हमें वर्चुअल वर्ल्ड में नहीं रियल वर्ल्ड में रहना है : सुरेश सोनी
July 13, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

हमें वर्चुअल वर्ल्ड में नहीं रियल वर्ल्ड में रहना है : सुरेश सोनी

भोपाल में विद्या भारती के अखिल भारतीय पूर्णकालिक कार्यकर्ता वर्ग का समापन हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शिक्षा, संगठन और राष्ट्र निर्माण पर विचार रखे। पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Written byडाॅ. मयंक चतुर्वेदीडाॅ. मयंक चतुर्वेदी
Mar 8, 2025, 10:36 pm IST
in भारत, मध्य प्रदेश

समूह का अपना प्रभाव रहता है, समूह में रहते हैं तो आपसी संवाद होता है, वह कई स्‍तरों पर प्रगाढ़ होता है। एक-दूसरे के व्यवहार से हम बहुत कुछ नया जानते और सीखते हैं, इसलिए वर्ग का अपना महत्व है। विद्या भारती के पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं की भूमिका केवल व्यक्तिगत या सांगठनिक स्तर तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज जीवन के हर क्षेत्र में हमारी प्रभावी भूमिका आवश्यक है। विकास के नए-नए अविष्‍कार, तकनीकि विकास के परिणाम में यंत्र की सामर्थ्य बढ़ती जा रही है, किंतु मनुष्‍य की इंद्रियों की क्षमता घटती जा रही है। वर्चुअल वर्ल्ड में मनुष्‍य का दिमाग अधिक लगता दिखता है, जबकि रियल वर्ल्ड से वह कट रहा है। वास्‍तव में आज की यह जरूरत है कि वर्चुअल वर्ल्ड और रियल वर्ल्ड के बीच एक विभाजन रेखा हो। उक्‍त बातें विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के अखिल भारतीय पूर्णकालिक कार्यकर्ता वर्ग के समापन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य श्री सुरेश सोनी ने कार्यकर्ताओं को प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्रदान करते हुए कहीं।

मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्‍थ‍ित आवासीय विद्यालय सरस्वती शिशु मंदिर, शारदा विहार, केरवा बाँध मार्ग पर संपन्न हुए वर्ग समापन पर शनिवार को श्री सोनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और उससे उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि तकनीक की प्रगति से मशीनों की क्षमता बढ़ रही है, लेकिन इसके दुष्प्रभावों के चलते मानव की शारीरिक एवं मानसिक क्षमताएँ प्रभावित हो रही हैं। आज व्यक्ति यात्रा भले ही विमान, बस या कार में कर रहा हो, लेकिन उसका मन वर्चुअल दुनिया में विचरण कर रहा होता है। यह प्रवृत्ति धीरे-धीरे व्यक्ति को वास्तविकता से दूर ले जा रही है, जिससे समाज और पारिवारिक जीवन पर भी प्रभाव पड़ रहा है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं को सचेत करते हुए कहा कि “तकनीक हमें जोड़ सकती है, लेकिन संबंध स्थापित नहीं कर सकती।” उन्‍होंने आह्वाहित करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग अवश्य करें, लेकिन यह ध्यान रखें कि यह हमारी मौलिक बुद्धिमत्ता को कमजोर न करे। तकनीक को साधन बनाएं, साध्य नहीं। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

सफल होने के लिए बार-बार के अभ्‍यास का महत्‍व है

श्री सोनी ने कहा कि जो हम जानते हैं उसे फिर से बार-बार जानना आवश्‍यक है। यह बार-बार जानने की प्रक्रिया हमें सिद्धहस्त बनाती है। उन्‍होंने आयुर्वेद का उदाहरण देते हुए कहा कि इस चिकित्सा के अंतर्गत औषधि की योजना होती है, इसमें रस योजना भी है, जिसमें भस्म भी है। आयुर्वेद में औषधि पकाने के लिए पुट शब्‍द चलता है। पुट के कई प्रकार होते हैं, जैसे 10 पुट, शत पुटी, सहस्‍त्र पुटी, जितना अधिक पुट दवा उतनी ही परिणाम कारक । अधिक क्षमता और योग्यता के लिए यही महत्‍व बार-बार के अभ्‍यास का हम सभी के जीवन में है।

