बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस को अब जनता के भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा हैं। इस्तीफे की खबरों के बीच यूनुस हालात से निपटने की बजाय विदेश दौरे पर निकल गए हैं।
उधर, ढाका में हालात गर्म होते जा रहे हैं। बीएनपी के नेतृत्व में लाखों लोगों की बड़ी रैली नयापल्टन में आयोजित की गई है। बीएनपी का आरोप है कि यूनुस सरकार लोकतांत्रिक तरीके से नहीं चुनी गई और इस कारण उसके पास बड़े फैसले लेने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
बीएनपी पार्टी ने सेना के साथ मिलकर इस साल के अंत तक आम चुनाव की मांग तेज कर दी है।
बता दें यूनुस सरकार की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। नया कानून, जो बिना विभागीय जांच के सरकारी कर्मचारियों को सिर्फ शो-कॉज नोटिस के आधार पर बर्खास्त करने की इजाजत देता है, भारी विवाद का कारण बन गया है।
इसके खिलाफ शिक्षक, सरकारी कर्मचारी और आम लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर चुके हैं। 24 मई को बीएनपी प्रतिनिधिमंडल ने यूनुस से मिलकर जल्द चुनाव कराने की मांग दोहराई, लेकिन अभी तक इस पर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है।
साफ है कि मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार चारों ओर से दबाव में है, लेकिन वह चुनाव कराने की बात से लगातार बच रहे हैं। जनता का गुस्सा, विपक्ष की सक्रियता और विवादास्पद नीतियां ये सब मिलकर मौजूदा अंतरिम सरकार को गहराते संकट की ओर धकेल रही हैं।














