मथुरा । कोतवाली क्षेत्र के मछली मोहल्ला निवासी मुस्लिम ऑटो चालक इमरान को ईद के दिन सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालना महंगा पड़ गया। पुलिस ने रविवार को उसे गिरफ्तार किया और जब उसके मोबाइल की जांच की गई तो उसमें कई महिलाओं और लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें बरामद हुईं।
पुलिस ने इमरान के मोबाइल को साइबर मुख्यालय भेज दिया है, ताकि डाटा रिकवरी कर डिजिटल सबूत जुटाए जा सकें। साथ ही, सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी प्राप्त करने के लिए संबंधित कंपनियों को ईमेल भेजे गए हैं। पुलिस आरोपी के खिलाफ केस को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
हिंदू नाम से लड़कियों को फंसाने का आरोप
आरोपी इमरान पर आरोप है कि वह हिंदू नाम बताकर लड़कियों और महिलाओं को अपने प्रेम जाल में फंसाता था और फिर उनके आपत्तिजनक वीडियो व तस्वीरों के ज़रिए उन्हें ब्लैकमेल करता था। ईद के मौके पर उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वह हिंदुओं को ईद पर घर से बाहर न निकलने की चेतावनी देता नजर आ रहा था।
वीडियो के वायरल होते ही हिंदूवादी संगठनों में आक्रोश फैल गया। शनिवार रात को भरतपुर गेट चौकी पर हंगामा हुआ, जिसके बाद रविवार को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
मोबाइल में मिले आपत्तिजनक कंटेंट
जांच के दौरान इमरान के मोबाइल से कई अश्लील वीडियो और फोटो मिले हैं, जिनमें कुछ शादीशुदा महिलाएं भी शामिल हैं। आरोपी के व्हाट्सएप डीपी पर लिखा है— “कुछ लोगों की उम्र इतनी नहीं होती, जितनी मेरी गर्लफ्रेंड हैं। मेरी 23 गर्लफ्रेंड हैं, वह भी दो साल में।” एक अन्य पोस्ट में उसने लिखा है— “वैसे तो मुझे 50 गर्लफ्रेंड पटानी थीं।”
सोशल मीडिया पर था सक्रिय
पुलिस के अनुसार इमरान कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप आदि पर सक्रिय था। उसकी गतिविधियों की जांच की जा रही है। साइबर मुख्यालय की मदद से यह भी पता लगाया जा रहा है कि किन-किन महिलाओं से उसने संपर्क किया, क्या चैट्स डिलीट की गईं और किन लोकेशन्स से संवाद हुआ।
पीड़िताओं से दर्ज कराई जाएगी रिपोर्ट
सीओ सिटी मथुरा भूषण वर्मा ने बताया कि आरोपी के मोबाइल से मिले डाटा के आधार पर पुलिस उसकी पूरी डिजिटल हिस्ट्री निकाल रही है। जिन महिलाओं और लड़कियों को ब्लैकमेल किया गया है, उनसे संपर्क कर रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा जाएगा। अगर वे खुद तहरीर नहीं देतीं तो उनकी काउंसलिंग की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य है कि आरोपी के खिलाफ ऐसा मजबूत केस तैयार किया जाए कि वह आसानी से जेल से बाहर न आ सके। जांच जारी है और मामले से जुड़े हर पहलू की गहराई से पड़ताल की जा रही है।












