पंजाब

पंजाब: पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की, अपने पापा को छोड़ने की गुहार लगाती रही बेटी

पंजाब के मलौद के सोहियां गांव में पत्नी जसवीर कौर ने प्रेमी सुखप्रीत सिंह के साथ मिलकर पति बहादुर सिंह की लोहे की रॉड से हत्या कर दी। घटना के समय 7 साल की बेटी पिता को बचाने की गुहार लगाती रही।

Published by
राकेश सैन

पंजाब में एक के बाद एक ऐसी घटना सामने आ रही है, जिससे पारिवारिक रिश्तों का कत्ल होता दिख रहा है। हुआ यूं कि एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ पति को मौत के घाट उतारा और फरार हो गई। घटना के समय दोनों की सात वर्षीय बच्ची भी मौजूद थी, जो हत्यारे से बार-बार कह रही थी कि उसके पापा को मत मारो। इस पर मृतक की पत्नी ने हत्यारे को नहीं बल्कि अपने बच्चों को पकड़े रखा।

खन्ना के नजदीकी क्षेत्र मलौद के गांव सोहियां में यह दिल दहला देने वाली घटना हुई है। यहां पत्नी जसवीर कौर ने अपने प्रेमी सुखप्रीत सिंह के साथ मिलकर अपने पति बहादुर सिंह पर लोहे की रॉड से सिर पर कई वार किए। खून से लथपथ बहादुर को तुरंत मलौद सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे लुधियाना रेफर किया गया। लेकिन इससे पहले कि इलाज शुरू होता, बहादुर की मौत हो गई।

जानकारी अनुसार, 40 वर्षीय बहादुर सिंह उर्फ भोला मिट्टी भरने का काम करता था। बहादुर सिंह की पत्नी जसवीर कौर ने प्रेमी सुखप्रीत सिंह के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया है। सुखप्रीत भी मृतक बहादुर के साथ काम करता था। अकसर उसके घर आता-जाता था। इसी दौरान उसकी जसवीर कौर और सुखप्रीत के बीच नजदीकियां बढ़ गई। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग के बाद अवैध संबंध बढ़ गए।

बहादुर सिंह को दोनों के अवैध संबंधों के बारे में पता चला तो उसने कई बार पत्नी जसवीर कौर को समझाने की कोशिश भी की। बहादुर सिंह और जसवीर कौर की 7 साल की बेटी भी है। बच्ची के भविष्य को देखते हुए वह बार-बार अपनी पत्नी से गुहार लगाता रहा कि वह अपनी हरकतों से बाज आए, लेकिन जसवीर के सिर पर प्रेम का ऐसा भूत सवार था कि उसने अपने पति को ही रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।

रात बहादुर सिंह अपने घर में पत्नी और बेटी के साथ सो रहा था। उसी दौरान पत्नी का प्रेमी आरोपी सुखप्रीत सिंह ने बहादुर सिंह के सिर पर लोहे की रॉड से कई बार किए। जिस समय बहादुर सिंह पर हमला हुआ उस समय उसके घर पर बहादुर सिंह का एक साथी इंद्रजीत सिंह भी पत्नी सहित लॉबी में सोया हुआ था। आधी रात को बहादुर सिंह चीखने-चिल्लाने लगा तो इंद्रजीत की आंख खुली। वह दौड़कर बहादुर सिंह के कमरे की ओर भागा। जब इंद्रजीत कमरे के दरवाजे पर पहुंचा तो नजारा देख उसके होश उड़ गए। उसने देखा कि सुखप्रीत के हाथ में लोहे रॉड थी। वह लगातार बहादुर सिंह के सिर पर वार कर रहा था।

यह सब बहादुर सिंह की पत्नी देख रही थी और पास में बेटी जोर-जोर से रो रही थी। बेटी कहती रही थी कि मेरे पापा को मत मारो। पापा को छोड़ दो। बेटी ने जब बचाव करने की कोशिश की तो उसकी मां जसवीर कौर ने उसे पकड़ लिया। जब इंद्रजीत कमरे में आया तो दोनों वहां से फरार हो गए। इसके बाद इंद्रजीत ही बहादुर सिंह को इलाज के लिए अस्पाल लेकर गया था, लेकिन की मौत हो गई। पुलिस हत्यारों की तलाश के लिए छापेमारी कर रही है।

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