘भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय–आपातकाल’ विषय पर सेविकाओं के अनुभवों पर आधारित ई-पत्रिका ‘आपातकाल की स्मरण कणिका’ का लोकार्पण भी हुआ।

















