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“वे मारने आएंगे तो क्या उन्हें रसगुल्ले खिलाएंगे?”, हुमायूं कबीर ने माफी मांगने से किया मना, कहा- मजहब पहले

तृणमूल कांग्रेस के विधायक हुमायूं कबीर ने माफी मांगने से किया मना, पार्टी ने भेजा था नोटिस, बोले मजहब पहले

Written byPanchjanyaPanchjanya
Mar 15, 2025, 09:48 pm IST
inपश्चिम बंगाल
हुमायूं कबीर

हुमायूं कबीर

कोलकाता। भड़काऊ बयानबाजी को लेकर विवादों में घिरे तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर ने पार्टी की ओर से भेजे गए कारण बताओ नोटिस का जवाब दे दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वह अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगेंगे क्योंकि उन्हें नहीं लगता कि उन्होंने पार्टी अनुशासन का उल्लंघन किया है। हुमायूं कबीर ने साफ शब्दों में कहा है कि उनके लिए उनका मजहब पार्टी से बढ़ कर है। शुभेंदु अधिकारी के बयान पर हुमायूं कबीर ने भड़काऊ बयान देते हुए कहा था कि …अगर वे हमें मारने आएंगे तो हम क्या उन्हें रसगुल्ले खिलाएंगे?

शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा था, जिसमें 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया था। हुमायूं ने पहले सोमवार तक का समय मांगा था, लेकिन शनिवार सुबह ही उन्होंने अपना जवाब तृणमूल के अनुशासन समिति के चेयरमैन व संसदीय कार्य मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय को भेज दिया।

हुमायूं कबीर ने विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की कुछ टिप्पणियों के जवाब में उग्र और भड़काऊ बयान दिया था। उनके बयान को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने उनसे सफाई मांगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद हुमायूं को कारण बताओ नोटिस भेजने का निर्देश दिया था।

पार्टी की अनुशासन समिति ने हुमायूं को शुक्रवार को नोटिस भेजा और 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा। शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने शुक्रवार रात उन्हें फोन भी किया, तब हुमायूं ने सोमवार तक का समय मांगा था। लेकिन शनिवार सुबह 9:35 बजे उन्होंने अपना जवाब पीडीएफ फॉर्मेट में व्हाट्सएप के जरिए भेज दिया।

हुमायूं कबीर ने कहा कि उन्हें एक पन्ने का कारण बताओ नोटिस भेजा गया था, लेकिन उन्होंने उसका दो पन्नों में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “इससे पहले भी मुझे एक पन्ने का नोटिस भेजा गया था और मैंने उसका तीन पन्नों में जवाब दिया था। मैंने साफ कर दिया कि मेरे लिए पार्टी से पहले मेरी जाति आती है।”

हुमायूं ने बताया कि उनके 10 मिनट 29 सेकेंड के बयान में से सिर्फ 31 सेकेंड के एक वीडियो को लेकर पार्टी ने उनसे सफाई मांगी। उन्होंने कहा, “मुझे केवल सात लाइनों में जवाब देने को कहा गया कि मेरे 31 सेकेंड के बयान से पार्टी की छवि खराब हुई है। लेकिन मैं नहीं मानता कि मैंने कोई अनुशासन तोड़ा है।”

हुमायूं कबीर ने कहा, “मैंने किस संदर्भ में बयान दिया, क्यों दिया, इसकी पूरी जानकारी अपने जवाब में दी है। मैं अपने रुख पर कायम हूं। मैं तृणमूल कांग्रेस का सदस्य हूं, लेकिन पार्टी से पहले मेरा मजहब है। अगर मेरे मजहब को लेकर कोई कुछ कहेगा, तो मैं चुप नहीं रहूंगा। मैंने माफी नहीं मांगी और आगे भी नहीं मांगूंगा। पार्टी को जो करना है, करे।”

शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने हुमायूं के जवाब को स्वीकार करते हुए कहा, “हमें पीडीएफ मिल गया है। अब इसकी हार्ड कॉपी तैयार कर अनुशासन समिति को भेजा जाएगा। उसके बाद पार्टी आगे का फैसला लेगी।”

हुमायूं कबीर ने दिया था ये बयान

शुभेंदु अधिकारी के बयान पर तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर ने बुधवार को कहा था कि अगर वह हमें मारने आएंगे तो हम क्या उन्हें रसगुल्ले खिलाएंगे? वह मुस्लिम विधायकों का अपमान करेंगे, उन्हें सड़कों पर फेंक देने की बात करेंगे तो हम भी करारा जबाव देने को तैयार हैं। जैसे को तैसा जवाब दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि तृणमूल सरकार पर निशाना साधते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वे (तृणमूल) बंगाल के हिंदुओं को उखाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। दिल्ली में केजरीवाल के अहंकार के कारण वहां की जनता ने आप (पार्टी) को उखाड़ फेंका है। अगले साल बंगाल में भी यही होगा। हम उनकी पार्टी के मुस्लिम विधायक को, दस महीने बाद सत्ता में आने पर सड़कों पर फेंक देंगे।

Topics: भड़काऊ बयानहुमायूं कबीररसगुल्ले खिलाएंगेविवादित बयानतृणमूल कांग्रेसमजहब
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