'राम जन्मभूमि विवाद का समाधान भगवान ने निकाला' : CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने अपना अनुभव साझा कर कहा- आस्था से मिलता है मार्ग
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‘राम जन्मभूमि विवाद का समाधान भगवान ने निकाला’ : CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने अपना अनुभव साझा कर कहा- आस्था से मिलता है मार्ग

श्री राम जन्मभूमि केस की सुनवाई के बारे में बताते हुए सीजेआई ने बताया कि मैं भगवान के सामने बैठा और उनसे प्रार्थना की। उन्होंने कहा- यदि आप में आस्था है, तो भगवान हमेशा कोई रास्ता निकालेंगे।

Written byShivam DixitShivam Dixit
Oct 21, 2024, 12:01 am IST
in भारत, महाराष्ट्र
भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़: "भगवान ने राम जन्मभूमि विवाद का समाधान निकाला"

भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़: "भगवान ने राम जन्मभूमि विवाद का समाधान निकाला"

पुणे । भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने रविवार को एक विशेष अवसर पर अपने पैतृक गांव कन्हेरसर में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि इस विवाद का समाधान भगवान की कृपा से संभव हुआ। सीजेआई चंद्रचूड़ ने पुणे के खेड़ तालुका स्थित कन्हेरसर गांव में सम्मान समारोह के दौरान कहा कि उनके पास अक्सर ऐसे मामले आते हैं जिनका समाधान कठिन होता है, और राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद भी ऐसा ही एक मामला था।

भगवान से की प्रार्थना

सीजेआई चंद्रचूड़ ने अपने संबोधन में कहा, “अयोध्या विवाद मेरे सामने तीन महीने तक चला, और यह बेहद संवेदनशील मामला था। मैं भगवान के सामने बैठा और उनसे प्रार्थना की कि वे इस विवाद का कोई समाधान खोजें।” उन्होंने अपनी आस्था पर बल देते हुए कहा, “यदि आप में आस्था है, तो भगवान हमेशा कोई रास्ता निकालेंगे।”

इस ऐतिहासिक मामले पर फैसला सुनाने वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ में शामिल सीजेआई चंद्रचूड़ ने उस समय की कठिनाइयों का जिक्र करते हुए बताया कि यह मामला अत्यधिक पेचीदा था, लेकिन आस्था और समर्पण से इसे सुलझाया जा सका।

ऐतिहासिक फैसला

9 नवंबर, 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया। तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में पांच-न्यायाधीशों की पीठ ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। इसी फैसले में अदालत ने अयोध्या में एक वैकल्पिक पांच एकड़ जमीन पर मस्जिद बनाने का भी आदेश दिया। यह मामला एक सदी से भी अधिक समय से विवादों में घिरा था, और इस फैसले ने अंततः एक समाधान प्रदान किया। सीजेआई चंद्रचूड़ भी इस महत्वपूर्ण पीठ का हिस्सा थे।

राम मंदिर में पूजा

संयोग से, इस साल जुलाई में, सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने अयोध्या का दौरा किया और राम मंदिर में पूजा-अर्चना की। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य कार्यक्रम जनवरी 2024 में हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए थे।

न्यायिक जिम्मेदारी और आस्था

अपने संबोधन में, सीजेआई चंद्रचूड़ ने न्यायिक जिम्मेदारियों के साथ व्यक्तिगत आस्था का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका का काम समाधान ढूंढना है, लेकिन कई बार आस्था भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद इसका जीवंत उदाहरण है, जहां संवेदनशीलता के बावजूद एक निष्पक्ष और न्यायसंगत फैसला सुनाया गया।

उन्होंने कहा, “यदि आप ईश्वर में विश्वास रखते हैं, तो कठिन से कठिन परिस्थिति में भी एक रास्ता मिल जाएगा।”

सम्मान समारोह

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ का यह संबोधन उनके पैतृक गांव कन्हेरसर में हुआ, जहां गांववासियों ने उन्हें उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर सीजेआई ने गांव के लोगों से भी आस्था, एकता और समर्पण का संदेश साझा किया।

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Shivam Dixit
Shivam Dixit
अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार। वर्ष 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत। प्रिंट, TV और डिजिटल मीडिया संस्थानों में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया। भारत की प्रथम SMS समाचार एजेंसी "न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया" (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, डिजिटल मीडिया के अनोखे प्रोजेक्ट "इंडियाज़ पेपर" का नेतृत्व करते हुए 500 समाचार वेबसाइटों का प्रबंधन किया। भारत के अलग अलग राज्यों के लगभग 1000 स्थानीय पत्रकारों से जुड़ा यह प्रोजेक्ट "लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स" में दर्ज है। वर्ष 2022 से राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं। शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे- नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं। उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी "अंसार खान" की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। [Read more]
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