सीता नवमी के उपलक्ष्य पर गत 5 मई को नई दिल्ली में दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर अवस्थित राजेंद्र भवन सभागार में वैदेही फाउंडेशन के द्वारा जानकी प्राकट्योत्सव समारोह 2025 का भव्य आयोजन किया गया जिसमें सीता के जीवन दर्शन पर व्याख्यान, परंपरागत शास्त्रीय गायन व साहित्यिक और सामाजिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए लोगों का सम्मान किया गया।
पिछले 10 वर्षों से लगातार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जानकी नवमी समारोह मनाते आ रहे वैदेही फाउंडेशन के संस्थापक अमरनाथ झा ने समारोह में आये आगत अतिथियों के स्वागत उद्बोधन में कहा कि माँ जानकी के बिना राम की परिकल्पना अपूर्ण है। हमारी संस्कृति में हम सीताराम कहा जाता है, इसमें भी सीता राम से पहले आता है। रामनवमी देश और दुनिया मनाती है सीता जी का प्राकट्य दिवस भी देश और दुनियाभर में मनाया जाए। मिथिला में सीता के नाम पर भव्य मंदिर और पर्टयक स्थल बनाने की।
गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के हाल में गुजरात में उनके द्वारा माँ जानकी के सम्बन्ध में दिए गए वक्तव्य को उपस्थित दर्शकों के सामने रखा जहाँ उन्होंने सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी और रामायण से सम्बंधित सभी स्थलों की विकास करने की बात कही थी। अमरनाथ झा ने वैदेही फाउंडेशन के द्वारा पिछले कई वर्षों से माँ सीता के नाम पर मिथिला क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय महिला विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग को भी उपस्थित लोगों के सामने रखा।
इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत संस्कृत में मंगलाचरण, महाकवि विद्यापति के गीत और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बिहार बाल संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्षा व चेतना समिति, पटना की वर्त्तमान अध्यक्षा निशा मदन झा और लेखिका कुमकुम झा, सुलभ इंटरनेशनल की नित्या पाठक, आभा कुमार और रायपुर से आये पंकज के झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर जानकी समारोह को प्रारम्भ किया।
सामारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली पांच महिलाओं को विशेष तौर पर वैदेही स्त्री-शक्ति सम्मान से सम्मानित किया गया साथ ही साहित्यिक और सामजिक क्षेत्रों के कार्य करने वाले दर्जनों लोगों को सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में मंच पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्मारिका का विमोचन भी किया गया।











