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खेत हरे, खलिहान भरे

उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों से राज्य में कृषि और किसानों की दशा में निरंतर सुधार हो रहा है। सपा सरकार के समय कई जिलों में केंद्र सरकार रेल से पानी भेजती थी, अब वहां तालाबों का निर्माण कर लोगों को खुशहाल बनाया गया है। इन प्रयासों से राज्य में अन्न का उत्पादन काफी बढ़ा है

Written byसूर्य प्रताप शाही  सूर्य प्रताप शाही  
May 9, 2025, 08:04 am IST
in भारत, विश्लेषण, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में खेतों और किसानों के हित के लिए हमारी सरकार के प्रयास सतत जारी हैं। इन प्रयासों के अंतर्गत ही किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य को हम लगभग हासिल कर चुके हैं। अब किसानों की आय को तीन गुना करने के लक्ष्य पर कार्य शुरू हो चुका है। उत्तर प्रदेश में 11.2 प्रतिशत भूमि है, जबकि देश की 17 प्रतिशत आबादी उत्तर प्रदेश में निवास करती है। आज उत्तर प्रदेश खाद्य भंडार में 22 प्रतिशत का योगदान कर रहा है, जो अपने आपमें एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

सूर्य प्रताप शाही  
कृषि मंत्री, उत्तर प्रदेश

2023-24 में खाद्यान्न उत्पादन 668 लाख 39 हजार मीट्रिक टन हुआ है। यानी 2017 के खाद्यान्न उत्पादन से लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि। सरकार के प्रयासों से चावल, गेहूं और दलहन का उत्पादन बढ़ा है और तिलहन में 128.31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह उस समय 12 लाख 40 हजार मीट्रिक टन था, लेकिन आज बढ़कर 38 लाख 31 हजार मीट्रिक टन हो चुका है। चावल की उत्पादकता में 17.49 प्रतिशत, गेहूं में 12.32 प्रतिशत, दलहन में 17.50 प्रतिशत और तिलहन में 28.23 प्रतिशत बढ़ी है।

समाजवादी पार्टी सरकार ने 2012-2017 तक कुल 5 साल में 17,219 करोड़ रुपए का बजट का प्रावधान किया था। उस कार्यकाल में मात्र 12,276 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए थे। योगी आदित्यनाथ जी की सरकार ने 2017 से  2018 तक 33,895 करोड़ रुपए खर्च किए। अर्थात समाजवादी पार्टी की सरकार में जितना 5 साल में खर्च किया गया था, उससे साढ़े चार गुना ज्यादा किसानों के हित में, किसानों की उन्नति के लिए, बेहतर तकनीकी के लिए, नए शोध के लिए और गुणवत्ता पूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए खर्च किया गया है। हमारी सरकार विगत 7 वर्ष में 49 करोड़ 66 लाख रुपये व्यय कर चुकी है।

हमारी उपलब्धि तीन गुना

सपा सरकार के समय 75,061 करोड़ रुपए फसल ऋ ण  के रूप में वितरित किए गए थे, जबकि  हमारी सरकार ने 1,25,345 करोड़ रुपए का फसली ऋ ण किसानों को दिया है। सपा सरकार में  एक समय ऐसा भी था जब पूरे प्रदेश में विशेष रूप से बुंदेलखंड के अंदर विंध्य मंडल के भीतर किसान आत्महत्या कर रहे थे। 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद हम लोगों ने किसानों के ऋ ण मोचन का निर्णय लिया और उसके लिए हमने 36 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी हमेशा इस बात को मानते रहे कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि क्षेत्र है और इसलिए उनकी प्राथमिकताओं में था कि किसान का विकास सबसे पहले होना चाहिए। बार-बार प्रधानमंत्री भी कहते हैं कि सिर्फ किसान अन्नदाता ही नहीं रहेगा, किसान बीजदाता भी बनेगा और किसान कृषि क्षेत्र पर आधारित व्यवसाय को भी करेगा और इसीलिए एफपीओ के माध्यम से यह प्रयास किया गया है कि 10 हजार एफपीओ बनाकर किसानों के भीतर भी व्यापार करने की क्षमता पैदा कर सकें और इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार योजनाओं के माध्यम से उनको ताकतवर बना रही है।

पीली क्रांति का दौर शुरू

एक दौर था कि देश में हरित क्रांति हुई थी। मोदी जी ने मछली पालन के लिए नीली क्रांति की शुरुआत की। उसके बाद योगी आदित्यनाथ जी की सरकार ने उत्तर प्रदेश में पीली क्रांति की शुरुआत की है। पिछले वर्षों में राज्य सरकार ने 35 लाख से ज्यादा किसानों को दलहन और तिलहन के बीज निःशुल्क उपलब्ध कराए हैं। जब ठंड के दिनों में भी बलिया से लेकर बागपत तक तो खेतों में आपको पीली सरसों दिखाई देगी। यह योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों का परिणाम है। तिलहन और दलहन में हम आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

अब तक 36 लाख 92 हजार किसानों को हम लोगों ने निःशुल्क कृषि के उपकरण भी उपलब्ध कराए हैं। प्रदेश मेें 80,747 कुसुम सोलर पम्प लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से बिना बिजली के, बिना डीजल के किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल रही है। लगभग 2 लाख हेक्टेयर के भीतर सिंचाई की सुविधा मिल रही है। राज्य सरकार ने 911 करोड़ 37 लाख रुपए इस पर खर्च किए हैं।

