नई दिल्ली। गुजरात एटीएस की गिरफ्त में आए और आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़ा अब्दुल रहमान सच उगलने लगा है। फरीदाबाद में उसके बताए ठिकाने से दो ग्रेनेड मिले हैं। वहीं, मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि उसके निशाने पर अयोध्या का राम मंदिर था।
मोबाइल में मिलीं राम मंदिर और उसके आस-पास के वीडियो
जानकारी के मुताबिक आतंकी संगठन के कहने पर अब्दुल ने राम मंदिर और उसके आस-पास की रेकी की और वहां के वीडियो बनाए। कई सारे वीडियो इसने आतंकी संगठन के साथ साझा भी किए थे। रेकी के बाद अब हमले की तैयारी जोरों पर चल रही थी। इसी के तहत अब उसे हैंड ग्रेनेड लेने के लिए भेजा गया था, लेकिन वह गुजरात एटीएस के हत्थे चढ़ गया। अभी वह गुजरात एटीएस की हिरासत में है फिर हरियाणा पुलिस की, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।
आतंकी संगठन के अगले आदेश के आने का इंतजार कर रहा था
हैंड ग्रेनेड लेने के बाद अब ये आतंकी संगठन के अगले आदेश के आने का इंतजार कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही आईबी, गुजरात एटीएस को इसकी जानकारी मिली। उन्होंने अपने सूत्रों से आतंकी की फोटो भी अरेंज कर ली। इसके बाद जानकारी को पलवल एसटीएफ से साझा कर रविवार को सभी टीमों ने मिलकर आतंकी को फरीदाबाद के बांस रोड पाली से गिरफ्तार कर लिया। उसके बताए ठिकाने से ग्रेनेड मिले। ये दो ग्रेनेड सोहना रोड स्थित पाली इलाके से एक खंडहरनुमा मकान से मिले।
फैजाबाद के मिल्कीपुर का रहने वाला है अब्दुल
फरीदाबाद पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि गुजरात एटीएस की टीम ने गुजरात से एक युवक को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार युवक का नाम अब्दुल रहमान (19) है। अब्दुल रहमान मिल्कीपुर फैजाबाद उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। गुजरात एटीएस की टीम करीब चार घंटे तक पाली के खंडहरनुमा मकान में जांच करती रही। इस दौरान दो जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद हुए। फरीदाबाद पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने कहा कि मामला संवेदनशील है दो राज्यों की पुलिस जांच कर रही है। गुजरात पुलिस युवक और बरामद सामान को साथ ले गई है।
इस तरह से हमले के लिए किया गया था तैयार
केस की जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि अब्दुल बीते कई महीने से आतंकी संगठन के संपर्क में था। फेसबुक के जरिये इससे संपर्क किया गया, जिसके बाद इसे एक ग्रुप में शामिल किया गया। ग्रुप में धर्म विशेष को लेकर आहत करने वाले वीडियो शेयर किए जाते थे, जिसके बाद ग्रुप के लोगों को रिकॉर्ड किए गए वीडियो संदेश भी भेजे जाते थे। इन संदेश में अब्दुल और इसके जैसे अन्य युवाओं को कहा जाता था कि तुम्हारे ऊपर अयोध्या में जुल्म हुआ है और अब तुम्हें इसका बदला लेना है। इसी तरह इन्हें हमले के लिए तैयार किया गया।

















