कौन हैं जॉन निकॉल्सन जिस पर भारत सरकार ने लिया एक्शन, 'राष्ट्रीय महत्व के स्मारक' सूची से हटाया नाम
July 25, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

कौन हैं जॉन निकॉल्सन जिस पर भारत सरकार ने लिया एक्शन, ‘राष्ट्रीय महत्व के स्मारक’ सूची से हटाया नाम

बता दें कि उसका व्यवहार भारत के लोगों के प्रति बहुत ही बुरा था। वह भारतीयों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करता था और उन्हें बहुत कड़ी सजा देता था. उसे कई इतिहासकार मनोरोगी भी कहते हैं। जानिए उसकी क्रूरता और विवादित घटनाएं

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा
Dec 6, 2024, 06:50 am IST
in भारत, विश्लेषण, दिल्ली

भारत सरकार द्वारा कुछ स्मारकों को “राष्ट्रीय महत्व के स्मारक” के रूप में निर्धारित किया गया है। प्रश्न यह उठता है कि आखिर ये स्मारक कौन से होते हैं और क्या विशेषता होती है जो उन्हें राष्ट्रीय महत्व का स्मारक बताते हैं? ये वे स्मारक होते हैं, जो कम से कम 100 वर्ष पुराने होते हैं। उनकी कुछ महत्वपूर्ण ऐतिहासिक, पुरातात्विक या कलात्मक महत्ता होनी चाहिए और वे ऐसी इमारत हों जिनसे जनता को किसी भी प्रकार की आपत्ति न हो।

ऐसा ही एक स्मारक था जॉन निकॉल्सन की एक प्रतिमा, जो दिल्ली मे कश्मीरी गेट के पास लगी है, जहां पर निकॉल्सन 1857 की क्रांति के दौरान मारा गया था। जॉन निकॉल्सन की प्रतिमा को हालांकि वर्ष 1947 के बाद हटाया जा चुका था, मगर फिर भी उस स्थान को अभी तक राष्ट्रीय महत्व के स्मारक के रूप में चिन्हित किया गया था। इसे वर्ष 1913 में राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया गया था। मगर अब पूरे 111 वर्षों के बाद इस स्थल से यह पहचान ले ली गई है।

कौन था जॉन निकॉल्सन

यह प्रश्न उठता है कि आखिर जॉन निकॉल्सन था कौन? जॉन निकॉल्सन आयरलैंड से आया एक ब्रिटिश अधिकारी था, जो ईस्ट इंडिया कंपनी में काम करता था। उसने पहला अफ़गान युद्ध लड़ा था और उसके पास कश्मीर और पंजाब में प्रशासनिक भूमिकाएं थीं। निकॉल्सन ने वर्ष 1848-49 के दौरान दूसरे सिख युद्ध में भी हिस्सा लिया था।

उसका व्यवहार भारत के लोगों के प्रति बहुत ही बुरा था। वह भारतीयों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करता था और उन्हें बहुत कड़ी सजा देता था और यही कारण है कि उसे कई इतिहासकार मनोरोगी भी कहते हैं।

मगर भारत में एक समय ऐसा भी था, जब लोग ऐसे इंसान को जो भारत में रहने वाले लोगों का ही अपमान करता था, उसे जीवित देवता मानते थे। कुछ ही समय पहले जॉन निकॉल्सन के जीवन पर एक पुस्तक का प्रकाशन हुआ था। उस पुस्तक में लिखा है कि जॉन निकॉल्सन ने अपने करियर के अधिकांश समय भारत के विवादित और खतरनाक उत्तर-पश्चिमी सीमांत क्षेत्र में काम किया और यहीं पर उसकी प्रतिष्ठा इतनी बढ़ गई कि महान देवता “निकल सेन” की पूजा के लिए समर्पित एक नया पंथ ही आरंभ हो गया।

independent.co.uk में प्रकाशित इस किताब की समीक्षा में लिखा है कि हालांकि जॉन निकॉल्सन के सहकर्मी इस घटना से बहुत खुश हो गए थे मगर निकॉल्सन, जो एक कट्टर ईसाई था, और बाइबिल का एक अध्याय रोज पढ़ता था, उसने इस मूर्तिपूजा को अच्छी दृष्टि से नहीं लिया और उसने अपने अनुयाइयों को कोड़ों से मारा। मगर इसके बाद उनका विश्वास और भी गहरा हो गया कि वह एक देवता है और यह संप्रदाय अभी हाल तक भारत में रहा था।

जॉन निकॉल्सन की ज़िंदगी को कई लेखकों ने बहुत ही लोकप्रिय देशभक्ति वाली कविताओं में ढाला है और रुडयार्ड किपलिंग ने भी KIPLING’S INDIA में 1857 की क्रांति को सिपाही विद्रोह बताते हुए जॉन निकॉल्सन की वीरता की बात की है। उसने कश्मीरी गेट का भी उल्लेख किया है।

