पाकिस्तान में दो दिन पहले एक किशोरी की उसके ही जन्मदिन के अगले दिन गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह किशोरी सना यूसुफ अपने मातापिता की एकमात्र संतान थीं। वह टिकटोक पर वीडियो बनाया करती थी। और वीडियो भी गाने के केवल।
उसकी हत्या उसकी सत्रहवीं सालगिरह के अगले दिन कर दी गई थी। और वह भी उसके अपने बेरोजगार कज़िन के हाथों। उसका कज़िन उमर हयात उससे एकतरफा प्यार करता था और उससे निकाह करना चाहता था। कुछ लोगों का कहना यह भी है कि उसके कज़िन ने इस कारण उसकी हत्या की कि उसे ऐसा लगा कि सना के वीडियो बनाने से खानदान की इज्जत जा रही है।
भारत से पत्रकार जहक तनवीर ने एक्स पर लिखा कि एक सत्रह वर्षीय पाकिस्तानी लड़की की हत्या केवल इस बात पर हो जाती है कि उसके कज़िन को ऐसा लगा कि वह एक ‘पाक’ बिरादरी की नाक कटवा रही है।
Damn! 17-year old Pakistani 🇵🇰 Influencer #SanaYousaf was brutally murdered by her 21-year old cousin Umar Hayat. Her only crime was she was born in an intolerant society, where people feel entitled to interfere into someone’s life and shove their dos-donts in the name of moral… pic.twitter.com/sMYwpSRKhB
— Zahack Tanvir — ضحاك تنوير (@ZahackTanvir) June 3, 2025
उसकी सालगिरह मनाते हुए वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा हो रहे हैं। वह खुश थी और जिंदादिल लड़की थी। वह अपने मन से ज़िंदगी जीना चाहती थी। मगर लोगों का कहना है कि वे लोग ऐसी सोसाइटी में रहते हैं, जहाँ पर लड़कियां अपनी कब्रों मे ही सुरक्षित नहीं हैं। एक पाकिस्तानी अमेरिकन ने लिखा कि हमारी लड़कियां अब दुर्घटनाओं से नहीं मरती हैं, वे मर्दों की उस सोच से मरती हैं, जिससे डरने से वे इनकार करती हैं।
सना यूसुफ की इस हत्या से जहाँ एक तरफ पाकिस्तान के लोगों में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में गुस्सा है कि कैसे उसे उसके घर में घुसकर गोली मारकर मार डाला गया तो वहीं यह भी लोग कह रहे हैं कि ठीक हुआ। आखिर वह ऐसा काम करती ही क्यों थी?
लोग कह रहे हैं कि चलो एक टिकटॉकर कम हुआ।
मगर वह ऐसा क्या वीडियो बनाती थी? वह बहुत सहज वीडियो बनाती थी। बलोचिस्तान से एक राजनीतिक कार्यकर्ता ने लिखा कि सना यूसुफ केवल 17 वर्ष की आयु में मार डाली गई। और लोगों की टिप्पणियाँ, “ठीक हुआ, ऐसा ही होना चाहिए था”! यह केवल नफरत नहीं है, यह औरत जाति से नफरत है और उस नफरत पर गर्व भी। एक लड़की ने एक वीडियो साझा किया और उसे हमने बेशर्म कह दिया और एक लड़का शर्ट उतारकर जिम मे सेल्फ़ी खींचता है तो उसे प्रेरक कहा जाता है!
#sanayousaf. Just 17. Murdered.
And the comments?
“Deserved it.”
“One less TikToker.”This isn’t just hate. This is #misogyny loud and unashamed. A girl shares a video and she’s labeled “shameless.”
A boy shares shirtless gym selfies, and he’s called “motivational.”#SanaYousuf pic.twitter.com/FbKLw0CzXJ— Omais Qurban Satti (@omaissatti60) June 3, 2025
लोग ऐसे स्क्रीन शॉट साझा कर रहे हैं, जिनमें लोग खुशी मना रहे हैं कि कम से कम कुछ टिकटॉकर तो कम हुए। कोई लिख रहा है कि शुक्र है कि कुछ लोगों में गैरत जाग गई।
https://x.com/Incognito_qfs/status/1930172856077344887?
वहीं उसकी सालगिरह का एक बहुत रोचक वीडियो साझा हो रहा है। जिसमें सना यूसुफ ख्याली पुलाव पकाती हुई यह सोच रही है कि पाकिस्तान ने भारत को जीत लिया है और वह अगली सालगिरह दिल्ली में मनाएगी, ताजमहल पर फ़ोटो खिंचाएगी और साथ ही अंबानी के घर के दूसरे फ्लोर पर कब्जा जमाएगी। शाहरुख खान का दूसरा फ्लैट उसका होगा।
Sana Yousaf, a Pakistani TikToker, dreamed of celebrating her birthday on June 2nd in Delhi, posing at the Taj Mahal, and ‘occupying’ Ambani’s mansion; all hinging on a fantasy of Pakistan defeating India. The brutal irony? She was shot dead at her own homeland, Pakistan.
RIP… pic.twitter.com/SpcGNRYw9P
— Runims (@RealRunims) June 3, 2025
मगर वह जिस मुल्क की काल्पनिक जीत पर खुश होकर यह ख्याली पुलाव पका रही थी, उसी पाकिस्तान के बाशिंदों की सोच ऐसी है कि उसके कत्ल के बाद जश्न मना रहे हैं। उसके असली दुश्मन वे हिन्दुस्तानी नहीं हैं, जिनपर कब्जे की कल्पना करके खुश हो रही थी, बल्कि वे पाकिस्तानी और उसके अपने ही खानदान वाले हैं, जो उसकी एक न को नहीं स्वीकार कर पाए।
उसके अपने मुल्क वाले उसकी मौत पर खुश हो रहे हैं और कह रहे हैं कि चलो एक तो गंदगी कम हुई। वह दिल्ली को जीतना चाहती थी, मगर वह अपने मुल्क के लोगों की नजर में क्या थी, उसे नहीं पता था। या फिर उसे पता ही होगा! नफरत किस सीमा तक कथित पढे-लिखे लोगों में भी है कि वे दिल्ली फतह करना चाहते हैं। मगर दिल्ली फतेह करने से पहले वह यह भूल जाते हैं कि नफरत का अंजाम बहुत बुरा होता है।
सना ने उस हिंदुस्तान से नफरत की, जिस हिंदुस्तान ने उसका कुछ नहीं बिगाड़ा था, उस हिंदुस्तान की आत्मा को मारकर जीना चाहा, जिस हिंदुस्तान में पाकिस्तान से अधिक मुसलमान रहते हैं और अंतत: सना को ऐसी मौत मिली, जिस पर उसके अपने ही उस मुल्क में जश्न मन रहा है, जिसकी हिंदुस्तान पर जीत की वह कामना कर रही थी।