पूर्णकालिक में कोई समस्‍या नहीं, वहां हर किसी को समाधान मिले

श्री सोनी ने कहा कि पूर्णकालिक शब्द से स्वाभाविक रूप से किसी विचार से पूरी तरह से जुड़े होने का आभास होता है। हमें हमेशा अपनी क्षमता वृद्धि करते रहने का प्रयास करना चाहिए। हर परिस्थिति के लिए अपने को ढालना आना चाहिए। समय के साथ अपनी कार्यशैली में आवश्यक परिवर्तन करते रहना है। एक व्यक्ति के रूप में, अपना विकास आवश्यक है, पर व्यक्ति के साथ हम समूह में हैं इसलिए कार्यकर्ता के रूप में अपना विकास करना हमें आना चाहिए। फिर उसमें भी यदि हम पूर्णकालिक हैं तो उसके एक काम नहीं सभी कुछ उसे पूर्ण करना है, उसका यही दायित्व है और यह अकेले को भी नहीं करना, इसलिए हमें एक संगठक का रोल अच्‍छे तरीके से निभाना आना चाहिए। हमारे लिए यह अत्यंत आवश्‍यक है कि पूर्णकालिक जीवन में हम किसी समस्या के रूप में नहीं एक समाधान के रूप में अपने को स्‍थापित करें।

श्री सुरेश सोनी का कहना रहा कि विद्या भारती जब शुरू हुई, तब दृष्टि यही थी कि भारत के अधिष्ठान के आधार पर इसका विकास होना है। संगठन की परिधि के अंदर सारी चेष्टाएं थीं, लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं, अब केवल अपने संगठन तक सीमित नहीं रहना है, जो शिक्षा का तंत्र, नीतियां, विभाग का स्वरूप है, उस तंत्र में विकसित मॉडल (वैज्ञानिक तकनीकी आधार) पर भी अपनी बात रखने का अभ्यास हमारा होना चाहिए। जहां यह प्रयोग चल रहे हैं उन्हें बहुत शुभकामनाएं किंतु जहां तकनीक का उपयोग का अभ्यास नहीं बना है उन्हें ध्‍यान देने की आवश्‍यकता है।

श्री सोनी जी ने बताया कि दिल्ली में विद्या भारती ने एक प्रयोग किया था, जिसमें चिन्मय मिशन, गायत्री परिवार जैसी 29 संस्थाएं उसमें सम्‍म‍ित होने के लिए आगे आई थीं। ऐसे अन्‍य प्रयोग भी शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों के स्‍तर पर एक-दूसरे को जानने-समझने के लिए होते रहना चाहिए। व्यक्ति के नाते, कार्यकर्ता के नाते, संगठन के नाते अपना विकास करते रहना आवश्यक है।

प्रोडक्ट प्रभावशाली है तो अवसर ही अवसर हैं

आपने कहा कि यदि हमारे प्रोजेक्ट और प्रोडक्ट में दम है तो हमको हमेशा मान, सम्मान और अवसर मिलते रहेंगे। इसके साथ ही हमारी उपयोगिता हमेशा बनी रहेगी। प्रारंभिक शिक्षा के स्‍तर पर आने वाले समय में बेहतर ट्रेनिंग सेंटर विकसित हों, कार्यक्रम प्रभावी हों, यह बहुत आवश्‍यक है। वर्ष 2047 आते-आते विश्‍वस्‍तर पर भारत अपनी भूमिका फिर शक्तिशाली रूप में निभाता हुआ दिखाई दे, इसकी सिद्धता हो, इस‍के लिए जो भी हमें आधारभूत परिवर्तन करने आवश्‍यक हैं उसके लिए हम आज से कार्य आरंभ करें, यही समय की मांग है।

मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की दो महत्‍वपूर्ण घोषणाएं

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने उद्बोधन में भगवान राम और लक्ष्मण पर महर्षि विश्वामित्र के विश्वास का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि महर्षि ने असुरों के संहार के लिए राजा दशरथ से विशाल सेना नहीं मांगी, बल्कि उन्होंने भगवान राम की गुरुकुल में प्राप्त शिक्षा और संस्कारों पर भरोसा जताया। इस संदर्भ में विद्या भारती के गुरुकुलों और सरस्वती शिशु मंदिरों की भूमिका को रेखांकित करते हुए मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यहाँ से अध्ययनरत विद्यार्थी आज विभिन्न क्षेत्रों में श्रेष्ठता स्थापित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि भोपाल नगर में दो प्रमुख द्वारों का निर्माण किया जाएगा- एक राजा भोज के नाम पर, दूसरा राजा विक्रमादित्य के नाम पर। यह निर्णय देश के गौरवशाली इतिहास और परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगा।

समारोह के दौरान विद्या भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष दूसी रामकृष्ण राव ने पांच दिवसीय अभ्यास वर्ग (03 से 08 मार्च) की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की। प्रारंभ में डॉ. राम कुमार भावसार ने अतिथियों का परिचय कराया, जबकि प्रांत अध्यक्ष मोहन लाल गुप्ता एवं सचिव डॉ. शिरोमणि दुबे ने स्वागत किया। कार्यक्रम के समापन पर विद्या भारती के अखिल भारतीय महामंत्री अवनीश भटनागर ने आभार प्रदर्शन किया और अंत में वंदे मातरम् का गान हुआ। देशभर से आए 700 से अधिक पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं ने इस अभ्यास वर्ग में भाग लिया, जिनमें विद्या भारती के शीर्ष पदाधिकारी भी सम्मिलित रहे।

राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ कार्यकर्ता वर्ग का समापन

विद्या भारती के इस अखिल भारतीय पूर्णकालिक कार्यकर्ता वर्ग में विचार, व्यवहार एवं संगठनात्मक कार्यशैली पर गहन मंथन हुआ। विभिन्न सत्रों में शिक्षा, समाज एवं राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अभ्यास वर्ग ने कार्यकर्ताओं को नवीन दृष्टिकोण, प्रभावी रणनीति और समर्पण भाव के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान की गई है।

Topics: भोपाल गुरुकुल शिक्षा मॉडलVidya Bharati Worker Trainingराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघVidya Bharati Education Policyआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हिंदीSaraswati Shishu Mandir Bhopalअखिल भारतीय कार्यकर्ता सम्मेलनAkhil Bharatiya Karyakarta Sammelanभारतीय शिक्षा प्रणालीRSS Education StrategyIndian education systemArtificial Intelligence and Educationविद्या भारती कार्यकर्ता वर्गMohan Yadav Announcementsविद्या भारती शिक्षा नीतिBhopal Gurukul Education Modelसरस्वती शिशु मंदिर भोपालमोहन यादव घोषणाएं
डाॅ. मयंक चतुर्वेदी
डाॅ. मयंक चतुर्वेदी
लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और हिंदुस्थान समाचार से संबद्ध हैं। [Read more]
Share1TweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

देशभर में संघ के 95 प्रशिक्षण वर्ग सफल, 18,842 स्वयंसेवक हुए प्रशिक्षित

Mohan Bhagwat on Mental Health Nagpur Speech Samarpana Wellness Centre RSS

“मोबाइल नहीं, बातचीत से बनेगा मजबूत मन…” नागपुर में बोले मोहन भागवत जी- बच्चे रोते हैं तो फोन मत थमाओ, संवाद करो!

उत्तर से कतराते प्रश्न के प्रेत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (प्रतीकात्मक फोटो)

BJP को रोकने के लिए संघ को निशाना क्यों बना रहा विपक्ष?

Mohan Bhagwat on RSS Nagpur Speech Remote Control Statement Dr Hedgewar Video

“संघ किसी का रिमोट कंट्रोल नहीं चलाता…” नागपुर में बोले सरसंघचालक जी- ‘कार्य का स्वरूप बदले, पर मूल तत्व नहीं’

Grand screening of Panchjanya's documentary Amit Atal held

हमारी नाल संघ से जुड़ी है.. : वृतचित्र ‘अमिट अटल’ का हुआ भव्य प्रदर्शन, दत्तात्रेय जी और जोशी जी ने बताएं अनसुने प्रसंग

Load More

ताज़ा समाचार

श्रीजगन्नाथ मंदिर में संपन्न हुई राजप्रसाद बिजे नीति, गजपति महाराज को दी गई महाप्रभु के स्वस्थ होने की सूचना

Explainer: आत्मनिर्भर भारत की नई क्रांति का नाम है E-20, अन्नदाता से ऊर्जादाता बनने की शुरुआत

supreme court

काशी, मथुरा और संभल मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के समझौते प्रस्ताव से दोनों पक्षों ने किया इनकार

तीर्थ यात्रियों की ट्रेन को रवाना करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर हर्रावाला से वेरावल के लिए विशेष रेल यात्रा का शुभारंभ

दिल्ली दंगों का दोषी ताहिर हुसैन

दिल्ली दंगा : IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में AAP का पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, अनस और जावेद दोषी

कर्णावती में पौधरोपण करते वालंटियर्स

अहमदाबाद ने बनाया विश्व रिकॉर्ड: एक घंटे में 3.61 लाख पौधरोपण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

देहरादून साइंस सिटी बनेगी विज्ञान और नवाचार का राष्ट्रीय केंद्र : सीएम धामी 

भारतीय महिला क्रिकेट टीम

लॉर्ड्स के मैदान पर भारतीय महिला टीम ने रचा इतिहास, इंग्लैंड को 270 रन से हराया, 142 साल के इतिहास में पहली बार

cm yogi adityanath

अपराधियों के लिए यूपी में कोई जगह नहीं, करें सख्त कार्रवाई : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय सड़क संपर्क विकसित करना हमारी प्राथमिकता: नितिन गडकरी

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies