कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने ग्राहकों को नए साल में बड़ी सौगात देने का ऐलान किया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत संचालित इस संगठन ने घोषणा की है कि अगले साल से पीएफ खाते से सीधे एटीएम के जरिए पैसे निकालने की सुविधा मिलेगी। यह कदम पीएफ सदस्यों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा और वित्तीय लेनदेन को सरल और सुविधाजनक बनाएगा।
नई सुविधा की विशेषताएं-
श्रम सचिव सुमिता डावरा के अनुसार, ईपीएफओ अपनी आईटी प्रणाली को उन्नत कर रहा है, जिससे पीएफ दावेदारों और लाभार्थियों को न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ अपनी जमा राशि निकालने का अवसर मिलेगा। जनवरी 2025 से, पीएफ निकासी के लिए एक विशेष कार्ड जारी किया जाएगा। इस कार्ड के माध्यम से सदस्य एटीएम का उपयोग करके सीधे अपने खाते से पैसा निकाल सकेंगे।
हालांकि, एटीएम से निकासी की सीमा कुल जमा राशि के 50% तक सीमित होगी। यह सीमा ग्राहकों को अपने भविष्य निधि को सुरक्षित रखने और इसे अत्यधिक उपयोग से बचाने के उद्देश्य से तय की गई है। ईपीएफओ ने पहले ही अपने सिस्टम में कई सुधार किए हैं और यह नई सुविधा उसी दिशा में एक और कदम है। इस सुविधा के लागू होने से पीएफ निकालने की प्रक्रिया और तेज हो जाएगी।
वर्तमान में, नौकरी करते समय पीएफ खाते से आंशिक या पूर्ण निकासी की अनुमति नहीं है। लेकिन बेरोजगारी की स्थिति में कुछ विशेष परिस्थितियों में पीएफ निकासी की जा सकती है-
एक महीने की बेरोजगारी-
पीएफ बैलेंस का 75% तक निकाला जा सकता है।
दो महीने की बेरोजगारी-
संपूर्ण शेष राशि निकालने की पात्रता।
हाल ही में यह भी चर्चा है कि श्रम मंत्रालय कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस-95) में सुधार कर सकता है। इसके तहत ईपीएफओ सदस्यों को अधिक पेंशन के लिए अधिक अंशदान करने की अनुमति दी जा सकती है।
भारत में ईपीएफओ के 70 मिलियन से अधिक सक्रिय अंशधारक हैं। वर्तमान में, नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के योगदान से पीएफ खाते में रकम जमा होती है।
- कर्मचारी का योगदान- वेतन का 12%
- नियोक्ता का योगदान- 12%, जिसमें से 8.33% ईपीएस-95 में और 3.67% ईपीएफ खाते में जमा होता है।














