अगस्त 2024 में बांग्लादेश में छात्र विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना की सरकार गिर गई थी। यह आंदोलन खासकर सरकारी नौकरियों में आरक्षण नीति के खिलाफ था, जो छात्रों के लिए विवादास्पद हो गई थी। धीरे-धीरे यह आंदोलन हिंसक रूप लेता गया और देशभर में अशांति फैल गई। इस हिंसा में सैकड़ों लोग मारे गए और कई जगहों पर जुल्मों की खबरें आईं, खासकर हिंदुओं और महिलाओं के खिलाफ। शेख हसीना देश छोड़कर भारत भाग गईं। इस घटनाक्रम के बाद बांग्लादेश और भारत के रिश्तों में तनाव बढ़ गया, और पाकिस्तान की अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस ने पाकिस्तान के पक्ष में बयान देने शुरू कर दिए।
इस बीच, भारतीय सरकार ने बांग्लादेश के साथ प्रस्तावित क्रिकेट सीरीज के बारे में बीसीसीआई को सलाह दी कि वह इस सीरीज से हट जाए। भारतीय सरकार ने यह कदम दोनों देशों के बीच बिगड़े राजनीतिक रिश्तों को देखते हुए उठाया है। इस कारण, भारत और बांग्लादेश के बीच अगस्त में प्रस्तावित पुरुष क्रिकेट सीरीज अब रद्द होने की कगार पर है। क्रिकबज के अनुसार, भारतीय सरकार ने बीसीसीआई से इस दौरे को रद्द करने की सलाह दी है, जिससे बीसीसीआई को मीडिया अधिकारों के लिए पहले से तय की गई बिडिंग प्रक्रिया में भी बदलाव करना पड़ा है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने अब बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच होने वाली सीरीज के लिए मीडिया अधिकारों की बिक्री को अलग से करने का फैसला किया है। बीसीसीआई को सूचित किया गया है कि अब अगस्त में कोई भारत-बांग्लादेश सीरीज नहीं होगी, और इस बारे में कोई निविदा (ITT) भी नहीं जारी की गई है।
बीसीबी के अधिकारियों ने कहा कि वे इस सीरीज को फिलहाल स्थगित कर रहे हैं और भविष्य में इसे आयोजित करने की कोशिश करेंगे। वे उम्मीद कर रहे हैं कि बीसीसीआई अगले सप्ताह स्थिति पर एक आधिकारिक बयान जारी करेगा। बीसीबी के एक अधिकारी ने यह भी कहा कि जल्दबाजी करने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि भारत की सीरीज की तारीख अभी तक तय नहीं हो पाई है। इस बदलाव का असर क्रिकेट जगत पर पड़ेगा, क्योंकि इसमें भारत के खिलाड़ी जैसे विराट कोहली और रोहित शर्मा की वापसी में देरी हो सकती है। फिलहाल, भारत और बांग्लादेश सितंबर में एशिया कप में एक-दूसरे से भिड़ने के लिए तैयार हैं, जो अभी होने की संभावना है।
















