राष्ट्र ने खोया अपना ‘रतन’
June 23, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम श्रद्धांजलि

राष्ट्र ने खोया अपना ‘रतन’

उद्योगपति श्री रतन नवल टाटा के निधन का समाचार आते ही भारत के आम जन में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई। 1961 में उन्होंने टाटा स्टील से अपने कॅरियर की शुरुआत की थी।

Written byPanchjanyaPanchjanya
Oct 14, 2024, 12:38 pm IST
in श्रद्धांजलि

प्रसिद्ध उद्योगपति श्री रतन नवल टाटा नहीं रहे। उन्होंने 9 अक्तूबर को मुंबई स्थित ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। 87 वर्षीय श्री टाटा दो दिन पहले ही अस्वस्थ हुए थे। उनके निधन का समाचार आते ही भारत के आम जन में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई। 1961 में उन्होंने टाटा स्टील से अपने कॅरियर की शुरुआत की थी।

1991 से 2012 तक वे टाटा समूह के अध्यक्ष और अक्तूबर, 2016 से फरवरी, 2017 तक अंतरिम अध्यक्ष रहे। उन्होंने अपनी दूरदृष्टि से टाटा समूह को देश-दुनिया में विस्तार दिया। इसके साथ ही वे देश और समाज की सेवा में सदैव आगे रहे। यही कारण है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपनी श्रद्धांजलि देते हुए एक्स पर लिखा, ‘‘रतन टाटा एक दूरदर्शी बिजनेस लीडर, दयालु आत्मा और एक असाधारण मानव थे। उन्होंने भारत के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित व्यापारिक घरानों में से एक को स्थिर नेतृत्व प्रदान किया। अपनी विनम्रता, दयालुता और समाज को बेहतर बनाने के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के कारण वे कई लोगों के प्रिय बन गए। वे शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, स्वच्छता, पशु कल्याण, जैसे मुद्दों का समर्थन करने में सबसे आगे थे। … उनके निधन से बेहद दु:ख हुआ। दु:ख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के साथ हैं। ऊं शांति:।’’ वहीं वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने अपने शोक संदेश में कहा, ‘‘मैं भारतीय उद्योग जगत के दिग्गजों में से एक श्री रतन टाटा के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।

भारतीय व्यापारिक घरानों में टाटा एक ऐसा घराना है जिसकी मैं सबसे अधिक प्रशंसा करता हूं। और यह रतन टाटा के अपार समर्पण, दूरदर्शिता और ईमानदारी के कारण है जिसके साथ उन्होंने कई दशकों तक टाटा समूह को गौरव की ओर अग्रसर किया। इस प्रकार उन्होंने भारतीय उद्योग जगत पर एक अमिट छाप छोड़ी। रतन टाटा जी के साथ मेरी आखिरी बातचीत इस साल फरवरी में हुई थी, जब मुझे उनका एक गर्मजोशी भरा पत्र मिला था, जिसमें उन्होंने मुझे भारतरत्न से सम्मानित किए जाने पर बधाई दी थी। उनकी गर्मजोशी, उदारता और दयालुता हमेशा बहुत भायी। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें। …ओम शांति:।’’

श्री रतन टाटा का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से गहरा नाता रहा था। 28 दिसंबर,2016 को उन्होंने अपना जन्मदिन संघ कार्यालय, नागपुर में मनाया था। इस अवसर पर सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत भी उपस्थित थे। इस दौरान श्री रतन टाटा डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर भी गए थे। वहां उन्होंने डॉ.हेडगेवार और श्रीगुरुजी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया था। रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर, 1937 को नवल टाटा और सोनी टाटा के घर हुआ था। उन्होंने 1962 में कॉर्नेल विश्वविद्यालय से वास्तुकला में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उनके पिता नवल टाटा एक सफल उद्योगपति थे और उन्होंने टाटा समूह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

सामाजिक कार्य

रतन टाटा परोपकार और समाज सेवा के कार्यों के लिए भी प्रसिद्ध थे। उन्होंने टाटा ट्रस्ट और टाटा फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और तकनीकी नवाचारों के क्षेत्र में बड़ा योगदान दिया। उन्होंने देशभर में विद्यालयों और महाविद्यालयों की स्थापना में विशेष रुचि दिखाई। टाटा ट्रस्ट ने स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पतालों में भी निवेश किया। कैंसर, एड्स जैसी बीमारियों के निदान के लिए टाटा ट्रस्ट के योगदान को कौन नहीं जानता है। रतन टाटा अविवाहित थे। ऐसे भारतभक्त को पाञ्चजन्य परिवार की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि।

नागपुर में स्मृति मंदिर में डॉ. हेडगेवार की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते श्री रतन टाटा (फाइल चित्र)

