गुरुकुल में ज्ञान और परंपरा का महासंगम : पाञ्चजन्य का ऐतिहासिक आयोजन
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गुरुकुल की धरती पर ज्ञान और परंपरा का महासंगम : पाञ्चजन्य का ऐतिहासिक आयोजन 6 अप्रैल को

गुजरात में 6 अप्रैल 2025 को पाञ्चजन्य द्वारा "भारतीय ज्ञान परंपरा का विस्तार एवं आधार: गुरुकुल" विषय पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन। राज्यपाल आचार्य देवव्रत सहित अनेक प्रख्यात वक्ता और गुरुकुल की जीवंत प्रस्तुति रहेगी खास।

Written byShivam DixitShivam Dixit
Apr 5, 2025, 08:23 pm IST
inभारत, गुजरात

कर्णावती/सुरेंद्रनगर । राष्ट्रीय पत्रिका पाञ्चजन्य द्वारा श्री स्वामी नारायण संस्कारधाम गुरुकुल, ध्रांगध्रा, सुरेंद्रनगर में 6 अप्रैल, 2025 को “भारतीय ज्ञान परम्परा का विस्तार एवं आधार: गुरुकुल” विषय पर एक दिवसीय गुरुकुल केंद्रित कार्यक्रम (इवेंट) का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में भारतीय ज्ञान परंपरा की ऐतिहासिक विरासत, वर्तमान प्रासंगिकता और वैश्विक प्रभाव पर गहन चर्चा होगी, साथ ही गुरुकुल की शिक्षा पद्धति का जीवंत प्रदर्शन भी होगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल के आगमन से

इस कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10:30 बजे गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी के गुरुकुल आगमन पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ होगा। इसके बाद पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर जी 10:35 से 10:40 तक कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत करेंगे। तत्पश्चात राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी 10:40 से 11:20 तक “भारतीय ज्ञान परम्परा का महत्व, ऐतिहासिक विरासत एवं वर्तमान प्रासंगिकता” पर अपना बीज (मुख्य) वक्तव्य देंगे।

आभार ज्ञापन के तहत परम पूज्य सदगुरु स्वामी श्री राम कृष्णदास दास जी, संस्थापक संस्कारधाम गुरुकुल, प्रांत संघचालक श्री मुकेश भाई मलकान जी, हितेश शंकर जी और भारत प्रकाशन के निदेशक श्री ब्रज बिहारी जी द्वारा राज्यपाल का अभिनंदन और सम्मान किया जाएगा। इसके बाद विश्व जयेश भाई वोरा की विद्या का प्रदर्शन होगा, जिसके साथ ही राष्ट्रगान के साथ यह सत्र समाप्त होगा और राज्यपाल 11:30 बजे कार्यक्रम स्थल से प्रस्थान करेंगे।

ज्ञान परंपरा और आधुनिकता पर केंद्रित सत्र

दूसरे सत्र में सुबह 11:35 से 12:10 तक IGNCA के ए.बी. शुक्ल जी “भारतीय ज्ञान परंपरा एवं गीता में प्रबंधन के सूत्र” पर व्याख्यान देंगे। इसके बाद तीसरे सत्र में 12:10 से 12:40 तक IGNCA के ही प्रतापानंद जी “Convergence of Tradition and Modernity in Digital Media” विषय पर अपने विचार साझा करेंगे।

चौथे सत्र में 12:40 से 1:00 बजे तक पूर्व कैबिनेट मंत्री, गुजरात और शिक्षाविद इंद्र विजय सिंह जडेजा जी “भारतीय ज्ञान का वैश्विक प्रभाव” विषय पर प्रकाश डालेंगे। इसके बाद 1:00 से 2:00 बजे तक भोजन की व्यवस्था रहेगी होगा।

गुरुकुल की जीवंत प्रस्तुति और प्रदर्शन

भोजन उपरांत दोपहर पांचवे सत्र में 2:00 से 2:30 बजे तक कानूनविद और गुरुकुल संचालक, राजकोट के मेहुल भाई अपने विचार साझा करेंगे। इसके बाद छठे सत्र में 2:30 से 3:00 बजे तक ध्रांगध्रा गुरुकुल के छात्रों द्वारा “गुरुकुल लाइव डेमो” प्रस्तुत किया जाएगा। सप्तम सत्र में 3:00 से 3:45 बजे तक हेमचंद्र गुरुकुल आधारित कला-विद्या और मेधा प्रदर्शन होगा, जिसमें योग, शारीरिक कलाओं (मल्लखंब, कुश्ती आदि), वैदिक गणित, गीता के श्लोक, वेद मंत्र पाठ और आंखों पर पट्टी बांधकर पढ़ने जैसे प्रदर्शन शामिल होंगे।

समापन और आशीर्वचन

कार्यक्रम के अंत में अष्टम सत्र में 3:45 से 4:00 बजे तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक, गुजरात, श्री मुकेश भाई मलकान उद्बोधन देंगे। इसके बाद अंतिम और समापन सत्र में 4:30 से 5:00 बजे तक महामंडलेश्वर स्वामी परमात्मानंद जी महाराज आशीर्वचन देंगे। इसके बाद प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण और भारत प्रकाशन के निदेशक श्री ब्रज बिहारी जी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन होगा। कार्यक्रम का समापन जलपान के साथ 5:00 बजे होगा।

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Shivam Dixit
Shivam Dixit
अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार। वर्ष 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत। प्रिंट, TV और डिजिटल मीडिया संस्थानों में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया। भारत की प्रथम SMS समाचार एजेंसी "न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया" (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, डिजिटल मीडिया के अनोखे प्रोजेक्ट "इंडियाज़ पेपर" का नेतृत्व करते हुए 500 समाचार वेबसाइटों का प्रबंधन किया। भारत के अलग अलग राज्यों के लगभग 1000 स्थानीय पत्रकारों से जुड़ा यह प्रोजेक्ट "लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स" में दर्ज है। वर्ष 2022 से राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं। शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे- नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं। उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी "अंसार खान" की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। [Read more]
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