पंजाब पुलिस में मजाक से कहा जाता है कि यहां किसी अधिकारी या नेता की चले ना चले परंतु गांधी जी सर्टिफिकेट्स (नोटों) की चलती ही चलती है। ऐसे ही पंजाब में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है, एक अधिकारी ने किसी से रिश्वत मांगी, पीडि़त ने काम न होने पर इसकी शिकायत ऊपर के अधिकारी से की। ऊपर के अधिकारी के पास पहले वाले अधिकारी ने रिश्वत पहुंचाने का प्रयास किया। फिलहाल, अब अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
क्या है पूरा मामला
मामला जिला फरीदकोट का है, जहां जिला पुलिस ने अपने ही अधिकारी डीएसपी (क्राइम अगेंस्ट वूमेन) राजन पाल के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी की गिरफ्तारी वैवाहिक विवाद की शिकायत में पीडि़त परिवार से एक लाख की रिश्वत लेने और खुद की शिकायत होने पर उच्च अधिकारी एसएसपी के रीडर को एक लाख की रिश्वत देने की कोशिश करने के मामले में हुई है।
डीएसपी ने पीड़िता से मांगे थे एक लाख
डीएसपी राजनपाल के पास फरीदकोट के गांव पक्का की रहने वाली एक विवाहिता किरणजीत कौर की शिकायत की जांच चल रही थी, जिसमें डीएसपी ने पीड़िता के परिवार से एक लाख रिश्वत वसूली और उनके मामले को भी हल नहीं करवाया। इसके बाद विवाहिता के भाई कर्मतेज सिंह ने एक दिन पहले वीरवार को एसएसपी के पास डीएसपी राजन पाल के खिलाफ एक लाख रिश्वत वसूलने की शिकायत दे दी।
इसे भी पढ़ें: पंजाब के फगवाड़ा में गोमांस फैक्ट्री का भंडाफोड़, रोहिंग्या मुसलमानों पर शक
खुद के खिलाफ इस शिकायत की भनक मिलते ही डीएसपी राजनपाल ने एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन के रीडर एएसआई जसविंदर सिंह से संपर्क साधा और अपने खिलाफ हुई उक्त शिकायत को रफा दफा करवाने के लिए उसे एक लाख रिश्वत देने का प्रयास किया।
रीडर ने तुरंत पूरे मामले की एसएसपी को जानकारी दी और उनकी हिदायत के बाद राजन पाल के खिलाफ थाना सिटी में भ्रष्टाचार रुको एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया और उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया। मामले की जांच की जा रही है।

















