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हिमाचल में बारिश का कहर, 4 की मौत, 16 लापता, खतरा अभी भी बरकरार

हिमाचल में भारी बारिश व बादल फटने से तबाही, मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित। 4 की मौत, 16 लापता। 7 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट जारी...

Written byPanchjanyaPanchjanya
Jul 1, 2025, 07:12 pm IST
inभारत, हिमाचल प्रदेश

शिमला (हि.स.) । हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर कहर बरपाया है। बीते 24 घंटों में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने राज्य के कई क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है। मंडी, कुल्लू, हमीरपुर, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में अगले 24 घंटे के लिए बाढ़ का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चेताया है कि आगामी 7 जुलाई तक भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। इसके मद्देनजर आरेंज व येलो अलर्ट भी जारी किए गए हैं। साथ ही, पूरे प्रदेश में राहत व बचाव कार्य तेजी से जारी है।

राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान मानसून की सबसे भीषण बारिश दर्ज की गई है। मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां विभिन्न स्थानों पर बादल फटने और बाढ़ की घटनाओं में 4 लोगों की मौत हुई है जबकि 16 लापता हैं। मंडी के थुनाग, करसोग, ओल्ड बाजार और रिक्की जैसे क्षेत्रों में बादल फटे हैं। करसोग में एक व्यक्ति की मौत और 4 लापता हैं। रिक्की से 7 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। मंडी जिला के ही गोहर क्षेत्र में हालात सबसे ज्यादा गंभीर हैं। यहां सियांज गांव में दो घर बह गए और 9 लापता हैं। बाडा गांव में बादल फटने से 2 की मौत और 4 घायल हुए। तलवारा गांव में एक परिवार के तीन सदस्य लापता हैं और एक बच्ची को सुरक्षित बचाया गया है।

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मंडी में सबसे ज्यादा 233 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, हमीरपुर में 51 और चंबा में 3 का रेस्क्यू किया गया। हमीरपुर की सुजानपुर तहसील के ब्लाह गांव में ब्यास नदी में आई बाढ़ से कई लोग फंस गए थे, जिन्हें पुलिस ने सुरक्षित निकाला। पंडोह डैम से पानी छोड़े जाने के कारण ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे पंडोह बाजार क्षेत्र खतरे में आ गया। यहां से 100 से 150 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

मंडी के धर्मपुर, गोहर और कोटली क्षेत्रों में कई घर, पशुशालाएं और एक पुल पूरी तरह बह गए हैं। बाली चौकी क्षेत्र में भी बाढ़ के कारण पुल बह गया है। मंडी के डाइट परिसर में फंसीं 29 युवतियों को गुरुद्वारे में शिफ्ट कर राहत शिविर में रखा गया है।

किन्नौर जिले के रकच्छम में बादल फटने की घटना सामने आई है। हालांकि इसमें किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। मंडी में 10 से ज्यादा जगहों पर बादल फटे हैं, जिससे लोगों के घर, जमीन और पालतू मवेशियों को भारी नुकसान पहुंचा है। मंडी जिले में कुल 10 घर, 12 पशुशालाएं और एक पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 26 मवेशी भी मारे गए हैं।

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बीते 24 घंटों में मंडी जिले के संधोल और मंडी शहर में सबसे अधिक 220 मिमी बारिश दर्ज की गई। पंडोह में 210 मिमी, बिजाही में 200 मिमी और करसोग में 160 मिमी वर्षा हुई। कांगड़ा के पालमपुर और शिमला के चौपाल में 140 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार यह इस मानसून सीजन की अब तक की सबसे भारी बारिश रही है।

मौसम विभाग ने 2 से 7 जुलाई तक पूरे प्रदेश में भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। 2 जुलाई को कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, वहीं उना, बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी और शिमला में येलो अलर्ट जारी किया है। 3 व 4 जुलाई को राज्य के कुछ भागों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट। वहीं 5 से 7 जुलाई तक पूरे राज्य में भारी से बहुत भारी वर्षा व आकाशीय बिजली गिरने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

Topics: हिमाचल भारी बारिश 2025मंडी बादल फटाHimachal Flood July 2025Cloudburst in HimachalOrange Alert HimachalRescue Operation MandiWeather Alert HP
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