भारत सरकार के द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद पड़ोसी पाकिस्तान बुरी तरह से हिला हुआ है। वहां पानी की भारी किल्लत है। हालात ये है कि पाकिस्तान के लगभग सारे डैम सूखने की कगार पर आ गए हैं, जिससे वहां अकाल की स्थिति आ गई है। खेतों की सिंचाई के लिए पाकिस्तान में पानी की भारी किल्लत हो गई है।
लाइव हिन्दुस्तान ने टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के हवाले से दावा किया कि पाकिस्तान के सिंधु नदी प्रणाली प्राधिकरण (IRSA) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मंगला तरबेला बांध जो कि पाकिस्तान के पंजाब और सिंध प्रांत में न केवल सिंचाई बल्कि विद्युत उत्पादन में अहम स्थान रखता है, उनके जलस्तर में करीब 50 फीसदी से अधिक की गिरावट आ गई है। हालात ये हो गए हैं कि मंगला बांध जिसकी क्षमता 5.9 मिलियन एकड़ फीट है, उसमें केवल 2.7 मिलियन एकड़ फीट ही पानी बचा हुआ है। ऐसा ही हाल तरबेला डैम का है, जिसकी क्षमता 11.6 मिलियन एकड़ फीट से घटकर अब केवल 6 एमएफए तक ही रह गई है।
पाकिस्तान की कंगाल सरकार और उसके वजीर ए आला शहबाज शरीफ को इस बात का अहसास है। यही कारण है कि वो लगातार भारत से बातचीत की टेबल पर आकर जल मुद्दे पर बातचीत करने की गुहार लगा रहे हैं।
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पीएम मोदी का बयान-खून और पानी साथ नहीं
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले के पाकिस्तान के साथ 1960 में हुए सिंधु जल समझौते को खत्म कर दिया था। उन्होंने बिहार में कहा था कि खून औऱ पानी एक साथ नहीं बह सकते हैं। प्रधानमंत्री ये स्पष्ट कर चुके हैं कि अब पाकिस्तान के साथ अगर कोई बातचीत होगी तो वो केवल दो मुद्दों पर ही होगी। पहला है आतंकवाद और दूसरा है पीओके। उल्लेखनीय है कि गर्मी का मौसम है, बांध का पानी भी खत्म होगा। भारत ने सिंधु नदी समझौता बंद कर दिया है, जिसका असर ये होगा कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान की हालत और अधिक खराब होने वाली है।

















