मुस्लिम विद्वानों ने वक्फ पर फैलाए गए झूठे दावों की खोली कलई
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वक्फ बिल पर झूठे दावों की खुली कलई, मुस्लिम विद्वानों ने विधेयक को बताया निष्पक्ष और जन-हितैषी

मुस्लिम विद्वानों ने वक्फ संशोधन विधेयक के बारे में झूठ फैलाकर मुस्लिमों को भड़काने और उन्हें गुमराह करने वाले विपक्ष के झूठे दावों की कलई खोल दी।

Written byसुनीता मिश्रासुनीता मिश्रा
Apr 4, 2025, 01:53 pm IST
inभारत
वक्फ बोर्ड

वक्फ बोर्ड

वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर संसद की मुहर लग गई है। लोकसभा के बाद राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा पूरी होने के बाद गुरुवार देर रात इसे पारित कर दिया गया। विधेयक के समर्थन में 128 और विरोध में 95 वोट पड़े। मुस्लिम विद्वानों ने सत्ता पक्ष के इस कदम की सराहना की है। उन्होंने इसे निष्पक्ष, जनता के हित में और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाला बताया है। साथ ही वक्फ संशोधन विधेयक के बारे में झूठ फैलाकर मुस्लिमों को भड़काने और उन्हें गुमराह करने वाले विपक्ष के झूठे दावों की कलई खोल दी। पारदर्शिता, जवाबदेही और जन-हितैषी पर बल देने वाले वक्तव्य कुछ इस प्रकार हैं।

विधेयक पारदर्शिता और जवाबदेही लाने का प्रयास: डॉ. दरख्शां अंद्राबी

जम्मू एवं कश्मीर वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. दरख्शां अंद्राबी ने वक्फ संपत्ति होने के बावजूद बड़ी संख्या में मुस्लिमों के गरीब होने पर सवाल उठाते हुए कहा, “इतनी बड़ी वक्फ संपत्ति के बावजूद मुसलमान गरीब क्यों हैं? यह विधेयक पारदर्शिता और जवाबदेही लाने का प्रयास है।”

निष्पक्ष प्रशासन, पारदर्शिता सुनिश्चित होगी: कौसर जहां

दिल्ली हज कमेटी के अध्यक्ष कौसर जहां ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि य​ह संशोधन निष्पक्ष प्रशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।

सरकार का यह प्रयास सराहनीय है: फारूक वानी

ब्राइटर कश्मीर के संपादक फारूक वानी ने वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने पर खुशी जताते हुए कहा, “उत्तरदायित्व की भावना वक्फ प्रबंधन में लाने के लिए सरकार का यह प्रयास सराहनीय है।”

विधेयक को हमारा पूरा समर्थन: शादाब शम्स

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने पर कहा, “विधेयक बेहतर प्रबंधन और जनहित के लिए लाया गया है। हमारा पूरा समर्थन है।”

AIMPLB मुसलमानों को गुमराह कर रहा: मुफ्ती शाहाबुद्दीन

अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मुफ्ती शाहाबुद्दीन रजवी ने कहा, “AIMPLB मुसलमानों को गुमराह कर रहा है, यह बिल धर्म के खिलाफ नहीं है।”

वक्फ में भ्रष्टाचार चरम पर: आरिफ मोहम्मद खान

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, “वक्फ में भ्रष्टाचार चरम पर है। AIMPLB इसका बचाव क्यों कर रहा है?”

विरोध करने वाले राजनीतिक उद्देश्य साध रहे: सैयद नसुरुद्दीन

अजमेर दरगाह के प्रमुख, उत्तराधिकारी सैयद नसुरुद्दीन चिश्ती का कहना है, “इस विधेयक से किसी को डरने की जरूरत नहीं, विरोध करने वाले राजनीतिक उद्देश्य साध रहे हैं।”

वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग पर कड़ी आलोचना

जब मैं यूपी में वक्फ मंत्री था, तो देखा कि 90 प्रतिशत वक्फ संपत्ति खर्च में ही जा रही है, लाभ नहीं पहुंच रहा- केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान

वक्फ बोर्ड पर कुछ लोगों का कब्जा है, यह विधेयक उस अन्याय का प्रतिकार है- सैयद फरीद अहमद निजाम (सज्जादानशीन, दिल्ली)

वक्फ की जमीनों का लाभ मात्र एक वर्ग तक सीमित रहा है, यह बिल सामाजिक न्याय का माध्यम है- प्यारे खान (अध्यक्ष, महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग)

मुस्लिम समाज का होगा पुनरुत्थान: सलमान चिश्ती

चिश्ती फाउंडेशन के प्रमुख हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने कहा, “यदि वक्फ संपत्ति शिक्षा, कौशल और स्वास्थ्य में लगाई जाए तो इससे मुस्लिम समाज का पुनरुत्थान हो सकता है।”

आम मुस्लिमों के लिए सही दिशा: दानिश आजाद अंसारी

उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी के अनुसार, विधेयक का विरोध मात्र सीमित समूहों तक है, आम मुस्लिम इसे सही दिशा मान रहे हैं।

आत्मनिर्भर बनाने का कदम: गुलाम अली खटाना

राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना के मुताबिक यह विधेयक मुस्लिमों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार का मजबूत कदम है।

गरीब मुस्लिमों को मिलेगी मदद: वसीम खान

मुंबई के मुस्लिम नेता वसीम आर. खान का कहना है, “इस विधेयक से गरीब मुस्लिमों को काफी मदद मिल सकती है।”

महिला प्रतिनिधियों और आम मुस्लिमों ने वक्फ संशोधन विधेयक​ का किया समर्थन

यह विधेयक महिला अधिकारों की सुरक्षा और वक्फ संपत्ति की समान हिस्सेदारी की संभावना खोलता है- दिल्ली की मुस्लिम महिलाएं

विधेयक के समर्थन में मिठाइयां बांटी गईं, यह जमीनी स्तर पर सकारात्मक स्वागत का प्रमाण है- मुंबई के आम मुस्लिम

विधेयक के धार्मिक मूल्यों से असंगत होने के आरोपों का खंडन

यह संशोधन इस्लाम के विरुद्ध नहीं है, बल्कि धार्मिक भावना को अपवित्र होने से बचाने का उपाय है- सैयद नसुरुद्दीन चिश्ती

शरीयत के साथ कोई टकराव नहीं, यह प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार है- फरीद अहमद निजाम

वक्फ ​विधेयक के समर्थन में दिए गए सभी वक्तव्य इसका विरोध करने वालों को करारा जवाब हैं। उनके अनुसार ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और विपक्षी स्वर मुस्लिम हितों की नहीं, बल्कि राजनीतिक साजिशों की अभिव्यक्ति हैं। वक्फ संपत्ति मुस्लिम समाज के व्यापक हित में प्रयोग नहीं हो रही थी, जिसकी वजह से केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन विधेयक पारित किया। इससे वंचित वर्गों को सशक्त किया जा सकेगा।

Topics: राज्यसभावक्फ बिलवक्फ संशोधन विधेयक 2025मुस्लिम विद्वानवक्फ बोर्डसंसद
सुनीता मिश्रा
सुनीता मिश्रा
हरियाणा की कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री। इग्नू दिल्ली से राजनीतिक विज्ञान में मास्टर डिग्री। पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव। [Read more]
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