प्रयागराज महाकुंभ: कहां उतरें, कहां ठहरें और क्या खाएं, संगम तक पहुंचने के आसान रास्ते
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प्रयागराज महाकुंभ: कहां उतरें, कहां ठहरें और क्या खाएं, संगम तक पहुंचने के आसान रास्ते

महाकुंभ 13 जनवरी, 2025 से शुरू हो चुका है और 26 फरवरी, 2025 तक चलेगा। यह मेला 12 वर्षों में एक बार संगम के पवित्र तट पर आयोजित होता है।

Written byMahak SinghMahak Singh
Jan 19, 2025, 03:38 pm IST
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महाकुंभ

महाकुंभ

प्रयागराज महाकुंभ भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। यह 13 जनवरी, 2025 से शुरू हो चुका है और 26 फरवरी, 2025 तक चलेगा। यह मेला 12 वर्षों में एक बार संगम के पवित्र तट पर आयोजित होता है, जहां लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने और आध्यात्मिक शांति प्राप्त करने के लिए इकट्ठा होते हैं। इस साल भी, देश-विदेश से लाखों लोग इस अद्भुत आयोजन का हिस्सा बनने आएंगे।

प्रयागराज महाकुंभ मेला तक पहुंचने के आसान तरीके

ट्रेन यात्रा-

महाकुंभ मेले के दौरान, ट्रेन यात्रा प्रयागराज तक पहुंचने का सबसे आसान और किफायती तरीका है। प्रयागराज जंक्शन (पहले इलाहाबाद जंक्शन) एक प्रमुख रेलवे हब है, जो भारत के लगभग सभी हिस्सों से जुड़ा हुआ है।

प्रयागराज में प्रमुख रेलवे स्टेशन-
  • प्रयागराज जंक्शन- 6 km
  • प्रयागराज रामबाग- 6 km
  • प्रयाग घाट- 6 km
  • नैनी जंक्शन- 11km
  • प्रयागराज छिवकी जंक्शन- 18 km
  • दारागंज- 2.5 km
  • सूबेदारगंज- 12 km
  • बमरौली रेलवे स्टेशन- 18 km

इन सभी स्टेशनों पर उतरने के बाद, श्रद्धालु ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा के माध्यम से मेला क्षेत्र तक आसानी से पहुंच सकते हैं।

स्टेशन से मेला स्थल तक कैसे पहुंचे?

ऑटो-रिक्शा और टैक्सी-

स्टेशन से सीधे कुंभ मेला स्थल तक पहुंचने के लिए यह एक सुविधाजनक विकल्प है।

पैदल-

महाकुंभ मेले के दृश्य और माहौल का आनंद लेने के लिए पैदल चलना सबसे आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।

आवास-

महाकुंभ मेले के दौरान प्रयागराज में ठहरने के लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं।

होटल और गेस्ट हाउस-

प्रयागराज जंक्शन के पास 50 से अधिक होटल हैं, जहाँ से मेला स्थल तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा पूरे जिले में कुल 204 गेस्ट हाउस हैं।

धर्मशालाएं और रैन बसेरे-

संगम के आसपास 3,000 बेड के रैन बसेरे बनाए गए हैं। पूरे शहर में 90 धर्मशालाएं हैं, जहाँ कुंभ के दौरान ठहरने की उचित व्यवस्था होगी।

पीजी हाउस-

संगम के आसपास कई घरों को पीजी हाउस में बदला गया है। पर्यटन विभाग ने इनको लाइसेंस और ट्रेनिंग दी है। यह एक सुरक्षित और किफायती विकल्प है।

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Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
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