महाकुम्भ नगर, 31 दिसंबर । प्रयागराज महाकुम्भ में आस्था की डुबकी लगाने आ रहे करोड़ों श्रद्धालु इस बार सनातन धर्म की पवित्र छड़ी का भी दर्शन कर सकेंगे। श्री पंच दशनाम आवाहन अखाड़े के सैकड़ों महात्मा इस पवित्र छड़ी को लेकर प्रयागराज की ओर प्रस्थान कर चुके हैं।
हरिद्वार से शुरू हुई यह पावन छड़ी यात्रा अब अपने अंतिम चरण में है। यात्रा की अगुवाई श्री पंच दशनाम आवाहन अखाड़े के दादा जी धुनी वाले श्री महन्त गोपाल गिरी कर रहे हैं। महंत गोपाल गिरी ने बताया कि अखाड़े के निर्देशानुसार चार श्री महंत इस छड़ी के साथ चल रहे हैं। इनके साथ आवाहन अखाड़े के साधुओं का विशाल जत्था भी है। यह पवित्र छड़ी यात्रा 1 जनवरी 2025 को प्रयागराज महाकुम्भ पहुंचेगी, जहां विभिन्न स्थानों पर अखाड़ों के साधु-संत और श्रद्धालु भव्य स्वागत करेंगे।
पवित्र छड़ी यात्रा की ऐतिहासिक शुरुआत
पवित्र छड़ी यात्रा की शुरुआत के 1220 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस यात्रा की ऐतिहासिकता को बताते हुए श्री महन्त गोपाल गिरी ने कहा कि आदिगुरु शंकराचार्य जी के नेतृत्व में 1220 वर्ष पूर्व अखाड़ा श्री शम्भू पंच दशनाम आवाहन नागा सन्यासी के 550 महात्माओं और श्री महंतों ने भारत के सनातन धर्म के मंदिरों का जीर्णोद्धार करने के उद्देश्य से इस यात्रा की शुरुआत की थी।
इस बार प्रयाग महाकुम्भ में अखाड़ा श्री शम्भू पंच दशनाम आवाहन नागा सन्यासी को 1478 वर्ष पूरे हो रहे हैं। 2025 में अखाड़ा 123वां महाकुम्भ स्नान करेगा, जिसमें पवित्र छड़ी भी शामिल होगी।
दर्शन का विशेष अवसर
महंत गोपाल गिरी ने बताया कि यह पवित्र छड़ी 1 जनवरी 2025 से लेकर 27 फरवरी 2025 तक प्रयागराज महाकुम्भ में आवाहन अखाड़े के छावनी में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखी जाएगी। इस दौरान श्रद्धालु पवित्र छड़ी के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य कर सकेंगे।
















