राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बिहार में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए एक और शख्स के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को पटना की विशेष NIA अदालत में दाखिल एक ताजा चार्जशीट में, पूर्वी चंपारण के रहने वाले मोहम्मद सज्जाद आलम पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आलम पर विदेश, खासकर दुबई, से गैरकानूनी फंड लाकर PFI के नेटवर्क को बिहार में मजबूत करने का इल्जाम है।
पीएफआई का सक्रिय मेंबर है सज्जाद
NIA की गहन जांच में खुलासा हुआ है कि सज्जाद आलम PFI का एक सक्रिय कार्यकर्ता था, जो संगठन की अवैध और राष्ट्र-विरोधी योजनाओं को अमल में लाने में शामिल था। उसे इस साल जनवरी में दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दुबई से लौटते वक्त हिरासत में लिया गया था। यह मामला सबसे पहले जुलाई 2022 में पटना के फुलवारीशरीफ थाने में दर्ज हुआ था, जब 26 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत कार्रवाई शुरू की गई थी। बाद में NIA ने इस मामले को अपने नियंत्रण में लिया और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धाराओं को जोड़ा।
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अब तक 18 लोगों को किया गया गिरफ्तार
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, और सज्जाद आलम के खिलाफ दाखिल चार्जशीट इस कड़ी में 18वीं है। इससे पहले, 17 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। जांच में यह भी सामने आया है कि PFI विदेशी फंडिंग का सहारा लेकर बिहार में अपने नेटवर्क को फैलाने और देश के खिलाफ साजिश रचने में जुटा था।
6 फरार के लिए ईनाम का ऐलान
इसके अलावा, NIA ने मामले से जुड़े छह फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम की घोषणा की है। इनमें से एक आरोपी, अब्दुल रहमान, जिस पर 4 लाख रुपये का इनाम था, को कतर से लौटते समय कन्नूर हवाई अड्डे पर पकड़ा गया था। अब तक इस मामले में कुल 28 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
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NIA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम PFI की हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे हैं। हमारा लक्ष्य ऐसी ताकतों को पूरी तरह से खत्म करना है जो देश की सुरक्षा और एकता के लिए खतरा बन रही हैं।” यह कार्रवाई आतंकवाद और गैरकानूनी संगठनों के खिलाफ NIA की सख्त नीति का हिस्सा है।

