मगर यह एकतरफा कहानियाँ हैं। भारतीयों को माफ न करने का उसका व्यवहार कुख्यात था। दो घटनाएं इस पोर्टल पर दी गई हैं। एक घटना में एक भारतीय ने उसके सामने सड़क पर थूक दिया था। वह उसे अपना अपमान लगा था और उसने उस व्यक्ति से जबरन उसका अपना थूक चटवाया था।

दूसरी घटना में एक मस्जिद का इमाम उसे सलाम करना भूल गया तो उसने उस इमाम की दाढ़ी अपने हाथों से काट दी थी।

1857 की क्रांति के दौरान निकोलसन ने व्यक्तिगत रूप से आदेश दिया और रेजिमेंट के रसोइयों के एक पूरे समूह को बिना किसी जांच और सवालों के फांसी पर लटका दिया था क्योंकि उस सूप में जहर पाया गया था जिसे वे उसके अधिकारियों के लिए तैयार कर रहे थे।

जहर किसने मिलाया, इसकी जांच नहीं की गई, पड़ताल नहीं की गई और पूरी रेजीमेंट के रसोइयों को फांसी पर लटका दिया गया था। उसे इतिहासकार ऐसे गुंडे के रूप में बताते हैं जिसे दूसरों को कष्ट में देखकर खुशी मिलती थी।

ऐसे जॉन निकॉल्सन की मूर्ति जरूर आयरलैंड में पहुँच गई है, मगर उसकी मौत की जगह को अभी तक राष्ट्रीय महत्व का स्थान बनाए रखना भारतीयों के साथ बहुत बड़ा अन्याय था। लोगों को तो पता भी नहीं होगा कि ऐसे स्थलों को राष्ट्रीय महत्व के स्मारक के रूप में अभी तक मान्यता दे रखी थी।

Topics: John Nicholson National Monumentनिकॉल्सन की क्रूर घटनाएंकश्मीरी गेट निकॉल्सन प्रतिमाNicholson's Brutal IncidentsKashmiri Gate Nicholson Statueजॉन निकॉल्सन भारत में भूमिकाJohn Nicholson Role in Indiaजॉन निकॉल्सन की मृत्यु स्थानजॉन निकॉल्सन इतिहासJohn Nicholson Death SiteJohn Nicholson Historyजॉन निकॉल्सन की क्रूरता1857 की क्रांति और जॉन निकॉल्सनJohn Nicholson's Cruelty1857 Revolt and John Nicholsonनिकॉल्सन और भारतीयों का अपमानजॉन निकॉल्सन राष्ट्रीय स्मारकNicholson and Indian Insults
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

No Content Available
Load More

ताज़ा समाचार

CJI Surya Kant Supreme Court Student Protest Delhi Police CJP Panchjanya

“बिना तथ्य जांचे चलाई झूठी खबर”: छात्र प्रदर्शन पर CJI सूर्यकांत की कड़ी टिप्पणी, दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा!

CM Pushkar Singh Dhami Uttarakhand State Wildlife Board Meeting Dehradun Panchjanya

“वन्यजीव पर्यटन से बढ़ेगी स्थानीय लोगों की कमाई”: सीएम धामी का बड़ा फैसला, मानव-वन्यजीव संघर्ष पर दिए सख्त निर्देश!

Uttarakhand Police Suspended Constable Sher Singh CJP Protest Jantar Mantar Delhi Panchjanya

CJP आंदोलन के मंच से ‘इस्तीफे’ का ड्रामा! उत्तराखंड पुलिस के सस्पेंड सिपाही शेर सिंह के झूठ की खुली पोल

Dehradun Rispana River Rejuvenation Sabarmati Model Rishiparna Master Plan Panchjanya

साबरमती की तर्ज पर चमकेगी देहरादून की ऋषिपर्णा: ‘मिशन रिस्पना’ का बना 10 KM का मास्टर प्लान, बदलेगी तस्वीर!

Lucknow Fake Apple Customer Support International Call Center Busted Vibhuti Khand Police Panchjanya

“Apple Customer Support” के नाम पर US नागरिकों से ठगी: लखनऊ में फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार!

Barabanki Gulfam Murder Case Mohammad Sahil Arrested Kothi Police Panchjanya

बाराबंकी में गुलफाम हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: मोहम्मद साहिल गिरफ्तार, झाड़ियों से मिले अवशेष व कपड़े!

Uttarakhand Almora Salt GIC Bangidhar Teacher Arzoo Afroz Ansari Cut Students Hair Panchjanya

उत्तराखंड में मुस्लिम शिक्षिका की शर्मनाक करतूत: 5 छात्रों के चाकू से काटे बाल और ब्लेड से फाड़ी ड्रेस, मची खलबली!

हिमंत बिस्व सरमा, मुख्यमंत्री, असम

असम में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर, सामान्य से 400 फीसदी अधिक वर्षा बनी बड़ी वजह: मुख्यमंत्री

रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय

भारत ने चीन के दावों को किया खारिज, कहा- संप्रभुता के मुद्दे पर सवाल उठाने का अधिकार वास्तव में भारत का

रणधीर जायसवाल

भारत ने पाकिस्तान के जानबूझकर बाढ़ लाने के दावों का खंडन किया

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies