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वीडियो चैनलों पर विज्ञापन पाने की राह

समाचार दिखाने वाले चैनल के व्यूज भले 50 लाख हों लेकिन उसकी आय ऐसे किसी चैनल से कम हो सकती है जिसके व्यूज सिर्फ पांच लाख हों। इसके पीछे अनेक कारक प्रभावी हो सकते हैं

Written byबालेन्दु शर्मा दाधीचबालेन्दु शर्मा दाधीच
Oct 4, 2024, 01:50 pm IST
in विज्ञान और तकनीक

कुछ दिन पहले अमेरिका में रहने वाले एक अनिवासी भारतीय ने, जो खुद भी एक यूट्यूब चैनल चलाते हैं, भारत के एक बेहद सफल हिंदी यूट्यूब चैनल पर सनसनीखेज आरोप लगाया। अनिवासी भारतीय ने कहा कि उसने भारतीय यूट्यूब चैनल से उनका साक्षात्कार रिकॉर्ड करने के लिए कहा तो ऐसा करने के लिए उनसे सात लाख रुपए की मांग की गई। हो सकता है, कुछ लोगों के लिए यूट्यूब से धन कमाने का यह भी एक जरिया हो, जो पूरी तरह से अनुचित है। लेकिन इस माध्यम पर वैध तथा जायज तरीकों से भी धन कमाने के अनेक तरीके हैं जिनका उपयोग सफल यूट्यूब चैनल भी कर सकते हैं और वे भी जिनके पास अभी सबस्क्राइबरों की संख्या सीमित है। मान लीजिए कि आपने ऐसा एक चैनल बना लिया, तो उसमें धन कब और कैसे आएगा?

सामान्य वीडियो : ऐसे वीडियो बनाने वाले क्रिएटर यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम के सदस्य बन सकते हैं। इसकी पात्रता नए यूट्यूबरों के लिए कुछ कठिन है। पहली शर्त यह है कि यूट्यूबर के वीडियो को देखे जाने की कुल अवधि पिछले एक साल में कम से कम 4000 घंटे की होनी चाहिए। दूसरी शर्त यह कि उनके चैनल पर कम से कम एक हजार सबस्क्राइबर होने चाहिए। यह कार्यक्रम भारत में उपलब्ध है, हालांकि अनेक देशों में उपलब्ध नहीं है। इस कार्यक्रम के तहत आपको मिलने वाली धनराशि ज्यादातर उन विज्ञापनों के जरिए आती है जिन्हें आपके चैनल पर यूट्यूब की तरफ से दिखाया जाता है। याद रहे, आपको गूगल के एडसेन्स कार्यक्रम की भी सदस्यता लेनी होगी।

यूट्यूब शॉर्ट्स : इस तरह के वीडियो के भीतर विज्ञापन दिखाए जाने की गुंजाइश नहीं होती क्योंकि वीडियो खुद ही 60 सेकंड तक के आकार के होते हैं। लेकिन दो वीडियो के बीच में विज्ञापन दिखाए जा सकते हैं। इस तरह के विज्ञापनों से अर्जित होने वाली राशि का एक हिस्सा यूट्यूब चैनलों के बीच वितरित करने के लिए क्रिएटर पूल (समूह) में रखा जाता है। फिर इसमें से एक निश्चित धनराशि यूट्यूबरों तक पहुंचती है। इस धनराशि के वितरण में यूट्यूब शॉर्ट्स को देखे जाने (व्यूज) की संख्या को अहमियत दी जाती है। लेकिन जब तक आपके शॉट्स के व्यूज की संख्या कुछ लाख में न हो तब तक इससे कोई विशेष आय मिलने की आशा न करें।

अपने चैनल से विज्ञापन-आय शुरू करने के लिए आपको यूट्यूब की वेबसाइट पर मौजूद यूट्यूब स्टूडियो नामक खंड में जाकर धनीकरण (मॉनेटाइजेशन) के लिए आवेदन करना होता है। इसे मंजूर करने से पहले यूट्यूब आपके चैनल और वीडियो सामग्री का मूल्यांकन तथा समीक्षा करता है और कुछ दिन बाद आवेदन को स्वीकृत अस्वीकृत करने की सूचना देता है।

यूट्यूब पर कितनी आय हो जाती है? इस सवाल का कोई स्पष्ट जवाब नहीं हो सकता। किस वीडियो से कितनी आय होगी, यह बहुत सारे कारकों पर निर्भर करता है। पहला मापदंड है आपके व्यूज की संख्या। दूसरा मापदंड है उस पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों की श्रेणी। अलग-अलग विषय (जैसे तकनीक, समाचार, शेयर बाजार या सोना-चांदी) पर आधारित विज्ञापनों के लिए यूट्यूब अपने विज्ञापनदाताओं से अलग-अलग दर पर शुल्क वसूलता है।

आपके चैनल पर किस श्रेणी के कितने विज्ञापन आए, यह काफी हद तक आपकी आय को तय करेगा। कितने विज्ञापनों को दर्शकों ने पूरा देखा और किनको अनदेखा (स्किप) कर दिया, इस पर भी आपकी आय निर्भर करती है। ऐसे ही अन्य मापदंड हैं- विज्ञापनों की भाषा, विज्ञापनदाता कंपनी का देश और कितने विज्ञापनों ने दर्शकों को खरीदारी के लिए भेजा (क्लिक)। हो सकता है कि समाचार दिखाने वाले चैनल के व्यूज 50 लाख हों लेकिन उसकी आय ऐसे किसी चैनल से कम हो जिसके व्यूज सिर्फ पांच लाख हैं।
(लेखक माइक्रोसॉफ़्ट एशिया में वरिष्ठ अधिकारी हैं)

Topics: सबस्क्राइबरों की संख्यायूट्यूब शॉर्ट्सIndian YouTube channelsnumber of subscribersYouTube shortsयूट्यूब पार्टनर प्रोग्रामYoutube Partner Programभारतीय यूट्यूब चैनल
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