UK sex slave case : ब्रिटेन के मैनचेस्टर मिनशुल स्ट्रीट क्राउन कोर्ट ने शुक्रवार (14 जून) को वर्षों पुराने यौन शोषण मामले में पाकिस्तानी मूल के सात पुरुषों को दोषी करार दिया। दो नाबालिग स्कूली लड़कियों का यौन शोषण करने वाले मोहम्मद जाहिद (64), मुश्ताक अहमद (67), कासिर बशीर (50), मोहम्मद शहजाद (44), नाहीम अकरत (48), निसार हुसैन (41) और रोहीज खान (39) को अब जेल में लंबी सजा काटनी पड़ेगी। मोहम्मद जाहिद इस गैंग का सरगना है।
यह मुकदमा लगभग चार महीने तक चला, जिसके बाद जूरी ने अपना फैसला सुनाने में तीन सप्ताह का समय लिया। इस दौरान लड़कियों ने कोर्ट को अपनी आपबीती बताई। पीड़िताओं ने बताया कि वे अपने घरों में आर्थिक तंगी से गुजर रही थीं, जिसका फायदा इन दोषियों ने उठाया। एक पीड़िता जो अब 30 साल की है उसने कोर्ट के समक्ष कहा कि उसे सामाजिक सेवा करने वालों ने 10 साल की उम्र में ही वेश्या करार दिया था, जो उसकी पीड़ा का और अधिक बढ़ाने वाला था।
‘जहां भी मन करता वहां रेप करते’
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला वर्ष 2001 से 2006 के बीच रोचडेल में दो नाबालिग लड़कियों को सेक्स स्लेव के रूप में इस्तेमाल करने का है। आर्थिक रूप से कमजोर दोनों लड़कियों को ड्रग्स, शराब, सिगरेट और रहने का स्थान देने के बदले उनके साथ मारपीट की गई और पांच साल तक बार-बार उनका यौन शोषण किया गया। इन लड़कियों को एक ही दिन में गंदे फ्लैटों में सड़े हुए गद्दों पर कई पुरुषों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। कभी कारों में, कभी पार्किंग में तो कभी सुनसान गोदामों और गलियों में जहां भी इन पुरुषों का मन करता उनके साथ रेप करते थे। कोर्ट में जूरी ने भी यह स्वीकार किया है कि नाबालिग लड़कियों से कई वर्षों तक गंदे फ्लैट और बदबूदार बिस्तरों पर कई पुरुषों ने बार-बार उनका यौन शोषण किया।
‘200 से अधिक पुरुषों ने रेप किया’
पीड़ितों की पहचान को गुप्त रखा गया है। इसमें एक पीड़िता को गर्ल ए और दूसरी को गर्ल बी का नाम दिया गया है। दोनों ब्रिटिश लड़कियों को 13 साल की उम्र से ही यौन शोषण का सामना करना पड़ा। उन्हें इन पांच वर्षों तक ‘सेक्स स्लेव’ बनाकर रखा गया। ये पुरुष जब भी और जहां भी मन करता वहां उनका रेप करते थे। गर्ल ए ने कोर्ट को बताया कि 200 से अधिक पुरुषों ने उसका रेप किया। वे इतने सारे थे कि उनकी गिनती करना भी मुश्किल था। वहीं, गर्ल बी ने बताया कि वह स्थानीय बच्चों के आश्रय गृह में रह रही थी। उस वक्त रोचडेल के इंडोर मार्केट में स्टाम्ल चलाने वाले मोहम्मद जाहिद, मुश्ताक अहमद और कासिर बशीर ने उसका रेप किया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उसे 10 साल की उम्र में ही वेश्या करार दिया था।
पाकिस्तान भागने की फिराक में थे सभी दोषी
बता दें कि मोहम्मद जाहिद, मुश्ताक अहमद, कासिर बशीर और रोहीज खान का जन्म पाकिस्तान में हुआ था। इसके अलावा तीन अन्य दोषी मोहम्मद शहजाद, नाहीम अकरम और निसार हुसैन भी पाकिस्तान मूल के हैं, लेकिन इनका जन्म रोचडेल में हुआ था। सुनवाई के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि ये सभी पाकिस्तान भागने की योजना बना रहे थे। आठवें आरोपी अरफान खान (40) को सबूतों के अभाव में बरी करना पड़ा था।
मोहम्मद जाहिद को बॉसमैन के नाम से जाना जाता है। वह 2001 में रोचडेल मार्केट में एक स्टोर-होल्डर था, वहीं पहली बार उसकी मुलाकात गर्ल बी से हुई थी। जाहिद को एक अन्य मामले में 2016 में पांच साल की सजा हुई थी। कासिर बशीर और मुश्ताक अहमद की भी रोचडेल मार्केट में दुकानें थीं। उन्होंने मोहम्मद जाहिद के साथ मिलकर गर्ल बी को मुफ्त कपड़े, पैसे, शराब और भोजन देने के बदले उसका यौन शोषण किया। मोहम्मद शहजाद, नाहीम अकरम और निसार हुसैन तीनों रोचडेल में टैक्सी ड्राइवर थे। इनको गर्ल ए का कई बार रेप करने के मामले में दोषी ठहराया गया है। इनके अलावा रोहीज खान 2013 में एक अन्य यौन शोषण के मामले में साढ़े छह साल की सजा काट चुका है। इसे गर्ल ए का रेप करने के मामले में दोषी करार दिया गया है।

