राष्ट्र सेविका समिति की श्रद्धाञ्जलि

प्रेरणादायी जीवन

राष्ट्र सेविका समिति ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पद्म विभूषण श्री रतन टाटा जी अपने नाम जैसे ही एक अमूल्य रत्न थे। प्रसिद्ध उद्योगपति तथा समाजसेवी श्री रतन जी एक राष्ट्रभक्त थे। टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष श्री रतन जी ने भारतीय औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए अपना संपूर्ण योगदान दिया। श्रेष्ठ चिंतक श्री रतन जी नए-नए आविष्कारों के लिए तरुण पीढ़ी को प्रोत्साहन देते थे। उनके कार्य से भारत की अर्थव्यवस्था ने उच्च शिखर को छुआ। अनुशासित तथा प्रामाणिक व्यक्तित्व के धनी थे श्री रतन टाटा। अपनी ही कंपनी में कर्मचारी बनकर काम करने वाले और अपने व्यावसाय से होने वाली आय का 60 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा समाजहित के लिए दान करने वाले श्री रतन जी टाटा का जीवन अनेक लोगों के लिए प्रेरणादायक रहा है। अंतिम क्षण तक सरल तथा निस्पृह जीवन बिताने वाले श्री रतन जी को राष्ट्र सेविका समिति कीओर से विनम्र श्रद्धांजलि।

रा.स्व.संघ की श्रद्धाञ्जलि

विनम्रता की मूर्ति

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत और सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले ने अपने शोक संदेश में कहा कि देश के सुप्रसिद्ध उद्योगपति श्री रतन टाटा का निधन समस्त भारतवासियों के लिए अत्यंत दु:खद है। उनके निधन से भारत ने एक अमूल्य रत्न को खोया है। भारत की विकास यात्रा में रतन टाटा का योगदान चिरस्मरणीय रहेगा। उद्योग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नई व प्रभावी पहल के साथ ही कई श्रेष्ठ मानकों को उन्होंने स्थापित किया। समाज के हितों के अनुकूल सभी प्रकार के कार्यों में उनका सतत सहयोग तथा सहभागिता बनी रही। राष्ट्र की एकात्मता व सुरक्षा की बात हो या विकास के कोई पहलू हो अथवा कार्यरत कर्मचारियों के हित का मामला हो रतन जी अपनी विशिष्ट सोच व कार्य से प्रेरणादायी रहे। अनेक ऊंचाइयों को छू लेने के पश्चात् भी उनकी सहजता एवं विनम्रता की शैली अनुकरणीय रहेगी। हम उनकी पावन स्मृतियों का विनम्र अभिवादन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को सद्गति प्रदान करें, यही प्रार्थना।

Topics: SarsanghchalakShri Mohanrao Bhagwatश्री दत्तात्रेय होसबालेसरकार्यवाहSarkaryavahShri Dattatreya Hosabaleटाटा समूह के अध्यक्षराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघउद्योगपति श्री रतन नवल टाटाRashtriya Swayamsevak SanghChairman of Tata GroupसरसंघचालकIndustrialist Shri Ratan Naval Tataश्री मोहनराव भागवत
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार

राष्ट्र-चिंतक डॉ. हेडगेवार

मानसा में आयोजित संघ वर्ग में जीरो वेस्ट मॉडल से पर्यावरण संरक्षण की जगाई अलख

छत्रपति शिवाजी महाराज

छत्रपति शिवाजी महाराज से संघ तक: राष्ट्र पुनर्निर्माण की वह विचारधारा जिसे जानना जरूरी है

श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

महाराणा प्रताप का जीवन लोककल्याण, आदर्श शासन और राष्ट्रीय अस्मिता की रक्षा का उदाहरण है : सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत

श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

भारत का इतिहास गुलामी का नहीं, बल्कि आक्रांताओं के विरुद्ध सतत संघर्ष का रहा है : सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत

श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

राष्ट्र चेतना संकल्प सभा : उदयपुर पहुंचे सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत

Load More

ताज़ा समाचार

Shyama Prasad Mukherjee की मौत की जांच से Nehru क्यों डरे?

dr Shyama prasad Mukharjee mystirious death

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की रहस्यमयी मौत की अबूझ पहेली

गिरफ्तारी, अत्याचार और भय के माहौल में गुजरती थी रातें – hitler gandhi

महबूबा मुफ्ती

खीर भवानी मंदिर में महबूबा मुफ्ती: क्या उन कुछ लोगों के नाम बताएंगी,  जिन्होंने हिंदुओं के खिलाफ मस्जिदों से नारे लगवाए

gyan bharatam mission tikamgarh ancient manuscripts jambudweep map found

टीकमगढ़ : सामने आईं 825 प्राचीन पांडुलिपियां, ब्रह्मांड विज्ञान और ‘जम्बूद्वीप’ के नक्शे ने विशेषज्ञों को चौंकाया

delhi sikh delegation meets cm pushkar-singh dhami chamoli police action investigation

देहरादून: दिल्ली सिख प्रतिनिधिमंडल ने की CM धामी से मुलाकात, चमोली घटना पर की चर्चा, DIG को सौंपी जांच

श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

‘राष्ट्र अपने वास्तविक नायकों को कभी नहीं भूलता’

Pakistan Mardan Sikh Couple Murder Gurdwara Security Police Constable Arrested JIT Investigation

पाकिस्तान के गुरुद्वारे में सिख दम्पत्ति की हत्या: सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात कॉन्स्टेबल शेरशाह मुख्य आरोपी

cm pushkar singh dhami directions chardham hemkund sahib yatra safety fake news

“श्रद्धालुओं का रखें विशेष ध्यान, भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई”- CM पुष्कर सिंह धामी

Punjab BJP Leader Petrol Bomb Attack Bathinda Gangster Shahzad Bhatti Police Investigation

पंजाब में बड़ा दुस्साहस: बठिंडा में BJP नेता के क्लीनिक पर बम से हमला, पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने ली जिम्मेदारी

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies