मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने हाल ही में भारत की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अगर भारत की मदद न मिली होती, तो मालदीव कर्ज के बोझ तले डूब चुका होता। यह बयान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25-26 जुलाई 2025 को मालदीव यात्रा से पहले दिया, जो मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने जा रहे हैं। नशीद ने भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति को सराहा और इसे मालदीव के लिए आर्थिक व रणनीतिक रूप से अहम बताया। आइए, इस बयान के पीछे की कहानी को आसान शब्दों में समझते हैं।
कर्ज के संकट से जूझता मालदीव
मालदीव, जो अपने खूबसूरत समुद्र तटों और पर्यटन के लिए दुनिया भर में मशहूर है, हाल के वर्षों में भारी कर्ज की मार झेल रहा है। नशीद ने बताया कि कर्ज इतना बढ़ गया था कि मालदीव डिफॉल्ट करने की कगार पर था। ऐसे मुश्किल वक्त में भारत ने समय पर आर्थिक मदद दी। नशीद ने कहा, “भारत की मदद न होती, तो हम कर्ज चुकाने में डिफॉल्टर हो जाते।” भारत ने न सिर्फ पैसे से मदद की, बल्कि मालदीव के साथ भरोसे और दोस्ती का रिश्ता भी कायम किया। यह मदद सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे विश्वास का प्रतीक थी।
‘भारत पहले’ नीति और रिश्तों में बदलाव
नशीद ने मालदीव की विदेश नीति पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि मालदीव हमेशा ‘भारत पहले’ की नीति पर चलता रहा है। लेकिन, कुछ समय पहले चुनावी माहौल में यह नीति कभी भारत तो कभी चीन की ओर झुकी। अब मालदीव की राजनीति में समझदारी आई है, और सभी दल भारत के साथ मजबूत रिश्तों को तरजीह दे रहे हैं। नशीद ने इसे सकारात्मक बदलाव बताया। खासकर हिंद महासागर में मालदीव की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए भारत का साथ उनके लिए बेहद जरूरी है। यह रिश्ता मालदीव की सुरक्षा और समृद्धि की बुनियाद है।
इसे भी पढ़ें: लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद की नई साजिश, पाकिस्तान से कश्मीरी युवाओं को जिहाद के लिए ऐसे बना रहे शिकार
पर्यटन और व्यापार में भारत की भूमिका
भारत और मालदीव के रिश्ते सिर्फ कर्ज की मदद तक सीमित नहीं हैं। नशीद ने बताया कि भारत से आने वाले पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। भारतीय पर्यटक मालदीव के शानदार रिसॉर्ट्स में खूब आ रहे हैं, जिससे मालदीव की अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिला है। साथ ही, यह दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक रिश्तों को भी मजबूत करता है। नशीद ने भारत के साथ औपचारिक व्यापार समझौते की वकालत की। मालदीव की मछली भारतीय बाजारों में काफी पसंद की जाती है। ऐसा समझौता मछली निर्यात के साथ-साथ शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और समुद्री संरक्षण जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाएगा।
पर्यटन और सुरक्षा में सहयोग
नशीद ने भारत के समर्थन से बन रहे हनीमधू हवाई अड्डे का जिक्र किया, जो जल्द तैयार होगा। यह हवाई अड्डा दक्षिण भारत के शहरों को उत्तरी मालदीव से जोड़ेगा, जिससे पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, उन्होंने हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण में भारत के साथ मिलकर काम करने की जरूरत बताई। नशीद ने भारत की तेज आर्थिक प्रगति की तारीफ की और कहा कि भारत अपने पड़ोसियों के साथ मिलकर आगे बढ़ता है।

