अगले साल के बजट में भी हम लोगों ने 605 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है जिसके माध्यम से बिना बिजली के किसान सोलर पम्प के माध्यम से खेतों की सिंचाई कर सकेंगे। सपा सरकार में 13, 998 किसानों को कृषि यंत्र दिए गए, जबकि हमारी सरकार ने 2,28,116 किसानों को कृषि यंत्रों से सुसज्जित किया है। हम लोगों ने अब तक 1,8,50 करोड़ रुपए कृषि यंत्रों के लिए किसानों को अनुदान दिया है।

खेतों तक पहुंचा पानी

सपा सरकार में टैंकर से पीने का पानी आता था। यही नहीं, सपा सरकार के समय ललितपुर और सोनभद्र के लोगों के लिए मोदी सरकार रेल के जरिए पानी भेजती थी। सच तो यह है कि सपा सरकार ने इसके लिए भी मना कर दिया था। लेकिन जब लोग प्यास से तड़पने लगे तो सरकार को इसकी अनुमति देनी पड़ी। आज हम लोगों ने 35,090 किसानों के खेतों पर तालाब तैयार करा दिए हैं। इसके लिए 306 करोड़ 24 लाख रु का अनुदान उन किसानों को दिया गया है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के माध्यम से 2 लाख 76 हजार 94 हेक्टेयर ऊसर और बंजर खेतों में खेती का काम शुरू कराया है। खासतौर पर खरीफ की एक फसल उसमें से ली जाने लगी है। इसके लिए 597 करोड़ 67 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। जैविक खेती को बढ़ावा देने की दृष्टि से सपा सरकार में हमीरपुर जनपद में योजना शुरू की गई थी, लेकिन हमारी सरकार ने बुंदेलखंड के सभी सात जनपदों के 47 विकास खंडों में यह कार्य किया है।   एक विकास खंड में 500 हेक्टेयर के 50-50 के 10 क्लस्टर बनवाए हैं। उन क्लस्टरों के माध्यम से आज वहां पर प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

कृषि विज्ञान केंद्रों की स्थापना

सपा सरकार के समय मोदी सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए 20 कृषि विज्ञान केंद्र स्वीकृत किए थे, लेकिन उस समय इन केंद्रों के लिए जमीन मुहैया नहीं कराई गई। 2 साल तक इंतजार होता रहा। 2017 में जब योगी जी की सरकार आई तब 20 कृषि विज्ञान केंद्रों को स्थापित कराया गया। किसानों को सम्मानजनक तरीके से विकास खंड पर बैठने का अवसर मिले और वहीं पर उनको बीज मिलें, दवाइयां मिलें। इसलिए हम लोगों ने 2017-18 में एक नई योजना शुरू की और कृषि कल्याण केंद्र की स्थापना की।

दोगुने से ज्यादा बढ़ी एमएसपी

भारत सरकार एमएसपी तय करती थी और सपा सरकार एमएसपी पर अन्न की खरीददारी नहीं करती थी। सपा के कार्यकाल में 2012-2016 तक 217 लाख मीट्रिक टन धान और गेहूं की खरीददारी हुई थी और वहीं हम लोगों ने 6,97,85,000 मीट्रिक टन खाद्यान्न खरीदा। सपा सरकार में 30 लाख किसानों से खरीददारी हुई थी। योगी जी की सरकार ने 11,21,963 किसानों से खरीददारी की है।
एमएसपी के आधार पर किसानों को 1,33,959 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। सपा सरकार में 30 हजार करोड़ रु. का भुगतान हुआ था। सपा सरकार से 4 गुना से ज्यादा एमएसपी पर खरीद का भुगतान हम लोगों ने किया है। हम लोगों ने प्रदेश में बाजरा की खरीद शुरू कराई। इसके पहले किसानों से बाजरा नहीं खरीदा जाता था। हमारी सरकार ने ज्वार, मूंगफली, मिलेट्स, कोदो और मक्के की भी खरीददारी कराई है।

बीज पार्क योजना

सपा सरकार ने यूरिया पर कर लगाया था, जो देश के किसी भी राज्य में नहीं लगता था। योगी जी की सरकार ने ए.सी.पी.एन. टैक्स को खत्म किया। साढ़े 16 लाख किसानों के निजी नलकूपों का बिजली बिल सरकार अपने बजट से भर रही है। प्रमाणित बीजों के उत्पादन और किसान को  आत्मनिर्भर बनाने के लिए बीज पार्क की योजना अब सरकार स्वीकृत करने जा रही है। इसके लिए बजट में 251 करोड़ 25 लाख रु का प्रावधान किया गया है।सपा और भाजपा सरकार का तुलनात्मक अध्ययन करने पर साफ दिखता है कि आज उत्तर प्रदेश के किसान तेजी से समृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं।
(सुनील राय से बातचीत के आधार पर)

Topics: समाजवादी पार्टी सरकारउन्नति के लिएबेहतर तकनीकीदोगुने से ज्यादा बढ़ी एमएसपीपंडित दीनदयाल उपाध्यायसूर्य प्रताप शाहीकृषि और किसानों की दशापीली क्रांति का दौर शुरू
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